
दुर्गम इलाकों में ड्रोन के जरिये वैक्सीन पहुंचाने की योजना बना रही सरकार, प्रस्ताव मांगे
क्या है खबर?
केंद्र सरकार दुर्गम इलाकों में ड्रोन के जरिये कोरोना वायरस वैक्सीन पहुंचाने की योजना बना रही है। IIT कानपुर के एक अध्ययन में इस योजना को संभव बताने के बाद सरकार ने अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) के जरिये दुर्गम इलाकों में वैक्सीन पहुंचाने की योजना तैयार की है।
इस योजना में ऐसे UAV को शामिल किया जाएगा, जो चार किलोग्राम वजन के साथ कम से कम 35 किलोमीटर तक उड़ान भर सके।
आइये, पूरी खबर जानते हैं।
जानकारी
सरकार ने 22 जून तक मांगे प्रस्ताव
न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, देश में सरकार के लिए वैक्सीन खरीदने वाली सरकारी कंपनी HLL लाइफकेयर की सहायक कंपनी HLL इंफ्रा टेक सर्विस लिमिटेड ने भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की तरफ से चुनिंदा जगहों पर वैक्सीन और दवाओं की डिलिवरी को लेकर प्रस्ताव मांगे हैं।
इच्छुक पक्षों को 22 जून तक अपने प्रस्ताव भेजने होंगे।
अभी तक केवल तेलंगाना ही ऐसा राज्य है, जो UAV के जरिये वैक्सीन आपूर्ति के विचार के पक्ष में दिख रहा है।
वैक्सीन डिलीवरी
ICMR ने तय किया है स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल
ICMR ने ऐसे UAV मांगे हैं जो सामान समेत 35 किलोमीटर तक कम से कम 100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भर सकें।
ICMR ने इस योजना की संभावना को खंगालने के लिए IIT कानपुर के साथ मिलकर अध्ययन किया था।
इस अध्ययन के आधार पर ICMR ने एक स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल तैयार किया है और अब UAV के जरिये वैक्सीन डिलीवरी की योजना को मूर्त रूप देने पर काम हो रहा है।
शर्तें
UAV के लिए तय किए गए हैं ये मापदंड
तय नियमों के अनुसार, इस योजना में केवल ऐसे UAV शामिल किए जाएंगे, जो खड़ी उड़ान भरने में सक्षम होंगे, कम से कम चार किलोग्राम तक का वजन ले जा सकें और डिलीवरी के बाद वापस कमांड सेंटर पर लौट आएं।
इनका टेक-ऑफ और लैंडिंग नागरिक विमानन महानिदेशालय (DGCA) की तरफ से तय नियमों के हिसाब से होगी और इन्हें पैराशूट डिलीवरी की इजाजत नहीं दी जाएगी। वैक्सीन के साथ UAV को सुरक्षित लैंडिंग करनी होगी।
कोरोना वैक्सीनेशन
वैक्सीनेशन का दायरा बढ़ा रही सरकार
इस मामले की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वैक्सीनेशन अभियान सुदूर इलाकों और गांवों तक फैल रहा है। ऐसे में पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में वैक्सीन की डिलीवरी एक बड़ी चुनौती होगी।
गौरतलब है कि महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए भारत सरकार कम समय में अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाना चाहती है इसलिए वैक्सीनेशन अभियान का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।
जानकारी
देश में क्या है वैक्सीनेशन अभियान की स्थिति?
देश में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन अभियान की बात करें तो अब तक वैक्सीन की 25,31,95,048 खुराकें लगाई जा चुकी हैं। बीते दिन 34,84,239 खुराकें लगाई गईं। वैक्सीनेशन की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ रही है।
वैक्सीनेशन अभियान
मध्य जुलाई से रोजाना एक करोड़ खुराकें लगाने का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाने की तैयारी शुरू कर दी है और उसका लक्ष्य मध्य जुलाई से रोजाना एक करोड़ खुराकें लगाने का है।
बीते महीने आई खबर के अनुसार, सरकार रोजाना एक करोड़ खुराकें लगाने की अपनी इस योजना को जुलाई के दूसरे या तीसरे हफ्ते से जमीन पर उतारने की तैयारी कर रही है और इसके लिए पर्याप्त खुराकों का इंतजाम किया जा रहा है।