
#NewsBytesExplainer: किंग चार्ल्स के राज्याभिषेक में कौन-सी रस्में होंगी, कितना भव्य और खास होगा समारोह?
क्या है खबर?
ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय का राज्याभिषेक समारोह 6 मई को आयोजित किया जाएगा। 70 साल बाद होने जा रहे इस खास समारोह के लिए महीनों पहले से तैयारियां चल रही हैं।
समारोह में किंग चार्ल्स को औपचारिक तौर पर ताज पहनाया जाएगा। इस समारोह में देश-दुनिया के कई खास मेहमान हिस्सा लेंगे और करीब 1,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
समझते हैं कि राज्याभिषेक कितना खास होने जा रहा है।
राज्याभिषेक
राज्याभिषेक क्या होता है?
आसान भाषा में समझें तो राज्याभिषेक यानी वो समारोह, जिसमें राजा को औपचारिक तौर पर ताज पहनाया जाता है। परंपरागत तौर पर यह एक शुद्ध धार्मिक समारोह होता है, जिसमें कई धार्मिक रस्में होती हैं।
राज्याभिषेक के बाद राजा चर्च ऑफ इंग्लैंड के मुखिया बन जाते हैं। साल 1066 के बाद से ये समारोह वेस्टमिंस्टर एबे में आयोजित होता आ रहा है। इस बार भी ये कार्यक्रम इसी जगह पर होगा।
व्यवस्था
क्या राजा के लिए राज्याभिषेक जरूरी है?
यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि राज्याभिषेक एक प्रतीकात्मक समारोह है। यानी ये जरूरी नहीं कि हर राजा का राज्याभिषेक हो और इसके बिना वो राजा नहीं बन सकता।
1901 से 1910 तक ब्रिटेन के राजा रहे एडवर्ड सप्तम का राज्याभिषेक समारोह नहीं हुआ था।
इसी तरह महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन के बाद किंग चार्ल्स बिना राज्याभिषेक के राजा बना दिए गए थे। उनका राज्याभिषेक राजा बनने के कई महीनों बाद हो रहा है।
रस्में
राज्याभिषेक के दौरान कौन-कौनसी रस्में होती हैं?
राज्याभिषेक के दौरान कई रस्में होती हैं। इसमें सबसे पहले राजा को मान्यता दी जाती है। इसके लिए कैंटरबरी के आर्कबिशप राजा को वेस्टमिंस्टर एबे में मौजूद लोगों के सामने ले जाते हैं। यहां लोग ईश्वर से राजा की रक्षा करने की प्रार्थना करते हैं।
इसके बाद राजा को चर्च ऑफ इंग्लैंड और कानून के प्रति शपथ दिलाई जाती है। इस दौरान राजा को राजशाही के पारंपरिक प्रतीक चिन्ह भी सौंपे जाएंगे।
अभिषेक
पवित्र जल से राजा का अभिषेक
करीब 700 साल पुराने सिंहासन पर बैठाकर राजा का पवित्र जल से अभिषेक किया जाता है। उनके सीने और सिर पर तेल से अभिषेक किया जाएगा। ये तेल गुलाब, संतरे और चमेली के फूलों से तैयार किया जाता है।
इसके बाद राजा को शाही प्रतीक जैसे शाही गोला, शक्ति का प्रतीक राजदंड और सोने का एक अन्य राजदंड दिया जाता है, जिस पर न्याय और दया की प्रतीक चिड़िया बनी होती है।
महारानी कैमिला का राजतिलक भी इसी तरह होगा।
ताज
राजतिलक में कौनसा ताज पहनेंगे किंग चार्ल्स?
किंग चार्ल्स को राजतिलक के दौरान संत एडवर्ड का ताज पहनाया जाएगा। करीब ढ़ाई किलो ठोस सोने से बने इस ताज का इस्तेमाल केवल राजतिलक के दौरान ही होता है।
कार्यक्रम समापन के बाद किंग चार्ल्स इंपीरियल स्टेट क्राउन नाम के दूसरे ताज को भी पहनेंगे।
महारानी कैमिला को महारानी मैरी का ताज पहनाया जाएगा। 18वीं शताब्दी के बाद यह पहली बार है, जब किसी क्वीन क्राउन का दोबारा इस्तेमाल होगा।
स्थल
वेस्टमिंस्टर एबे में ही क्यों होता है समारोह?
लंदन के बीचोंबीच स्थित वेस्टमिंस्टर एबे चर्च और शाही खानदान का पुराना रिश्ता रहा है। राज्याभिषेक के लिए यह परंपरागत स्थल रहा है।
साल 1066 में पहली बार किंग विलियम का राज्याभिषेक यहां हुआ था। उसके बाद से अब तक यहां 38 राजाओं और रानियों का राज्याभिषेक हो चुका है।
राज्याभिषेक के अलावा यहां शाही परिवार के लोगों की शादियां भी होती रही हैं। अब तक इस चर्च में शाही परिवार के 16 सदस्यों की शाही हो चुकी है।
खर्त
समारोह में कितने रुपये खर्च होंगे?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे समारोह में लगभग 1,021 करोड़ रुपये खर्च होंगे। समारोह का पूरा खर्च ब्रिटिश सरकार उठाएगी।
1953 में हुए महारानी एलिबाजेथ के राज्याभिषेक कार्यक्रम के मुकाबले ये रकम करीब 500 करोड़ रुपये ज्यादा है।
यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि महारानी एलिजाबेथ का राज्याभिषेक कार्यक्रम जिस स्तर पर हुआ था, उसके मुकाबले किंग चार्ल्स का राज्याभिषेक समारोह बेहद छोटा है। इस समारोह में मेहमानों से लेकर कार्यक्रमों तक में कटौती की गई है।
मेहमान
कौन-कौनसी शख्सियत समारोह में होगी शामिल?
समारोह में करीब 2,000 बेहद खास और प्रतिष्ठित लोगों को आमंत्रित किया गया है। कई देशों के राष्ट्र प्रमुख और प्रसिद्ध हस्तियों को बुलावा भेजा गया है।
अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन, जापान के क्राउन प्रिंस अकिशिनो, स्पेन के बादशाह फिलिप चतुर्थ समेत शाही परिवार के कई सदस्य आयोजन में हिस्सा लेंगे।
भारत की ओर से उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ समारोह में शिरकत करेंगे। अभिनेत्री सोनम कपूर भी कार्यक्रम के दौरान एक कॉन्सर्ट में शामिल होंगी।
विरोध
समारोह का हो रहा विरोध
ब्रिटेन में इस समारोह का विरोध भी हो रहा है। कई लोग समारोह में हो रही फिजूलखर्चे का विरोध कर रहे हैं। लोगों को कहना है कि टैक्सपेयर्स की पैसे से आयोजित हो रहे कार्यक्रम को छोटे स्तर पर किया जाना चाहिए।
लोग राजा के प्रति निष्ठा की शपथ का भी विरोध कर रहे हैं।
कई देश ब्रिटेन से उपनिवेशवादी दौर के लिए औपचारिक तौर पर माफी मांगने की मांग भी कर रहे हैं।