
प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक: जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है केंद्र
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक के जिम्मेदार पंजाब पुलिस के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार SPG (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) कानून के तहत जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रही है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को पंजाब सरकार से इस मामले की रिपोर्ट मांगी और सुरक्षा चूक के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा था।
पृष्ठभूमि
क्या है सुरक्षा में चूक का मामला?
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के भठिंडा से हुसैनीवाला जा रहे थे। उन्हें यह सफर हेलिकॉप्टर से तय करना था, लेकिन खराब मौसम के चलते ऐसा नहीं हो सका।
इसक बाद उनका काफिला सड़क मार्ग से आगे बढ़ गया। हुसैनीवाला से 30 किलोमीटर पहले प्रदर्शनकारियों ने सड़क को बंद कर रखा था। ऐसे में प्रधानमंत्री को 15-20 मिनट तक फ्लाईओवर पर खड़े रहना पड़ा था।
केंद्र सरकार ने इसे प्रधानमंत्री की सुरक्षा में गंभीर चूक माना है।
जानकारी
कार्रवाई की तैयारी में केंद्र- सूत्र
इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि भले ही राज्य सरकार घटना की जांच कर रही है, लेकिन केंद्र भी SPG कानून के तहत जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाने की तैयारी में है।
सूत्रों ने बताया बुधवार को जो हुआ, वह SGP कानून का साफ उल्लंघन है और केंद्र सरकार सुरक्षा में चूक के जिम्मेदार अधिकारियों को दिल्ली बुला सकती है या उनके खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की जांच शुरू करवा सकती है।
कानून
क्या कहता है SPG कानून?
SPG कानून का सेक्शन 14 में प्रावधान किया गया है कि प्रधानमंत्री की यात्रा के समय सभी राज्यों की सरकारों को SPG का सहयोग करना होगा। इसमें सभी केंद्र और राज्य सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों को शामिल किया गया है।
जानकारी के लिए बता दें कि 1988 के विशेष सुरक्षा दल अधिनियम के तहत पहले से बनी स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट (SPU) का नाम बदलकर SPG किया गया था। ऐसे SPG की शुरुआत हुई थी।
प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति ने घटना पर जताई चिंता
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा में हुई चूक की घटना पर चिंता व्यक्त की है। प्रधानमंत्री मोदी ने आज उनसे मिलकर उन्हें घटना से जुड़ी जानकारी दी थी।
उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी इस घटना के बारे में प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत की है। वहीं पूर्व राष्ट्रपति एचडी देवेगौड़ा ने अपनी प्रतिक्रिया में घटना पर हो रहे विवाद को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इतिहास से सबक सीखने को कहा है।
पुरानी घटनाए
क्या पहले राज्य के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई?
दिसंबर, 2020 में जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर पश्चिम बंगाल में कथित तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थकों ने हमला किया था, तब गृह मंत्रालय ने राज्य पुलिस के तीन अधिकारियों को दिल्ली तलब किया था।
मंत्रालय ने दक्षिण बंगाल रेंज के IG राजीव मिश्रा, प्रेसिडेंसी रेंज के DIG प्रवीण त्रिपाठी और उत्तर 24 परगना के SP भोलेनाथ पांडे को डेपुटेशन पर दिल्ली बुलाया था। हालांकि, राज्य सरकार ने उन्हें रिलीव नहीं किया।
जानकारी
पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव भी दिल्ली बुलाए गए
इसके बाद गृह मंत्रालय ने बंगाल के पुलिस महानिदेशक और मुख्य सचिव को बैठक के लिए दिल्ली बुलाया था। यहां भी राज्य सरकार ने उन्हें आने की अनुमति नहीं दी और कहा कि मामले की पहले से ही जांच चल रही है।