
WTC 2021-23: सभी ICC टूर्नामेंट जीतने वाले पहली टीम बनी ऑस्ट्रेलिया, लगातार दूसरा फाइनल हारा भारत
क्या है खबर?
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के दूसरे चक्र के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने भारतीय क्रिकेट टीम को 209 रनों से हराकर खिताब पर कब्जा जमाया है।
'द ओवल' में खेले गए खिताबी मुकाबले में जीत के लिए 444 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 234 रनों पर ही सिमट गई।
भारतीय टीम को लगातार दूसरी बार इस प्रतिष्ठित फाइनल में शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
मैच में बने रिकॉर्ड्स पर नजर डालते हैं।
लेखा-जोखा
ऑस्ट्रेलिया ने दर्ज की बड़ी जीत
पहले खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया ने ट्रेविस हेड (163) और स्टीव स्मिथ (121) के शतकों की बदौलत सभी विकेट खोकर 469 रन बनाए।
जवाब में भारतीय टीम ने अजिंक्य रहाणे (89) और शार्दुल ठाकुर (51) की मदद से 296 रन बनाए।
पहली पारी में मजबूत बढ़त हासिल करने वाली ऑस्ट्रेलिया ने अपनी दूसरी पारी 270/8 के स्कोर पर घोषित की।
जीत के लिए मिले विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 5वें दिन 234 रन पर सिमट गई।
हेड
WTC फाइनल में शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी बने हेड
हेड ने पहली पारी में 174 गेंदों में 163 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 25 चौके और 1 छक्का लगाया।
वह WTC फाइनल में शतक लगाने वाले विश्व के पहले खिलाड़ी बन गए। यह उनके टेस्ट करियर का छठा शतक था।
पहली पारी में कमाल करने वाले हेड ने दूसरी पारी में 18 रन बनाए।
उनके टेस्ट करियर में अब 47.07 की औसत से 2,542 रन हो गए हैं।
स्मिथ
स्मिथ ने लगाया अपना 31वां टेस्ट शतक
अपनी पहली पारी में स्मिथ ने 268 गेंदों पर 121 रन बनाए। यह उनके टेस्ट करियर का 31वां शतक रहा।
इसके साथ ही स्मिथ ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट में तीसरे सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं।
इस सूची में टॉप पर पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग हैं। पोंटिंग ने ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते हुए टेस्ट में 41 शतक लगाए थे।
स्टीव वॉ दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने टेस्ट में 32 शतक लगाए हैं।
स्मिथ
स्मिथ ने भारत के खिलाफ लगाया 9वां शतक
स्मिथ के अब टेस्ट क्रिकेट में भारत के खिलाफ 9 शतक हैं। वह जो रूट के साथ संयुक्त रूप से भारतीय टीम के खिलाफ सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।
उन्होंने पोंटिंग, सर विवियन रिचर्ड्स और सर गारफील्ड सोबर्स के रिकॉर्ड को तोड़ दिया, जिन्होंने भारतीय टीम के विरुद्ध 8-8 शतक लगाए हुए हैं।
स्मिथ अब इंग्लैंड में मेहमान बल्लेबाज के तौर पर दूसरे सबसे अधिक शतक (7) लगाने वाले खिलाड़ी बने हैं।
कोहली
कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पूरे किए अपने 2,000 टेस्ट रन
विराट कोहली ने पहली पारी में 14 और दूसरी पारी में 49 रन बनाए। इस बीच उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने 2,000 रन पूरे किए।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (3,630) हैं।
इस सूची में दूसरे नंबर पर वीवीएस लक्ष्मण हैं, जिन्होंने 24 मुकाबलों में 2,434 रन बनाए थे।
वहीं तीसरे नंबर पर राहुल द्रविड़ (2,166) और चौथे स्थान पर चेतेश्वर पुजारा (2,074) हैं।
रोहित
रोहित शर्मा ने बतौर ओपनर 13,000 रन पूरे किए
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने पहली पारी में 15 और दूसरी पारी में 43 रन बनाए।
इस बीच वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बतौर सलामी बल्लेबाज 13,000 रन पूरे करने वाले सिर्फ तीसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
बता दें, उनसे आगे इस सूची में वीरेंद्र सहवाग (16,119) और सचिन तेंदुलकर (15,335) ही हैं।
वह पारी की शुरुआत करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 13,000 रन पूरे करने वाले विश्व के 11वें बल्लेबाज बन गए हैं।
ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ने हासिल की ये बड़ी उपलब्धि
ऑस्ट्रेलिया अब चारों ICC ट्रॉफी में कब्जा जमाने वाली विश्व की पहली टीम बन गई है।
कंगारू टीम वनडे प्रारूप में विश्व कप की सबसे सफल टीम हैं, जिन्होंने 1987, 1999, 2003, 2007 और 2015 में खिताब जीता है। ऑस्ट्रेलिया ने 2006 और 2009 में लगातार 2 बार चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था।
इसके अलावा उन्होंने इस साल WTC जीतने से पहले 2021 में अपना पहला टी-20 विश्व कप खिताब जीता था।
जानकारी
WTC का खिताब जीतने वाली दूसरी टीम बनी ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया ICC की टेस्ट गदा जीतने वाली दूसरी टीम बनी है। बता दें, पहले संस्करण का खिताब न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम ने जीता था। केन विलियमसन के नेतृत्व में कीवी टीम ने फाइनल में भारतीय क्रिकेट टीम को 8 विकेट से हराया था।
शार्दुल
शार्दुल ठाकुर ने ओवल में लगाया लगातार तीसरा अर्धशतक
शार्दुल ठाकुर ने पहली पारी में 109 गेंदों पर 51 रन की पारी खेली। यह उनके टेस्ट करियर का चौथा अर्धशतक रहा।
वह द ओवल के मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में लगातार 3 बार 50 से अधिक स्कोर करने वाले सिर्फ तीसरे मेहमान बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले सर डॉन ब्रैडमैन (1930-1934) और एलन बॉर्डर (1985-1989) ने भी ऐसा किया था।
शार्दुल दूसरी पारी में अपना खाता भी नहीं खोल सके।