
महारानी एलिजाबेथ के अंतिम संस्कार में भाग लेने लंदन जाएंगी राष्ट्रपति मुर्मू
क्या है खबर?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 17 से 19 सितम्बर तक महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के अंतिम संस्कार में शामिल होने और भारत सरकार की ओर से संवेदना व्यक्त करने के लिए लंदन का दौरा करेंगी।
महारानी का राजकीय अंतिम संस्कार 19 सितम्बर को दोपहर 3:30 बजे लंदन के वेस्टमिंस्टर एब्बे में किया जाएगा।
जानकारी के लिए बता दें कि जुलाई में राष्ट्रपति बनने के बाद द्रौपदी मुर्मू का यह पहला विदेशी दौरा होगा।
जानकारी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जताया था शोक
महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन पर राष्ट्रपति मुर्मू ने शोक जताया था।
उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के निधन से दुनिया ने एक महान शख्सियत खो दी है। उन्होंने अपने देश और लोगों को सात दशकों से अधिक समय तक चलाया। तब से एक युग बीत चुका है। मैं ब्रिटेन के लोगों के दुख को साझा करती हूं और शाही परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं।'
घोषणा
भारत ने घोषित किया था एक दिन का राजकीय शोक
महारानी की मृत्यु की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें दिग्गज के रूप में याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने राष्ट्र और लोगों को प्रेरक नेतृत्व प्रदान किया था।
महारानी को श्रद्धांजलि देने के लिए भारत ने बीते रविवार को एक दिन के राजकीय शोक का भी ऐलान किया था और इस दिन महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों पर लगे तिरंगे आधे झुके हुए थे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिटिश हाई कमीशन जाकर महारानी को श्रद्धांजलि दी थी।
जानकारी
मंगलवार को लंदन पहुंचा महारानी का पार्थिव शरीर
महारानी के पार्थिव शरीर वाला ताबूत मंगलवार को स्कॉटलैंड से लंदन पहुंच गया है। बुधवार को वेस्टमिंस्टर हॉल में ले जाने से पहले मंगलवार रात को इसे बकिंघम पैलेस में रखा गया था।
स्कॉटलैंड से लंदन तक की यात्रा में दिवंगत महारानी की बेटी प्रिंसेस ऐन पार्थिव शरीर के साथ थीं। इस सफर को उन्होंने एक सम्मान और विशेषाधिकार के तौर पर याद करते हुए उन्होंने प्यार जताने के लिए लोगों का शुक्रिया अदा किया है।
जानकारी
महारानी के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे कई वैश्विक नेता
महारानी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दुनियाभर से 2,000 मेहमान आएंगे, जिनमें से लगभग 500 प्रतिष्ठित हस्तियां होंगी।
वैश्विक नेताओं की बात करें तो अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन अपनी पत्नी के साथ लंदन आएंगे। उनके अलावा न्यूजीलैंड, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री, फ्रांस, ब्राजील, श्रीलंका, जर्मनी, दक्षिण कोरिया तुर्की आदि देशों के राष्ट्रपति अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए पहुंचेंगे।
साथ ही यूरोपीय संघ आदि के प्रमुखों के भी लंदन आने की संभावना जताई जा रही है।
महारानी का निधन
96 साल की उम्र में हुआ था महारानी का निधन
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का गुरुवार को 96 साल की उम्र में निधन हो गया। वो पिछले कई महीनों से बीमार थीं और उन्होंने स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कासल में अंतिम सांस ली।
इससे पहले उनकी हालत को देखते हुए चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया था और उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को देखकर चिकित्सकों ने भी चिंता जताई थी।
एलिजाबेथ द्वितीय 1952 में गद्दी पर बैठीं और उन्होंने 70 साल तक ब्रिटेन की राजशाही सत्ता को संभाला।