
अमेरिकी सेना के ऑपरेशन में मारा गया ISIS प्रमुख, परिवार सहित खुद को बम से उड़ाया
क्या है खबर?
खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) का प्रमुख अबू इब्राहिम अल-हाशिमी अल-क़ुरैशी बुधवार रात को सीरिया में अमेरिकी सेना के एक ऑपरेशन में मारा गया।
कुरैशी ने अमेरिकी सैनिकों के हाथ आने से पहले ही खुद को सुसाइड बम से उड़ा लिया। इस धमाके में उसके साथ-साथ उसके परिवार के लोग भी मारे गए जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि अमेरिका का ये ऑपरेशन दुनियाभर के आतंकी संगठनों के लिए चेतावनी है।
घटनाक्रम
इदलिब प्रांत के एक कस्बे की तीन मंजिला इमारत में रह रहा था कुरैशी
अमेरिकी सेना ने इस ऑपरेशन को उत्तर-पश्चिमी सीरिया के इदलिब प्रांत के आतमेह कस्बे में अंजाम दिया।
बुधवार आधी रात को अमेरिकी सैनिक हेलीकॉप्टर्स से यहां स्थित एक तीन मंजिला इमारत के पास पहुंचे और अनाउंटसमेंट करके आम लोगों, बच्चों और महिलाओं को इमारत खाली करने को कहा।
लेकिन जब तक अमेरिकी सैनिक तीसरी मंजिल पर मौजूद IS प्रमुख कुरैशी के बाद पहुंचते, कुरैशी ने खुद को बम से उड़ा लिया। इसमें उसकी पत्नी और दो बच्चे भी मारे गए।
जानकारी
धमाके से इमारत से बाहर उड़े लोग
इलाके में अमेरिकी सेना का नेतृत्व करने वाले मरीन जनरल फ्रैंक मैकेंजी ने बताया कि ये धमाका इतना भीषण था कि न केवल तीसरी मंजिल पर मौजूद सभी लोग मारे गए, बल्कि कुछ लोग इमारत से बाहर भी उड़ गए।
अन्य मंजिल
दूसरी मंजिल पर कुरैशी के साथी ने की सैनिकों पर फायरिंग
तीसरी मंजिल पर धमाके के बाद अमेरिकी सैनिक दूसरी मंजिल पर पहुंचे जहां कुरैशी के एक साथी और उसकी पत्नी ने उन पर गोली चलाना शुरू कर दिया। जवाबी फायरिंग में वे दोनों मारे गए।
यहां एक बच्चा भी मरा हुआ मिला, वहीं तीन अन्य बच्चों और एक नवजात शिशु को बचा लिया गया। पहली मंजिल पर मौजूद चार बच्चों समेत छह नागरिकों को पहले ही इमारत से निकाला जा चुका था।
अन्य आतंकी
ऑपरेशन में अलकायदा के दो आतंकी भी ढेर
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय 'पेंटागन' के अनुसार, अभियान में अलकायदा की एक स्थानीय इकाई के कम से कम दो हथियारबंद सदस्य भी मारे गए। वे अमेरिकी सैनिकों के जाने से पहले ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे जिसके बार उन्हें मार गिराया गया।
सीरिया के राहतकर्मियों ने घटना में कुल 13 लोगों के मारे जाने की बात कही है जिनमें से अधिकांश बच्चे और महिलाएं हैं। अमेरिका ने कुरैशी के धमाके में महिलाओं और बच्चों की मौत की बात कही है।
तैयारी
दिसंबर से ऑपरेशन की तैयारी कर रहा था अमेरिका
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने दिसंबर की शुरूआत में इस बात की पुष्टि कर ली थी कि IS प्रमुख कुरैशी इसी इमारत में रह रहा है और इसके बाद अभियान की शुरूआत हुई।
इमारत में आम लोग मौजूद होने के कारण एयर स्ट्राइक को खारिज कर दिय़ा गया और हेलीकॉप्टर से छापे के विकल्प को चुना गया।
मंगलवार को ओवल ऑफिस में हुई उच्च स्तरीय बैठक में राष्ट्रपति जो बाइडन ने ऑपरेशन को मंजूरी दी।
बयान
बाइडन बोले- अमेरिका ने आतंकियों को कड़ा संदेश भेजा
ऑपरेशन के समय व्हाइट हाउस के 'सिचुएशन रूम' में रहकर पल-पल की जानकारी पर नजर रखने वाले बाइडन ने देश को संबोधित करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन ने दुनियभार के आतंकियों को एक कड़ा संदेश भेजा है कि अमेरिका उनका पीछा करेगा और उन्हें मार गिराएगा।
खुद को बम से उड़ाने के कुरैशी के फैसले को हताश कायरता का आखिरी कारनामा बताते हुए उन्होंने कहा कि उसने अपने परिजनों की जान की परवाह किए बिना खुद को उड़ा लिया।
बगदादी
कुरैशी की तरह ही मारा गया था ISIS का संस्थापक बगदादी
गौरतलब है कि ISIS की स्थापना करने वाले और संगठन के पहले प्रमुख अबु बकर अल-बगदादी ने भी खुद को इसी तरह बम से उड़ाया था।
अक्टूबर, 2019 में अमेरिकी सैनिकों ने सीरिया में उसके ठिकाने को घेर लिया था और जब उसके सारे साथी मारे गए तो बगदादी ने एक सुरंग में खुद को आत्मघाती जैकेट से उ़ड़ा लिया। इसमें उसके बच्चों की मौत भी हुई थी।
बगदादी की मौत के बाद ही कुरैशी IS प्रमुख बना था।