योग

फेफड़ों को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करने में सहायक हैं ये प्राणायाम
फेफड़ों को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करने में सहायक हैं ये प्राणायाम

जब फेफड़ों में विषाक्त पदार्थ जमा हो जाते हैं तो इससे उनकी कार्यक्षमता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और वे अच्छी तरह से नहीं फैलते हैं। इससे खून में ऑक्सीजन की कमी और अन्य कई तरह की सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

वॉटर रिटेंशन के प्रभाव को कम करने में सहायक हैं ये हस्त मुद्राएं, ऐसे करें अभ्यास
वॉटर रिटेंशन के प्रभाव को कम करने में सहायक हैं ये हस्त मुद्राएं, ऐसे करें अभ्यास

वॉटर रिटेंशन का मतलब शरीर में असामान्य रूप से पानी और नमक की मात्रा का बढ़ना है। इसके कारण व्यक्ति का वजन संतुलित नहीं रहता और विभिन्न अंगों में सूजन आने लगती है।

इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) बड़ी आंत से जुड़ी एक बीमारी है, जिससे ग्रस्त व्यक्ति को कई तरह की पाचन संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है और अगर लंबे समय तक इस बीमारी को हल्के में लिया जाए तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

जानिए ब्रोन्कियल मुद्रा के अभ्यास का तरीका, इसके लाभ और अन्य महत्वपूर्ण बातें
जानिए ब्रोन्कियल मुद्रा के अभ्यास का तरीका, इसके लाभ और अन्य महत्वपूर्ण बातें

योग में योगासन और प्राणायाम समेत कई ऐसी महत्वपूर्ण हस्त मुद्राएं हैं, जो स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभदायक हैं।

ब्रोंकाइटिस के प्रभाव को कम करने में सहायक हैं ये हस्त मुद्राएं, ऐसे करें अभ्यास
ब्रोंकाइटिस के प्रभाव को कम करने में सहायक हैं ये हस्त मुद्राएं, ऐसे करें अभ्यास

अगर कभी कीटाणु या संक्रमण की वजह से श्वसन नलियों में किसी भी प्रकार का संक्रमण, सूजन या बलगम की समस्या हो जाती है तो इस स्थिति को ब्रोंकाइटिस कहा जाता है।

शरीर के ऑक्सीजन स्तर को बढ़ाने में सहायक हैं ये हस्त मुद्राएं, जानिए अभ्यास का तरीका
शरीर के ऑक्सीजन स्तर को बढ़ाने में सहायक हैं ये हस्त मुद्राएं, जानिए अभ्यास का तरीका

सिर्फ कोरोना वायरस ही नहीं बल्कि कई ऐसे संक्रमण और बीमारियां हैं, जो ऑक्सीजन लेवल को प्रभावित कर सकती हैं, जिसके कारण व्यक्ति मौत के मुंह में भी जा सकता है।

अस्थमा रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद हैं ये ब्रीथिंग एक्सरसाइज
अस्थमा रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद हैं ये ब्रीथिंग एक्सरसाइज

अस्थमा सांस से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें शरीर के वायुमार्ग की अंदरूनी दीवारों में सूजन आ जाती है और ये सिकुड़ने लगती हैं।

अब MBBS छात्रों को कराई जाएगी योग की ट्रेनिंग, NMC ने जारी की गाइडलाइंस

04 May 2022

करियर
अब MBBS छात्रों को कराई जाएगी योग की ट्रेनिंग, NMC ने जारी की गाइडलाइंस

MBBS कोर्स में इस शैक्षणिक सत्र से छात्रों के लिए योग प्रशिक्षण को अनिवार्य कर दिया गया है।

आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

पहले के मुकाबले लोगों का स्क्रीन टाइम बढ़ गया है, फिर चाहें आप इसका कारण कोविड-19 के कारण घर पर ऑफिस का काम या फिर बच्चों की पढाई को मानें या फिर कोई अन्य, जो आंखों की रोशनी को प्रभावित कर सकता है।

सिरदर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
सिरदर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

काम के दबाव और दिनभर की भागदौड़ के कारण कई लोग मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं। इसकी वजह से उन्हें सिरदर्द की समस्या होने लगती है।

निमोनिया के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
निमोनिया के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

निमोनिया फेफड़ों में होने वाला एक संक्रमण रोग है, जो किसी भी उम्र के व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकता है। इस रोग के कारण फेफड़ों में सूजन आना, मवाद भरना और सांस लेने में तकलीफ जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं।

हार्ट ब्लॉकेज खोलने में सहायक हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
हार्ट ब्लॉकेज खोलने में सहायक हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

हार्ट ब्लॉकेज हृदय के इलेक्ट्रिकल सिग्नल से जुड़ी एक समस्या है। ये सिग्नल हृदय के धड़कने की गति को नियंत्रित करने का काम करते हैं और हृदय को पूरे शरीर में रक्त पहुंचाने में भी मदद करते हैं।

अनियमित पीरियड्स की समस्या से राहत दिलाने में सक्षम हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
अनियमित पीरियड्स की समस्या से राहत दिलाने में सक्षम हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

