
भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की शर्तें अंतिम चरण में पहुंची- रिपोर्ट
क्या है खबर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज से रेसिप्रोकल टैरिफ लागू करने का ऐलान किया है।
इससे ठीक पहले भारत अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते की शर्तों पर सहमत हो गया है। इंडियन एक्सप्रेस ने इसकी जानकारी दी है। अखबार ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद ये सहमति बनी है।
अब दोनों पक्ष समझौते पर औपचारिक वार्ता शुरू कर सकते हैं, जिसमें भारत अमेरिका से छूट के बदले कुछ सामानों पर टैरिफ कम कर सकता है।
चिंताएं
अमेरिका ने भारत के साथ इन मुद्दों पर जताई चिंता
संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने अपनी रिपोर्ट 'विदेशी व्यापार बाधाएं' में कई तरह की चिंताएं जताई हैं।
इसमें भारत को लेकर इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाए जाने से लेकर कृषि और खाद्य पदार्थों के आयात की शर्तों पर चिंताएं शामिल हैं।
रिपोर्ट में उस शर्त का भी जिक्र है, जिसके तहत डेयरी उत्पादों को ऐसे जानवरों से प्राप्त किए जाने का जिक्र हैं, जिन्हें खाने के तौर पर सूअर के आंतरिक अंग या खून वाला खाना न दिया जाता हो।
विशेषज्ञ
क्या कह रहे हैं जानकार?
थिंक टैंक ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के प्रमुख अजय श्रीवास्तव ने कहा, "भारत को अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं, विकास लक्ष्यों और सांस्कृतिक मूल्यों के नजरिए से प्रत्येक मांग का आकलन करना चाहिए। कृषि, डिजिटल शासन और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में प्रस्तावित कई बदलाव भारत की अपने छोटे किसानों की रक्षा करने, खाद्य सुरक्षा बनाए रखने, सामाजिक मानदंडों को बनाए रखने और अपने डिजिटल भविष्य को सुरक्षित करने की क्षमता के लिए गंभीर जोखिम पैदा करते हैं।"
बयान
ट्रंप बोले- भारत टैरिफ में कटौती पर सहमत
ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि बहुत देश टैरिफ कम कर देंगे, क्योंकि वे सालों से अमेरिका पर अनुचित टैरिफ लगा रहे हैं। अगर आप कारों पर यूरोपीय संघ को देखें तो यूरोपीय संघ ने पहले ही अपना टैरिफ घटाकर 2.5 प्रतिशत कर दिया है। मैंने कुछ समय पहले ही सुना है कि भारत अपने टैरिफ में भारी कमी करने जा रहा है। मुझे लगता है कि बहुत सारे देश अपने टैरिफ में कमी करने जा रहे हैं।"
कदम
टैरिफ से निपटने के लिए ये है भारत की तैयारी?
भारत अमेरिका के साथ एक व्यापार समझौते पर चर्चा कर रहा है।
हाल ही में दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल 5 दिवसीय भारत यात्रा पर आया था।
इससे पहले भारतीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका का दौरा किया था। इस दौरान इस समझौते पर चर्चा हुई थी।
वहीं, भारत कथित तौर पर कई वस्तुओं पर टैरिफ कम कर सकता है।
वजह
क्यों टैरिफ लगा रहे हैं ट्रंप?
ट्रंप का मानना है कि टैरिफ से घरेलू स्तर पर उत्पादन बढ़ेगा, व्यापार घाटा कम होगा, सरकार की आय बढ़ेगी और अमेरिकी कंपनियों को दुनियाभर में समान अवसर मिलेगा।
ट्रंप ने कहा था, "हमारे देश को हर किसी ने लूटा है, लेकिन अब यह बंद हो गया है। मैंने अपने पहले कार्यकाल में इसे बंद करवाया था। अब हम इसे पूरी तरह से बंद करने जा रहे हैं, क्योंकि यह बहुत गलत है।"