
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवारों की पहली सूची जारी, जानें कहां से लड़ेंगे दिग्गज
क्या है खबर?
भारतीय जनता पार्टी ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है।
सूची में 125 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया गया है।
भाजपा शिवसेना के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है और उसके हिस्से में 162 सीटें आई हैं। शिवसेना 126 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
बता दें कि महाराष्ट्र की 288 विधानसभा सीटों पर 21 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 24 अक्टूबर को चुनाव परिणाम घोषित जाएगा।
सूची
12 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे गए
भाजपा ने अपनी पहली सूची में 91 मौजूदा विधायकों को टिकट दिए हैं, जबकि 12 विधायकों का टिकट काटा गया है।
जिन बड़े नामों का टिकट कटा है उनमें विनोद तावड़े, एकनाथ खड़से और सुधीर मुनगंटीवार का नाम शामिल है।
इसके अलावा कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पांच नेताओं को भी टिकट दी गई है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के चार और दो निर्दलियों को भी टिकट दी गई है।
टिकट
जानें कहां से मैदान में उतरेंगे दिग्गज
जिन दिग्गजों का नाम पहली सूची में शामिल है, उनमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दक्षिण-पश्चिम नागपुर सीट से चुनाव लडेंगे।
वहीं महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल कोथरुड सीट में मैदान में उतरेंगे।
शिवाजी महाराज के वंशज शिवेंद्र सिंह को सतारा से टिकट दिया गया है।
वहीं लोकमान्य गंगाधर तिलक घराने की बहू मुक्ता तिलक कस्बा पेट सीट से से चुनाव लड़ेंगी।
कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए राधाकृष्ण विखे पाटिल शिरडी से चुनाव लड़ेंगे।
मतभेद
भाजपा और शिवसेना में था सीट बंटवारे को लेकर मतभेद
इससे पहले कल भाजपा और शिवसेना ने गठबंधन में लड़ने का फैसला किया था। दोनों में सीट बंटवारे को लेकर मतभेद था, जिसे सुलझा लिया गया।
अंतिम फॉर्मूले के मुताबिक, भाजपा 162 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि शिवसेना को 126 सीटें दी गई हैं।
भाजपा अपने हिस्से की सीटों से रिपब्लिक पार्टी ऑफ इंडिया (RPI), राष्ट्रीय समाज पक्ष और अन्य सहयोगियों को सीट देगी। उन्हें भाजपा के चुनाव चिन्ह पर लड़ाया जा सकता है।
सीटों का बंटवारा
भाजपा के बराबर सीट चाहती थी शिवसेना
शिवसेना पहले अपने लिए भाजपा के बराबर 135 सीट चाहती थी, वहीं भाजपा उसे 120 से ज्यादा सीट देने को तैयार नहीं थी।
इसके बाद शिवसेना ने साफ कर दिया कि वह 126 से कम सीट पर लड़ने को तैयार नहीं होगी।
दोनों पार्टियां अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहीं थीं।
अब शिवसेना को जो सीटें दी गईं हैं उनमें मुंबादेवी, मालेगांव, भिवांडी और औरंगाबाद सेंट्रल जैसी सीटें भी हैं, जिन पर उसका जीतना बेहद कठिन है।
उद्देश्य
इसलिए अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है भाजपा
बता दें कि अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के पीछे भाजपा का मकसद अकेले अपने दम पर बहुमत हासिल करने का है।
पार्टी खुद बहुमत हासिल करके शिवसेना जैसे सहयोगियों से पीछा छुड़ाना चाहती है जो आए दिन उसकी आलोचना करती रहती है।
भाजपा नेताओं को भरोसा था कि अगर अकेले भी चुनाव लड़ना पड़ा तो भारी संसाधनों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के बलबूते पार्टी अपने दम पर बहुमत हासिल कर सकती है।
जानकारी
आदित्य ठाकरे को उपमुख्यमंत्री बनाने को तैयार है भाजपा
दोनों पार्टियों में मुख्यमंत्री पद को लेकर भी मतभेद था, जिसे अब सुलझा लिया गया है। शिवसेना को अपने कैंप में रखने के लिए भाजपा उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को उपमुख्यमंत्री पद देने को तैयार है।
उद्देश्य
इसलिए अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है भाजपा
बता दें कि अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के पीछे भाजपा का मकसद अकेले अपने दम पर बहुमत हासिल करने का है।
पार्टी खुद बहुमत हासिल करके शिवसेना जैसे सहयोगियों से पीछा छुड़ाना चाहती है जो आए दिन उसकी आलोचना करती रहती है।
भाजपा नेताओं को भरोसा था कि अगर अकेले भी चुनाव लड़ना पड़ा तो भारी संसाधनों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के बलबूते पार्टी अपने दम पर बहुमत हासिल कर सकती है।