
चीन के सेना हटाने से पहले सैन्य तैनाती में कमी नहीं करेगा भारत- राजनाथ सिंह
क्या है खबर?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जब तक चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से अपनी सेना हटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं करता, तब तक भारत अपनी सैन्य तैनाती में कमी नहीं करेगा।
सिंह ने बातचीत के जरिये दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध का समाधान निकालने की उम्मीद जताई है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत सीमा के पास लगते इलाकों में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत कर रहा है, जिससे चीन को आपत्ति भी है।
पृष्ठभूमि
बीते साल अप्रैल से जारी है भारत और चीन के बीच तनाव
भारत और चीन के बीच पिछले साल अप्रैल से ही पूर्वी लद्दाख में LAC पर तनाव जारी है।
जून में तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया था, जब चीनी सेना से हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के एक अधिकारी समेत 20 जवान शहीद हो गए थे।
इसके बाद दोनों देशों ने ही सीमा पर सेना की तैनाती बढ़ा दी थी।
बातचीत के जरिये इस गतिरोध का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
इंटरव्यू
बातचीत के जरिये हल निकलने की उम्मीद- सिंह
टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में राजनाथ सिंह ने कहा कि सेना की तैनाती में कमी नहीं होगी। भारत तब तक तैनाती में कमी नहीं करेगा, जब तक चीन इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं करता।
जब उनसे चीन के साथ हो रही बातचीत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में समाधान की समयसीमा तय नहीं होती। आप कोई तारीख तय नहीं कर सकते, लेकिन पूरा भरोसा है कि बातचीत के जरिये हल निकल आएगा।
बयान
अरुणाचल में चीनी गांव पर क्या बोले राजनाथ सिंह
हाल ही में खबरें आई थीं कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में एक गांव का निर्माण किया है।
इस पर पूछे गए सवाल के जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा कि सालों से ऐसे निर्माण किए जा रहे हैं। अब भारत ने भी स्थानीय लोगों और सैन्यबलों की जरूरतों को समझते हुए तेज गति से LAC के पास इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करना शुरू कर दिया है।
सिंह ने कहा, "हम बहुत तेज गति से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रहे हैं।"
भारत-चीन
शनिवार या रविवार को अगले दौर की बातचीत
राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन ने हाल ही में 19 जनवरी को अगले दौर की बातचीत का प्रस्ताव दिया था।
उन्होंने कहा, "हमें बातचीत की प्रस्तावित तारीख से एक दिन पहले सूचना मिली थी। इसलिए हमने बैठक को 23 या 24 जनवरी को करने की बात कही है। भारत हमेशा बातचीत के लिए तैयार है।"
बता दें कि अभी तक दोनों देशों के बीच कई स्तरों पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन समाधान नहीं निकला है।