
वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लोगों को क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
क्या है खबर?
कोरोना महामारी के खिलाफ जारी जंग में अब अधिकतर देशों में वैक्सीनेशन अभियान शुरू हो चुका है। कई देशों में तो लोगों को वैक्सीन की दोनों खुराकें भी लग चुकी है।
ऐसे में अब सभी के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या वैक्सीन प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी लोगों को पहले की तरह सावधानियां बरतने की जरूरत है?
इसको लेकर सोमवार को US सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने संशोधित दिशा निर्देश जारी किए हैं।
स्पष्ट
जानिए क्या होता है वैक्सीनेशन की प्रक्रिया पूरी करना?
दरअसल, वर्तमान में विभिन्न देशों में आयोजित वैक्सीनेशन अभियान काम ली जा रही अधिकतर वैक्सीन दो खुराक वाली है।
इनमें मॉडर्न, फाइजर-बायोएनटेक, ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका, भारत बायोटेक द्वारा तैयार वैक्सीन प्रमुख है।
इन वैक्सीनों की पहली खुराक दिए जाने के 28 दिन बाद दूसरी खुराक दी जाती है और दूसरी खुराक लेने के बाद 14 दिन पूरे करने वालों को वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी करने वाला माना जाता है।
इससे पहले पूर्ण वैक्सीनेशन नहीं कहा जा सकता।
जानकारी
एकल खुराक वैक्सीन में यह होती है प्रक्रिया
वर्तमान में जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन द्वारा तैयार वैक्सीन एक खुराक वाली है। अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने हाल ही में इसे मंजूरी दी है। ऐसे में पहली खुराक के बाद 14 दिन पूरे करने वालों को पूर्ण वैक्सीनेशन में माना जाएगा।
सावधानी
वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी करने वालों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार CDC ने संशोधित दिशा निर्देशों में कहा है कि वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी करने वालों को सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतनी चाहिए। उनका लोगों से छह फीट की दूरी बनाए रखना और भीड़भाड़ तथा प्रदूषण वाली जगहों पर जाने से बचना जरूरी है।
CDC ने यह भी कहा है कि वैक्सीनेशन प्रकिया पूरी करने वाले लोग घर के अंदर सामान्य लोगों के साथ बिना मास्क के रह सकते हैं, लेकिन उनमें से कोई बीमार नहीं होना चाहिए।
क्वारंटाइन
क्या कोरोना संक्रमित के संपर्क में आने पर क्वारंटाइन होना चाहिए?
CDC के अनुसार वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी करने वाला व्यक्ति यदि संभावित कोरोना संक्रमित के आस-पास रहा है तो उसे क्वारंटाइन होने या टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। हालांकि, यदि कोरोना संबंधित लक्षण दिखते है तो टेस्ट कराना उचित रहेगा।
इसी तरह वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी करने वाला व्यक्ति यदि सुधारात्मक या नजरबंदी सुविधा या समूह गृह में कोरोना संक्रमित के आस-पास रहा है तो उसे 14 दिन क्वारंटाइन होने और टेस्ट करने की आवश्यकता है।
जानकारी
वैक्सीनों को नए स्ट्रेनों पर प्रभाव नहीं हुआ स्पष्ट
CDC के अनुसार अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि तैयार वैक्सीनें वायरस के सभी स्ट्रेनों के खिलाफ कारगर है या नहीं। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार वैक्सीने कुछ स्ट्रेनों के खिलाफ कारगर है और कुछ स्ट्रेनों पर उसका कोई असर नहीं पड़ रहा है।
खतरा
क्या वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी करने वाले संक्रमण फैला सकते हैं?
CDC के अनुसार वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी करने वाले लोग अन्य लोगों में संक्रमण फैला सकते हैं। कारण यह है कि वैक्सीनेशन के बाद वह खुद तो सुरक्षित हो जाते हैं, लेकिन वायरस उनकी नाक और गले तक पहुंच जाते हैं।
ऐसे में जब वह सार्वजिनक स्थलों पर बिना मास्क जाएंगे तो वह उन वायरस को सामान्य लोगों तक पहुंचा सकते हैं।
ऐसे में वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी करने वालों को नियमित रूप से मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग की जरूरत है।
सुरक्षा
क्या एक बार वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद लंबे समय तक सुरक्षा रहेगी?
CDC के अनुसार अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद बनने वाली एंटीबॉडी शरीर में कितने समय तक रहेगी।
कुछ अध्ययनों में इसके तीन से पांच महीने तक रहने का दावा किया गया है। ऐसे में यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि लोगों को लंबे समय तक सुरक्षा के लिए एक बार ही वैक्सीनेशन की जरूरत है या फिर उन्हें समय-सयम के पर वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
वैक्सीनेशन
भारत में यह है वैक्सीनेशन अभियान की स्थिति
भारत में गत 16 जनवरी को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) 'कोविशील्ड' और भारत बायोटेक की 'कोवैक्सिन' के साथ वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत हुई थी।
इसके बाद 1 मार्च में वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू कर दिया गया था। इसमें बुजुर्गों और गंभीर बीमारी से ग्रसित 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन दी जा रही है।
देश में अब तक 2,30,08,733 लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है। सोमवार को 20,19,723 लोगों को वैक्सीन लगाई गई थी।