
सुप्रीम कोर्ट में महिला जजों की बेंच सुन रही मामले, इतिहास में तीसरा मौका
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को महिला जजों की एक बेंच मामलों की सुनवाई कर रही है। इतिहास में यह संभवत: तीसरी बार है, जब सुप्रीम कोर्ट की एक बेंच में शामिल सभी जज महिलाएं हैं।
देश के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने बुधवार को जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी वाली इस डबल बेंच का गठन किया था।
इस बेंच के सामने 10 जमानत याचिकाओं समेत कुल 32 मामले लिस्ट किए गए हैं।
जानकारी
पहली बार 2013 में बैठी थी महिला जजों वाली बेंच
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में पहली बार 2013 में महिला जजों वाली बेंच ने मामलों की सुनवाई की थी। उस समय जस्टिस ज्ञानसुधा मिश्रा और रंजना प्रकाश देसाई एक साथ बैठी थीं।
उसके बाद 2018 में जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस इंद्रा बनर्जी ने एक साथ डबल बेंच में मामलों की सुनवाई की थी।
अब यह तीसरा मौका आया है, जब महिला जजों वाली बेंच सुप्रीम कोर्ट में मामले सुनेगी।
जानकारी
सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल तीन महिला जज
सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल तीन महिला जज हैं। इनमें से जस्टिस हिमा कोहली का कार्यकाल सितंबर, 2024 तक और जस्टिस बेला त्रिवेदी का कार्यकाल जून, 2025 तक हैं।
वहीं तीसरी महिला जज बीवी नागरत्ना हैं, जो 2027 में देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बन सकती हैं। जस्टिस नागरत्ना इससे पहले केरल हाई कोर्ट में जज थीं।
इन तीनों को सितंबर, 2021 में सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया था।
रिक्तियां
सुप्रीम कोर्ट में खाली है सात जजों के पद
सुप्रीम कोर्ट में 34 जजों के पद स्वीकृत है, लेकिन फिलहाल यहां 27 जज ही नियुक्त हैं। अगले महीने जस्टिस एस नजीर के रिटायर होने के बाद यहां खाली पदों की संख्या आठ हो जाएगी। अगले साल जस्टिस नजीर के साथ सात अन्य जज भी अपना कार्यकाल पूरा कर लेंगे।
बता दें कि जजों की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम और केंद्र सरकार के बीच तकरार चल रही है। सुप्रीम कोर्ट इसे लेकर सरकार को नोटिस भेज चुका है।
इतिहास
1989 में सुप्रीम कोर्ट को मिली थी पहली महिला जज
1989 में पहली बार सुप्रीम कोर्ट में महिला जज की नियुक्ति हुई थी। तब केरल हाई कोर्ट से रिटायर होने के बाद जस्टिस एम फातिमा बीवी को सुप्रीम कोर्ट जज बनाया गया था। उनके बाद जस्टिस सुजाता मनोहर, रुमा पाला, ज्ञानसुधा मिश्रा, रंजना प्रकाश देसाई, आर भानुमति और इंदु मल्होत्रा आदि सुप्रीम कोर्ट में जज रह चुकी हैं।
पिछले साल सितंबर में जब तीन महिलाओं की नियुक्ति हुई थी, तब सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बनर्जी समेत चार महिलाएं जज थीं।
जजों की नियुक्ति
न्यूजबाइट्स प्लस (जानकारी)
संविधान के अनुच्छेद 124 (2) में सुप्रीम कोर्ट के जजों की और 217 (1) में हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति के बारे में बात की गई है।
नियमों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति कॉलेजियम की सिफारिशों के आधार पर राष्ट्रपति करते हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ही हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति करता है।
इस कॉलेजियम में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) के अलावा चार अन्य वरिष्ठतम जज शामिल होते हैं।