
कोरोना वायरस: अक्टूबर में ही सामने आ गया था डबल म्यूटेंट वेरिएंट, अब बना 'ट्रिपल म्यूटेंट'
क्या है खबर?
भारत में कोरोना वायरस के मामलों में रिकॉर्ड वृद्धि के पीछे माना जा रहा डबल म्यूटेंट वेरिएंट, B.1.167, पहली बार अक्टूबर में सामने आया था, लेकिन इसे रोकने के लिए तत्परता से कार्य नहीं किया गया और देश आज संभवत: सरकार की इस लेत-लतीफी का नतीजा भुगत रहा है।
अब इस वेरिएंट में एक और म्यूटेशन हुआ है जिससे यह ट्रिपल म्यूटेंट वेरिएंट बन गया है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार सरकार पिछली बार से सबक लेगी।
रिपोर्ट
5 अक्टूबर को पहली बार पकड़ में आया था डबल म्यूटेंट वेरिएंट
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, B.1.167 वेरिएंट पहली बार पिछले साल 5 अक्टूबर को एक सैंपल में पाया गया था। इसकी स्पाइक प्रोटीन में दो म्यूटेशन- E484Q और L425R- थे और इससे सरकार को सतर्क होकर जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ा देनी चाहिए थी ताकि इस वेरिएंट पर निगरानी की जा सके।
हालांकि ऐसा नहीं किया गया, बल्कि पहले से ही धीमी चल रही जीनोम सीक्वेंसिंग को फंडिंग और निर्देशों की कमी के कारण और धीमा कर दिया गया।
बयान
फरवरी में तेजी से फैलने लगा नया वेरिएंट- वैज्ञानिक
एक वैज्ञानिक ने कहा, "यह बहुत पहले सामने आया था। ये नवंबर और दिसंबर में फिर से पाया गया। फरवरी तक यह वेरिएंट बहुत तेजी से फैल रहा था और संयोग से इसी समय महाराष्ट्र में उछाल आना शुरू हुआ। इस वेरिएंट के खिलाफ तुरंत कदम उठाए जाने चाहिए थे, लेकिन कुछ नहीं किया गया।"
अब B.1.167 वेरिएंट में एक और म्यूटेशन सामने आया है और वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि सरकार इस बार पिछली बार से सबक लेगी।
नए म्यूटेशन
डबल म्यूटेंट वेरिएंट में हुए तीन तरह के अलग-अलग म्यूटेशन
कई सूत्रों ने अखबार को बताया कि पिछले हफ्ते स्वास्थ्य मंत्रालय को इस डबल म्यूटेंट वेरिएंट में एक और बड़ा म्यूटेशन होने और इसके 'ट्रिपल म्यूटेंट' में बदलने की संभावना के बारे में जानकारी दी गई थी।
इसके लिए तीन अलग-अलग प्रकारों की पहचान की गई है। इनमें से दो प्रकारों में डबल म्यूटेंट वेरिएंट की स्पाइक प्रोटीन में तीसरा म्यूटेशन हुआ है।
तीसरे प्रकार में स्पाइक प्रोटीन के बाहर म्यूटेशन हुआ है और इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राज्य
इन राज्यों में पाए गए हैं ट्रिपल म्यूटेंट वेरिएंट्स
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रिपल म्यूटेंट वेरिएंट के पहले दो प्रकारों को महाराष्ट्र, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में पाया गया है। इन सभी राज्यों में मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
ट्रिपल म्यूटेंट वेरिएंट का तीसरा प्रकार भी महाराष्ट्र, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के 17 सैंपल में पाया गया है।
एक सूत्र ने कहा, "पश्चिम बंगाल ऐसे म्यूटेशन का केंद्र बनता जा रहा है। नया ट्रिपल म्यूटेंट वायरस को इंसानी इम्युन सिस्टम से बचने में अधिक सक्षम बना सकता है।"
कदम
सरकार ने बढ़ाई है जीनोम सीक्वेंसिंग की रफ्तार, लेकिन अभी और तेजी की जरूरत
वैज्ञानिकों ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस बार ढिलाई नहीं बरतेगी और ट्रिपल म्यूटेंट वेरिएंट्स पर नजर रखने के लिए अधिक जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी।
सरकार ने इस दिशा में काम करते हुए इंडियन SARS-CoV2 जेनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) का गठन भी किया है। 10 लैबों का यह नेटवर्क फरवरी में शुरूआत के बाद से 13,000 सैंपल की सीक्वेंसिंग कर चुका है।
हालांकि अभी भी यह तय लक्ष्य से बेहद कम है और इसमें तेजी लाने की जरूरत है।
कोरोना का कहर
भारत में क्या है महामारी की स्थिति?
भारत में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति बुरी तरह बिगड़ चुकी है और सोमवार को यहां 2,59,170 नए मामले सामने आए, वहीं रिकॉर्ड 1,761 मरीजों की मौत हुई।
देश में अब तक 1,53,21,089 लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित पाया जा चुका है और 1,80,530 मरीजों की मौत हुई है। सक्रिय मामलों की संख्या रिकॉर्ड 20,31,977 हो गई है।
डबल म्यूटेंट वेरिएंट और लोगों की लापरवाही को इस उछाल का अहम कारण माना जा रहा है।