
युद्ध विराम समझौते के बाद इजरायल ने लेबनान पर फिर किया हमला, 11 लोगों की मौत
क्या है खबर?
इजरायल और लेबनान के बीच हुए युद्ध विराम समझौते के बाद भी इजरायली सेना की बमबारी जारी है। सोमवार को दक्षिणी लेबनानी शहरों, तलौसा और हारिस पर हुए हमलों में 11 लोगों की जान गई है।
इजरायली सेना का कहना है कि उसने लेबनान में ईरान समर्थित सशस्त्र समूह हिज्बुल्लाह ठिकानों पर हमला किया है, जबकि हिज्बुल्लाह ने इसे युद्ध विराम समझौते का उल्लंघन बताया है।
इजरायली हमले में राज्य सुरक्षा सदस्य की भी मौत हुई है।
हमला
युद्ध विराम का नहीं निकला कोई परिणाम?
इजरायली सेना का यह हमला विवादित शेबा फार्म क्षेत्र में इजरायली सैन्य ठिकाने पर हमला करने के बाद हुआ है, जिसे हिज्बुल्लाह समूह ने 'रक्षात्मक चेतावनी हमला' कहा था।
हमलों से डरे बेरूत के लोगों का कहना है कि उन्होंने देर शाम को कम ऊंचाई पर ड्रोनों को उड़ते देखा है, जिससे वे रात में सो नहीं सके।
बता दें, युद्ध विराम समझौता 2 दिन पहले ही अमेरिका-फ्रांस की मध्यस्थता से किया गया है, जिसका सार्थक परिणाम नहीं दिख रहा।
आरोप
हिज्बुल्लाह ने इजरायल पर 54 बार युद्ध विराम उल्लंघन का आरोप लगाया
हिज्बुल्लाह ने बताया कि उसने बुधवार को युद्ध विराम लागू होने के बाद पहला घोषित मिसाइल हमला इजरायल की वजह से किया था, क्योंकि वह बार-बार युद्ध विराम उल्लंघन कर रहा था।
लेबनान की ओर से युद्धविराम पर बातचीत करने वाले हिज्बुल्लाह के सहयोगी लेबनानी संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी ने बताया कि बुधवार से बेरूत में इजरायल ने 54 बार युद्ध विराम समझौते का उल्लंघन किया है।
इस दौरान तोपें और मिसाइल दागी गई हैं।
समझौता
क्या हुआ है युद्ध विराम समझौता?
यह समझौता अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता में किया गया, जो 27 नवंबर को सुबह 4 बजे से प्रभावी हुआ है।
इजरायल के अनुमोदन के बाद, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक संयुक्त बयान जारी किया था।
समझौते के तहत इजरायल को 60 दिन में लेबनान से अपनी सेना वापस बुलानी है और लेबनानी सेना इजरायल के साथ अपनी सीमा के पास के क्षेत्र पर नियंत्रण करेगी।
साथ ही दोनों देशों से हमले बंद होंगे।
जानकारी
अब अमेरिका कर रहा है बातचीत
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने युद्ध विराम समझौतों के उल्लंघन पर कहा कि वह मामले में रिपोर्टों की जांच कर रहे हैं और समाधान के लिए फ्रांस, इजरायल और लेबनान के साथ एक तंत्र के माध्यम से बातचीत कर रहे हैं।