
इराक में अमेरिकी सैन्यअड्डे पर रॉकेट और मिसाइलों से हमला, कई सैनिक घायल
क्या है खबर?
मध्य-पूर्व में जारी तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अब इराक में अमेरिका के सैन्यअड्डे पर रॉकेट और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला हुआ है, जिसमें अमेरिका के कई सैनिक घायल हो गए हैं। इराकी सेना के भी कम से कम एक सैनिक के घायल होने की खबर है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह जानकारी दी है।
फिलहाल घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
अल असद
अल-असद एयरबेस पर हुआ हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ट्वीटर पर लिखा, '20 जनवरी को शाम साढ़े 6 बजे (स्थानीय समयानुसार) पश्चिमी इराक में अल-असद एयरबेस को निशाना बनाते हुए ईरान समर्थित आतंकवादियों ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें और रॉकेट दागे। अधिकांश मिसाइलों को बेस की वायु रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया, लेकिन कुछ सुरक्षा को भेदकर बेस को निशाना बनाने में कामयाब रही। कई अमेरिकी सैनिकों को सिर में चोट आई है। नुकसान का आकलन जारी है।'
हमला
'इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक' ने ली हमले की जिम्मेदारी
हमले की जिम्मेदारी 'इस्लामिक रेजिस्टेंस इन इराक' नामक संगठन ने ली है।
अमेरिका स्थित वॉशिंगटन इंस्टीट्यूट फॉर नियर ईस्ट पॉलिसी के अनुसार, ये इराक और ईरान के कई सशस्त्र समूहों को संगठन है, जो 2023 के अंत में उभरा था।
यह संगठन इराक और सीरिया में कई हमलों को अंजाम दे चुका है। 18 जनवरी को इसने कुवैत से उड़े एक अमेरिकी MQ9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया था।
हूती
अमेरिका ने फिर किया हूती ठिकानों पर हमला
अमेरिका ने शनिवार (21 जनवरी) को हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हमला कर 3 एंटी-शिप मिसाइलों को नष्ट कर दिया है। पिछले 10 दिनों में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर अमेरिका का ये 10वां हमला है।
अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन एफ किर्बी ने कहा कि अमेरिकी सेना ने 3 हूती मिसाइलों और लॉन्चरों को मार गिराया है। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि हमले में किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
प्लस
न्यूजबाइट्स प्लस
अल असद एयरबेस इराकी सशस्त्र बलों का बेस है, जो पश्चिमी इराक के अल अनबर गवर्नरेट में स्थित है। इसे कादिसियाह एयरबेस के नाम से भी जाना जाता है।
ऑपरेशन इराकी फ्रीडम के दौरान यह इराक में दूसरा सबसे बड़ा अमेरिकन मिलिट्री एयरबेस था। 2018 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस बेस का दौरा किया था। 2020 में अमेरिका ने यहां पेट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात किया था।