पीरियड्स एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसके दौरान महिलाओं को न केवल पेट दर्द, ऐंठन और मूड स्विंग्स बल्कि इसकी अनियमिता की समस्या से भी भी दो-चार होना पड़ता है।

मेनोपॉज के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
मेनोपॉज के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

मेनोपॉज महिलाओं के शरीर में होने वाला एक प्राकृतिक बदलाव है जो 45 से 55 साल की महिलाओं में होता है।

पीलिया रोग के जोखिमों को कम करने में सक्षम हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
पीलिया रोग के जोखिमों को कम करने में सक्षम हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

पीलिया लिवर से जुड़ा रोग है, जिससे ग्रस्ति व्यक्ति की त्वचा का रंग, श्लेष्मा झिल्ली (mucous membrane) और आंखों का रंग पीला हो जाता हैं।

आंखों को स्वस्थ रख सकते हैं ये प्राणायाम, जानिए इनके अभ्यास का तरीका
आंखों को स्वस्थ रख सकते हैं ये प्राणायाम, जानिए इनके अभ्यास का तरीका

आंखें चेहरे की खूबसूरती को बढ़ाने से लेकर रंग-बिरंगी दुनिया को निहारने तक में मदद करती हैं, लेकिन खराब दिनचर्या, खानपान में पोषक तत्वों की कमी और दूषित वातावरण का इन पर बुरा असर पड़ता है।

पेचिश के जोखिमों को कम करने में सक्षम हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
पेचिश के जोखिमों को कम करने में सक्षम हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

पेचिश पेट की बीमारी है, जो शिगेला नामक बैक्टीरिया और एटामोइबा हिस्टोलिटिका नामक पैरासाइट इंफेक्शन के कारण होती है।

क्लस्टर सिरदर्द के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
क्लस्टर सिरदर्द के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

क्लस्टर सिरदर्द एक दुर्लभ सिरदर्द है, जो काफी दर्दनाक होता है और महिलाओं की तुलना में इससे पुरुष अधिक प्रभावित होते हैं।

पैनिक अटैक से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभास
पैनिक अटैक से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभास

पैनिक अटैक एक ऐसी समस्या है, जिससे ग्रस्त व्यक्ति में अचानक डर लगने वाली भावना उत्पन्न हो जाती है, जो गंभीर रूप से शारीरिक प्रतिक्रियाओ को उत्तजेति करती है।

क्लस्टर सिरदर्द के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास
क्लस्टर सिरदर्द के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास

क्लस्टर सिरदर्द एक दुर्लभ सिरदर्द है, जो माइग्रेन की तुलना में अधिक दर्दनाक होता है और महिलाओं की तुलना में इससे पुरुष अधिक प्रभावित होते हैं।

वॉटर रिटेंशन के प्रभाव को कम करने में सहायक हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास
वॉटर रिटेंशन के प्रभाव को कम करने में सहायक हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास

वॉटर रिटेंशन का मतलब शरीर में असामान्य रूप से पानी और नमक की मात्रा का बढ़ना है। इसके कारण व्यक्ति का वजन संतुलित नहीं रहता और विभिन्न अंगों में सूजन आने लगती है।

गर्मियों के दौरान शरीर को ठंडक पहुंचा सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
गर्मियों के दौरान शरीर को ठंडक पहुंचा सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

गर्मी के मौसम में शरीर के साथ-साथ मन भी कुम्हलाने लगता है और गर्मी के कारण कई तरह की समस्याएं होने का भी खतरा बना रहता है।

लिवर सिरोसिस के जोखिम को कम करने में सहायक हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
लिवर सिरोसिस के जोखिम को कम करने में सहायक हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

लिवर सिरोसिस एक गंभीर रोग है, जो लिवर के टिश्यू को बुरी तरह प्रभावित करता है और लिवर की कार्यप्रणाली को बाधित करता है। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति का शरीर ठीक ढंग से काम नहीं कर पाता है।

ओवरथिंकिंग से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
ओवरथिंकिंग से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

अमूमन यह देखने में आता है कि जिन लोगों को अपनी जिंदगी से ढेरों शिकायतें होती हैं, वे हमेशा एक अजीब सा दबाव महसूस करते हैं और हर समय कुछ न कुछ सोचते रहते हैं, जिसके परिणामस्वरूप वे ओवर थिंकिंग की चपेट में आ जाते हैं।

पेट के कैंसर के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास
पेट के कैंसर के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास

कैंसर एक गंभीर बीमारी है। कैंसर कई तरह का होता है और इन्हीं में से एक है पेट का कैंसर।

फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं ये हस्त मुद्राएं, ऐसे करें अभ्यास
फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं ये हस्त मुद्राएं, ऐसे करें अभ्यास

बढ़ती उम्र के साथ-साथ हमारे फेफड़ों का स्वास्थ्य प्रभावित होने लगती है और इसके कारण सांस लेने में दिक्कत होना समेत कई फेफड़ों संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
पाचन क्रिया को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

