
#NewsBytesExplainer: डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगाया 26 प्रतिशत टैरिफ, किन क्षेत्रों पर कितना होगा असर?
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने अपने 'मुक्ति दिवस' संबोधन के दौरान भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ये टैरिफ 9 अप्रैल से लागू हो जाएंगे।
इस दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अच्छा दोस्त बताते हुए कहा कि भारत अमेरिकी सामान पर ज्यादा टैरिफ लगाता रहा है।
आइए जानते हैं इस कदम का भारत पर क्या असर हो सकता है।
टैरिफ
सबसे पहले जानिए किन नए टैरिफ की घोषणा हुई है?
ट्रंप ने 2 तरह के टैरिफ लागू किए हैं।
पहला टैरिफ सभी देशों के खिलाफ 10 प्रतिशत का बेस टैरिफ है, जो 5 अप्रैल से लागू होगा। पहले ये 2.5 प्रतिशत था।
इसके बाद हर देश पर अलग-अलग टैरिफ लगाया गया है। कोई देश अमेरिका पर जितना टैरिफ लगाता है, ये उसका आधा है। मान लीजिए कोई देश अमेरिका पर 40 प्रतिशत टैरिफ लगाता है तो उस पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है।
ये 9 अप्रैल से लागू होंगे।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें किस देश पर कितना टैरिफ लगा
LIBERATION DAY RECIPROCAL TARIFFS 🇺🇸 pic.twitter.com/ODckbUWKvO
— The White House (@WhiteHouse) April 2, 2025
असर
भारत के लिए क्या है चिंता की बात?
ग्लोबल फाइनेंशियल एडवाइजर डेवेरे ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) निगेल ग्रीन ने रॉयटर्स से कहा, "अमेरिकी टैरिफ ने भारत को वैकल्पिक व्यापार ब्लॉकों और रणनीतिक साझेदारों के करीब धकेल दिया है। इससे भारतीय निर्यात कम प्रतिस्पर्धी हो जाएगा और यह निवेशकों के विश्वास को कम करेगा।"
वीटी मार्केट के विश्लेषक अंकुर शर्मा ने कहा, "टैरिफ का भारत की अर्थव्यवस्था, व्यापार संबंधों और मुद्रा बाजारों पर अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों तरह से प्रभाव पड़ेगा।"
क्षेत्र
किन क्षेत्रों पर पड़ेगा ज्यादा असर?
जानकारों के मुताबिक, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स और IT क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकता है।
वित्त वर्ष 2023-24 के आंकड़ों को देखें तो भारत के अमेरिका को कुल निर्यात में इंजीनियरिंग और कैपिटल गुड्स का हिस्सा 13 प्रतिशत, कपड़ों का 12 प्रतिशत, फार्मास्यूटिकल्स का 10 प्रतिशत और सोने और स्मार्टफोन का 7-7 प्रतिशत था।
सबसे ज्यादा असर ऑटोमोबाइल क्षेत्र पर पड़ेगा, क्योंकि इस क्षेत्र पर 26 प्रतिशत के अलावा अलग से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है।
राहत
भारत के लिए क्या है राहत की बात?
SBI रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ का संभावित प्रभाव मामूली होगा। रिपोर्ट में लगभग 3 से 3.5 प्रतिशत की कमी का अनुमान लगाया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया कि बहुमुखी निर्यात, वैकल्पिक बाजारों की खोज और यूरोप से मध्य-पूर्व के माध्यम से अमेरिका तक नए व्यापार मार्गों के लिए भारत का रणनीतिक दृष्टिकोण टैरिफ प्रभावों को कम करेगा।
एसोचैम के अध्यक्ष संजय नायर का भी मानना है कि टैरिफ का भारत पर अन्य देशों के मुकाबले कम असर पड़ेगा।
मौका
क्या भारत के लिए आपदा में अवसर जैसी कोई स्थिति है?
जानकारों का मानना है कि भारत के मुकाबले चीन, वियतनाम, बांग्लादेश और थाइलैंड जैसे देशों पर ज्यादा टैरिफ लगाया गया है। इससे भारतीय कंपनियों को इन देशों के मुकाबले कम नुकसान होगा।
विशेषज्ञों की नजर भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर है। अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि अगर भारत टैरिफ कम करता है तो वो और रियायत दे सकता है। माना जा रहा है कि इस समझौता का पहला चरण अक्टूबर तक पूरा हो सकता है।
नुकसान
भारत को कितना नुकसान हो सकता है?
टैरिफ के कारण भारत को होने वाले संभावित नुकसान को लेकर भी कयास जारी हैं।
ट्रंप के टैरिफ पर ऐलान से पहले केयरएज रेटिंग्स ने अनुमान लगाया था कि भारत के अमेरिका को निर्यात में करीब 26,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। यह सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 0.1 प्रतिशत है।
हालांकि, ये अनुमान 20 प्रतिशत टैरिफ को ध्यान में रखकर लगाया गया था।
चीन के बाद अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।