
अलविदा 2019: राजनीतिक उथल-पुथल वाला रहा यह साल, इन राज्यों को मिले नए मुख्यमंत्री
क्या है खबर?
भारतीय राजनीति के लिए 2019 बेहद उथल-पुथल वाला रहा।
इस दौरान चुनावी सरगर्मी भी सिर चढ़कर बोली और लोकसभा चुनाव समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हुए।
लोकसभा चुनाव में तो प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा पहले से ज्यादा बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने में कामयाब रही, लेकिन कई राज्यों में सत्तारूढ़ पार्टी को सत्ता से बेदखल होना पड़ा और नए चेहरों ने राज्य की कमान संभाली।
आइए ऐसे ही चेहरों पर एक नजर डालते हैं।
नंबर एक
झारखंड में JMM-कांग्रेस-RJD गठबंधन ने भाजपा को हराया
इस कड़ी में सबसे ताजा मामला झारखंड का है।
पिछले पांच साल से राज्य की सत्ता पर काबिज भाजपा को इस बार के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा और 23 दिसंबर को घोषित हुए चुनाव परिणाम में पार्टी राज्य की 81 सीटों में से महज 25 सीटें जीत सकी।
वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के गठबंधन ने 47 सीटों पर कब्जा किया।
जानकारी
हेमंत सोरेन बने मुख्यमंत्री
गठबंधन की ओर से JMM के हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया गया है और आज उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण के दौरान विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला और ममता बनर्जी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री इसमें शामिल हुए।
नंबर दो
महाराष्ट्र को उद्धव ठाकरे के रूप में मिला नया मुख्यमंत्री
इससे पहले महाराष्ट्र में भी भाजपा को सत्ता से बेदखल होना पड़ा था।
यूं तो 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा और शिवसेना के गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिला और भाजपा 105 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन सत्ता के बंटवारे को लेकर दोनों पार्टियों में सहमति नहीं बनी और गठबंधन टूट गया।
इसके बाद शिवसेना ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के साथ मिलकर सरकार बनाई और उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने।
नंबर तीन
आंध्र प्रदेश में जगनमोहन रेड्डी की प्रचंड जीत
झारखंड और महाराष्ट्र के अलावा आंध्र प्रदेश को भी इस साल एक नया मुख्यमंत्री मिला।
राज्य में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव हुए थे।
इस चुनाव में YSR कांग्रेस ने प्रचंड बहुमत हासिल किया और राज्य की 175 सीटों में से 151 सीटों पर जीत दर्ज की।
इससे पहले सत्ता पर काबिज रही तेलुगू देशम पार्टी (TDP) को मात्र 23 सीटें मिलीं और चंद्रबाबू नायडू को हटाकर जगनमोहन रेड्डी मुख्यमंत्री बने।
नंबर चार
सिक्किम में प्रेम तमांग ने खत्म किया पवन चैमलिंग का 25 साल का राज
एक अन्य राज्य जिसे 2019 में नया मुख्यमंत्री मिला, वो सिक्किम रहा।
सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (SKM) ने राज्य की 32 सीटों में से 17 सीटों पर जीत दर्ज की और पार्टी प्रमुख प्रेम सिंह तमांग मुख्यमंत्री बने।
SKM ने दशकों से चले आ रहे पवन कुमार चैमलिंग की सिक्किम डेमोक्रेटिक पार्टी (SDF) के एकछत्र राज को खत्म किया।
SDF 15 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही और 1994 से राज्य के मुख्यमंत्री रहे चैमलिंग ने पद से इस्तीफा दिया।
कर्नाटक
कर्नाटक में बिना चुनाव हुए बदल गया मुख्यमंत्री
इस बीच एक राज्य ऐसे भी रहा जहां चुनाव तो नहीं हुए लेकिन साल के बीच में मुख्यमंत्री जरूर बदल गया।
हम बात कर रहे हैं कर्नाटक की जहां जुलाई में 17 विधायकों की बगावत के बाद कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन की सरकार गिर गई और एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।
इसके बाद भाजपा ने अपनी सरकार बनाई और बीएस येदियुरप्पा फिर से मुख्यमंत्री बने।
जानकारी
इन राज्यों के मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने में रहे कामयाब
तीन राज्य ऐसे भी रहे जहां इस साल विधानसभा चुनाव तो हुए लेकिन सत्तारूढ़ पार्टियां जीत दर्ज करने में कामयाब रहीं। इनमें अरुणाचल प्रदेश में भाजपा के पेमा खांडू, ओडिशा में BJD के नवीन पटनायक और हरियाणा में भाजपा के मनोहर लाल खट्टर शामिल हैं।