पाचन क्रिया खाने को पचाकर इसे पोषक तत्वों में बदलती है।

कफ दोष को संतुलन में कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
कफ दोष को संतुलन में कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

आयुर्वेद मुख्य रूप से तीन (वात दोष, पित्त दोष और कफ दोष) जीवन शक्तियों पर आधारित होता है।

एलर्जिक राइनाइटिस के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
एलर्जिक राइनाइटिस के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

अगर समय रहते धूल-मिट्टी या फिर किसी जानवर की गंध से होने वाली एलर्जी का इलाज न किया जाए तो यह समस्या बढ़कर एलर्जिक राइनाइटिस का रूप ले लेती है, जिसके कारण कई तरह की समस्याएं शरीर को घेर लेती हैं।

स्लीप एपनिया के जोखिम कम करने वाले प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
स्लीप एपनिया के जोखिम कम करने वाले प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

स्लीप एपनिया से ग्रासित व्यक्ति को सोते वक्त सांस लेने में मुश्किल होती है और उसकी रात में बार-बार नींद खुलती है। हालांकि, कुछ प्राणायाम स्लीप एपनिया के रोगियों के लिए बेहतरीन हैं।

स्लीप एपनिया के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास
स्लीप एपनिया के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास

स्लीप एपनिया नींद से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है जिसके कारण व्यक्ति को सोते वक्त सांस लेने में मुश्किल होती है और उसकी रात में बार-बार नींद खुलती है।

एलर्जिक राइनाइटिस के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास
एलर्जिक राइनाइटिस के जोखिम कम करने में सहायक हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास

अगर आपको धूल-मिट्टी या किसी जानवर के आसपास रहने से छींके आनी शुरू हो जाती हैं तो ये एलर्जी के संकेत हैं।

वात दोष को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
वात दोष को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

आयुर्वेद मुख्य रूप से तीन जीवन शक्तियों पर आधारित होता है, जिन्हें पित्त दोष, वात दोष और कफ दोष के नाम से जाना जाता है और अगर इनमें से कोई दोष संतुलन में न हो तो शरीर कई तरह की बीमारियों से घिर सकता है।

माइग्रेन से परेशान हैं तो दवाओं की जगह करें ये हस्त मुद्राएं, मिलेगी राहत
माइग्रेन से परेशान हैं तो दवाओं की जगह करें ये हस्त मुद्राएं, मिलेगी राहत

माइग्रेन की बीमारी नाड़ीतंत्र की विकृति से उत्पन्न होती है, जिसकी वजह से बार-बार सिर के आधे भाग में दर्द होने लगता है।

एंग्जायटी पर काबू पाना चाहते हैं तो रोजाना इन प्राणायामों का करें अभ्यास
एंग्जायटी पर काबू पाना चाहते हैं तो रोजाना इन प्राणायामों का करें अभ्यास

एंग्जायटी एक मानसिक समस्या है, जिससे ग्रस्त व्यक्ति पर नकारात्मक भावनाएं इस कदर हावी होने लगती हैं कि उसे कई तरह के मानसिक और शारीरिक रोगों का सामना करना पड़ सकता है।

पित्त दोष को संतुलन में कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास
पित्त दोष को संतुलन में कर सकते हैं ये प्राणायाम, ऐसे करें अभ्यास

आयुर्वेद मुख्य रूप से तीन (वात दोष, पित्त दोष और कफ दोष) जीवन शक्तियों पर आधारित होता है।

साइनस की समस्या से राहत दिलाने में सहायक हैं ये हस्त मुद्राएं, ऐसे करें अभ्यास
साइनस की समस्या से राहत दिलाने में सहायक हैं ये हस्त मुद्राएं, ऐसे करें अभ्यास

साइनस नाक से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें बंद नाक, सिर में दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं होती हैं।

शरीर को मजबूती प्रदान करने में सहायक हैं ये हस्त मुद्राएं, ऐसे करें अभ्यास
शरीर को मजबूती प्रदान करने में सहायक हैं ये हस्त मुद्राएं, ऐसे करें अभ्यास

अममून लोग शरीर को मजबूत बनाने के लिए जिम का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह काम घर में ही कुछ आसान योग हस्त मुद्राओं का अभ्यास करके भी पूरा किया जा सकता है?

योग के क्षेत्र में में करियर बनाने के लिए करें ये कोर्स

06 Mar 2022

करियर
योग के क्षेत्र में में करियर बनाने के लिए करें ये कोर्स

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरूआत के बाद से देश-दुनिया में योग को तेजी से अपनाया जा रहा है।

जानिए वज्र मुद्रा के अभ्यास का तरीका, इसके लाभ और अन्य महत्वपूर्ण बातें
जानिए वज्र मुद्रा के अभ्यास का तरीका, इसके लाभ और अन्य महत्वपूर्ण बातें

वज्र मुद्रा मुख्य हस्त मुद्राओं में से एक है, जो शरीर के ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में बहुत मदद करती है।

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