
इजरायल: डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ कम प्रभावी है फाइजर वैक्सीन, गंभीर बीमारी रोकने में कामयाब
क्या है खबर?
इजरायल में असल दुनिया के आंकड़ों में फाइजर वैक्सीन को कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ कम प्रभावी पाया गया है, हालांकि ये गंभीर बीमारी को रोकने में कामयाब रही है।
इजरायल सरकार के अनुसार, 6 जून से जुलाई की शुरूआत तक फाइजर वैक्सीन डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ 64 प्रतिशत प्रभावी साबित हुई। पहले यह आंकड़ा 94 प्रतिशत था।
अस्पताल में भर्ती होने की संभावना को ये 93 प्रतिशत कम करने में कामयाब रही जो पहले 97 प्रतिशत था।
आंकड़े
55 प्रतिशत नए मामले वैक्सीन लगवा चुके लोगों में
इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि ये आंकड़े तब दर्ज किए गए जब इजरायल में डेल्टा वेरिएंट फैल रहा था।
वाईनेट न्यूज के अनुसार, देश में जो नए मामले सामने आ रहे हैं, उनमें से अधिकांश वैक्सीन लगवा चुके लोगों में सामने आए हैं। पिछले शुक्रवार को 55 प्रतिशत नए मामले वैक्सीन लगवा चुके लोगों में थे।
गंभीर मामलों की संख्या भी 19 जून को 21 से बढ़कर 4 जुलाई को 35 हो गई है।
अध्ययन
वैक्सीनेशन के बाद भी संक्रमित हुए लोगों पर अध्ययन करेगी सरकार
इजरायल सरकार वैक्सीन लगवाने के बावजूद संक्रमित होने वाले लोगों पर अध्ययन करने की योजना बना रही है और इसमें उम्र, पहले से चली आ रही बीमारियों और वैक्सीनेशन की तारीख जैसे कारकों का संक्रमण पर असर देखा जाएगा।
इसके अलावा सरकार इनडोर जगहों पर मास्क अनिवार्य करने के बाद ऐसी ही अन्य पाबंदियां लगाने पर विचार कर रही है।
हालांकि अभी वैक्सीन की बूस्टर खुराक पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।
जानकारी
इजरायल की 57 प्रतिशत आबादी को लग चुकी हैं दोनों खुराकें
बता दें कि इजरायल सबसे सफल वैक्सीनेशन वाले देशों में शामिल है और यहां लगभग 57 प्रतिशत आबादी को फाइजर वैक्सीन की दोनों खुराकें लग चुकी हैं। इसके बावजूद यहां हालिया समय में डेल्टा वेरिएंट के कारण नए मामलों में वृद्धि देखने को मिली है।
खतरनाक वेरिएंट
कितना संक्रामक है डेल्टा वेरिएंट?
पहली बार भारत में पाया गया डेल्टा वेरिएंट (B.1.617.2) बेहद संक्रामक वेरिएंट है। इसे यूनाइटेड किंगडम में पाए गए अल्फा वेरिएंट से 60 प्रतिशत अधिक संक्रामक माना जा रहा है, जबकि अल्फा खुद मूल कोविड-19 वायरस से लगभग 50 प्रतिशत अधिक संक्रामक है।
भारत में आई कोरोना की बेहद भीषण दूसरी लहर के पीछे इसी का हाथ था। ये अभी तक लगभग 100 देशों में पाया जा चुका है और ब्रिटेन के 99 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है।
वैक्सीनेशन
लैब में डेल्टा वेरिएंट को निष्क्रिय करने में कामयाब रही हैं वैक्सीनें
डेल्टा वेरिएंट पर वैक्सीनों के काम करने की संभावना पहले से ही जताई जा रही है, हालांकि कोवैक्सिन, कोविशील्ड और जॉनसन एंड जॉनसन जैसे वैक्सीनें लैब में इसे निष्क्रिय करने में कामयाब रही हैं।
कुछ स्टडीज में वैक्सीनों के डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ कम एंटीबॉडीज पैदा करने की बात भी सामने आई है, हालांकि ये फिर भी सुरक्षा प्रदान करने की लिए पर्याप्त थीं।
कोरोना संक्रमितों में कोविशील्ड की एक ही खुराक सुरक्षा देने के लिए पर्याप्त है।