
दिल को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कुछ देर करें मत्स्यासन, जानें फायदे और सही तरीका
क्या है खबर?
मत्स्यासन एक लोकप्रिय योगासन है, जो शरीर के लचीलापन और ताकत को बढ़ाता है। इस योग अभ्यास के जरिए दिल के स्वास्थ्य को भी फायदा पहुंचता है।
इस आसन को करने से हृदय में होने वाले रक्त प्रवाह में सुधार होता है और तनाव कम हो जाता है। इस लेख में हम जानेंगे कि मत्स्यासन को करने का सही तरीका क्या है।
साथ ही, हम समझेंगे कि इसके अभ्यास से दिल को स्वस्थ रखने में कैसे मदद मिलती है।
अभ्यास
मत्स्यासन करने का सही तरीका
इस आसान को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं। अब अपने पैरों को थोड़ा फैलाकर रखें। इसके बाद अपने हाथों को कमर के पीछे जोड़ लें।
अब सांस लेते हुए अपने सीने को ऊपर उठाने की कोशिश करें और सिर को पीछे की ओर झुकाएं, ताकि सिर जमीन पर लगे।
इस अवस्था में कुछ मिनट तक बने रहें और धीरे-धीरे वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं।
लाभ
जानिए यह दिल को कैसे पहुंचाता है फायदा
मत्स्यासन का अभ्यास करने से रक्त प्रवाह को बढ़ाने और बेहतर बनाने में मदद मिलती है। जब हम इस आसन को करते हैं तो हमारा सीना हल्का फैलता है, जिससे रक्त की गति बेहतर होती है।
इससे हृदय की कार्यक्षमता बढ़ती है और यह अधिक प्रभावी ढंग से काम करता है। इसके अलावा, यह आसन तनाव को कम करता है, जो हृदय रोग के खतरे को घटाने में मदद कर सकता है।
नियमितता
नियमित अभ्यास से मिलेंगे ये फायदे
कोई भी योगासन तभी असरदार होता है, जब उसका नियमित अभ्यास किया जाए। मत्स्यासन के लाभ हासिल करने के लिए इसे रोजाना करने का प्रयास करें।
इससे न केवल हृदय स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक स्थिति भी बेहतर होती है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन आता है और लोग अधिक ऊर्जावान महसूस करने लगते हैं।
इसके अलावा, यह आसन आपकी पाचन क्रिया को भी सुधारता है, जिससे संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है।
सावधानियां
मत्स्यासन करते समय बरतें ये सावधानियां
मत्स्यासन करते समय कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है, ताकि चोट से बचा जा सके। अगर आपकी पीठ या गर्दन में दर्द है तो इस आसन को न करें।
गर्भवती महिलाओं को भी यह आसन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, अगर किसी को उच्च रक्तचाप या हृदय रोग हो तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसे करें।
इसे करते समय जल्दबाजी न करें, वार्ना आप चोटिल हो जाएंगे और आपके पैर या हाथ में मोच आ जाएगी।