
प्रधानमंत्री कार्यालय ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ का आकलन करने के लिए उच्च स्तरीय बैठक बुलाई
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ घोषणा के बाद उसका आकलन करने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।
प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे हैं। बैठक में वाणिज्य मंत्रालय, नीति आयोग, DIIT और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने PMO को जानकारी दी है।
मामले में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने टैरिफ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इसका आकलन किया जा रहा है।
टैरिफ
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी ने इसे बताया मिलाजुला असर
ट्रंप के टैरिफ को लेकर वाणिज्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने समाचार एजेंसियों से कहा है कि यह कोई झटका नहीं है बल्कि एक मिलाजुला परिणाम है।
उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय स्थिति की बारीकी से अध्ययन कर रहा है और संभावित प्रतिक्रियाओं पर विचार कर रहा है।
उन्होंने कहा था कि अगर भारत व्यापार से जुड़ी कुछ चिंताओं को हल करता है तो अमेरिका शुल्क में कमी कर सकता है।
टैरिफ
क्या है ट्रंप का टैरिफ?
ट्रंप ने 2 तरह के टैरिफ लागू किए हैं। पहला टैरिफ सभी देशों के खिलाफ 10 प्रतिशत का बेस टैरिफ है, जो 5 अप्रैल से लागू होगा। पहले ये 2.5 प्रतिशत था।
इसके बाद हर देश पर अलग-अलग टैरिफ लगाया गया है। मतलब, अमेरिका पर अगर कोई देश 40 प्रतिशत टैरिफ लगाता है तो उस पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है। ये 9 अप्रैल से लागू होंगे।
अमेरिका ने भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाया है।