
यूक्रेन ने मांगी नई सुरक्षा गारंटी, पश्चिमी देशों से रूस पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग
क्या है खबर?
रूस की तरफ से हमले की आशंका को देखते हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने पश्चिम देशों से 'लगभग टूट चुके' वैश्विक सुरक्षा ढांचे को ठीक करने की सुरक्षा गारंटी मांगी है।
साथ ही उन्होंने पश्चिमी देशों से रूस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।
शनिवार को म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए जेलेंस्की ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में रूस, जर्मनी और तुर्की को बुलाकर यूक्रेन को नई सुरक्षा गारंटी दी जाए।
पृष्ठभूमि
यूक्रेन को लेकर क्यों बना हुआ है तनाव?
यूक्रेन को लेकर तनाव के काई छोटे-छोटे कारण हैं, लेकिन इसकी मुख्य वजह यूक्रेन की पश्चिमी यूरोप और नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (NATO) से बढ़ती नजदीकियां हैं।
दरअसल, यूक्रेन पश्चिमी यूरोप के करीब जा रहा है और NATO में शामिल होना चाहता है, जो शीत युद्ध के समय रूस के खिलाफ बना एक सैन्य गठबंधन है।
रूस की चिंता है कि अगर यूक्रेन NATO में शामिल होता है तो NATO के सैन्य ठिकाने बिल्कुल उसकी सीमा के पास आ जाएंगे।
बयान
NATO में शामिल करने की समयसीमा तय की जाए- जेलेंस्की
अपने देश में पूर्वी हिस्से में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच जेलेंस्की इस सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए म्यूनिख पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि पिछले आठ सालों से यूक्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक का सामना कर रहा है।
उन्होंने मांग कि यूक्रेन को NATO में शामिल करने की स्पष्ट समयसीमा तय की जाए।
जेलेंस्की ने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पक्ष समझने के लिए उनसे मिलने को भी तैयार है।
बयान
कूटनीति से संकट का हल निकालना चाहता है यूक्रेन- जेलेंस्की
यूक्रेनियन राष्ट्रपति ने कहा कि वो नहीं जानते पुतिन क्या सोच रहे हैं। इसलिए वो उनसे मिलने का प्रस्ताव दे रहे हैं। रूस बातचीत के लिए स्थान चुन सकता है। यूक्रेन कूटनीति के सहारे इस संकट का समाधान निकालना चाहता है।
बता दें कि मौजूदा संकट की एक बड़ी वजह यूक्रेन का NATO की तरफ जाना है। रूस ने धमकी दी है कि अगर यूक्रेन NATO में शामिल होगा तो वह हमला कर सकता है।
जानकारी
रूस की प्रतिक्रिया का इंतजार
जेलेंस्की के प्रस्ताव पर अभी तक रूस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन दोनों देशों की सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है।
इसे देखते हुए जर्मनी और ऑस्ट्रिया ने अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने को कहा है। जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा ने यूक्रेन की राजधानी कीव और ओडेसा जाने वाली उड़ानों को रद्द कर दिया है।
इनसे पहले अमेरिका, भारत और इंग्लैंड समेत कई देश अपने नागरिकों को वापस बुला चुके हैं।
बयान
हमले का मन बना चुके हैं पुतिन- बाइडन
इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा था कि व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर हमला करने का फैसला कर लिया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेताया कि यह हमला आने वाले दिनों में हो सकता है। रूसी सेना ने यूक्रेन को घेर लिया है और अमेरिका मानता है कि रूस यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला कर सकता है।
उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसा मानने के कारण हैं कि रूस आगामी दिनों में हमला करेगा।
प्रतिबंध
रूस को गंभीर प्रतिबंधों की चेतावनी
बाइडन प्रशासन ने रूस को चेतावनी दी है कि अगर वह हमला करता है तो अमेरिका जोरदार और निर्णायक प्रतिक्रिया देगा। अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार दलीप सिंह ने कहा कि ऐसा होने पर रूस को अर्थव्यवस्था और दुनिया में सामरिक स्थिति, दोनों के लिए भारी कीमत चुकानी होगी।
दूसरी तरफ रूस ने पश्चिमी देशों के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि वह अपनी सेनाओं को यूक्रेन सीमा से हटा रहा है।