
लोकसभा चुनावों के अलावा 2024 में भारत में कहां-कहां विधानसभा चुनाव होने हैं?
क्या है खबर?
साल 2023 राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा। इस दौरान कई राज्यों में विधानसभा चुनावों में किसी पार्टी को गम मिला तो किसी को खुशी।
अब अगले साल लोकसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसके लिए पार्टियां तैयारियों में जुट गई हैं।
अगले साल लोकसभा चुनावों से अलग भी कईं राज्यों में चुनाव होने हैं।
ऐसे में आइए नजर डालते हैं अगले साल होने वाले चुनावों पर।
लोकसभा चुनाव
लोकसभा चुनाव
2024 के शुरुआत में ही लोकसभा चुनाव आयोजित किये जाएंगे। संभावना है कि यह चुनाव अप्रैल-मई के बीच आयोजित कराए जा सकते हैं।
चुनावों में सभी विपक्षी दल एकजुट होकर भाजपा के खिलाफ लड़ेंगे।
यह मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी दलों के भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) के बीच होगा।
एक तरफ NDA के लिए सत्ता को बनाए रखने की चुनौती होगी तो विपक्ष, खासकर कांग्रेस के लिए अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की चुनौती होगी।
आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल जून 2024 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में 175 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में चुनाव होने तय हैं। राज्य में बहुमत का आंकड़ा 88 है।
वर्तमान में युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSR) पार्टी सत्ता में हैं। 2019 के विधानसभा चुनावों में YSR ने 151 सीटें और तेलुगू देशम पार्टी (TDP) को केवल 23 सीटें मिली थीं।
अगले साल TDP, जनसेना, कांग्रेस और भाजपा से YSR को कड़ी टक्कर मिल सकती है।
अरुणाचल प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल भी जून 2024 में समाप्त हो रहा है। 60 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
2019 के चुनावों में भाजपा ने 60 में से 41 सीटों पर जीत दर्ज कर पेमा खांडू को मुख्यमंत्री बनाया था। राज्य में जनता दल यूनिटेड (JDU) ने 7 और कांग्रेस ने 5 सीटों पर जीत दर्ज की थी।
ऐसे में 2024 में इस राज्य में वर्चस्व की जंग देखने को मिल सकती है।
ओडिशा
ओडिशा
ओडिशा में विधानसभा कार्यकाल जून 2024 में समाप्त हो रहा है। कुल 147 विधानसभा सीटों पर बहुमत का आंकड़ा 74 का है।
2019 के विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (BJD) ने 112 सीटों पर जीत दर्ज कर सरकार में वापसी की थी। भाजपा 23 सीटें, जबकि कांग्रेस 9 सीटें जीती थीं।
मुख्यमंती नवीन पटनायक 2000 से लगातार सत्ता में हैं।
यह देखना दिलचस्प होगा कि 2024 राज्य में 24 साल बाद सत्ता परिवर्तन लाता है या नहीं।
सिक्किम
सिक्किम
सिक्किम का विधानसभा कार्यकाल जून 2024 में समाप्त हो रहा है। राज्य की कुल 32 विधानसभा सीटों पर जीत के लिए राज्य का बहुमत आंकड़ा 17 सीटों का है।
2019 के विधानसभा चुनावों में सिक्किम क्रांतिकारी मोर्च ने 17, जबकि सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (SDF) ने 15 सीटें जीती थीं।
मौजूदा मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग के लिए अपनी कुर्सी फिर बचाने की चुनौती होगी, जबकि SDF फिर से सत्ता में वापसी चाहेगी जो 1994 से लगातार सत्ता में थी।
जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर
नवंबर 2018 में विधानसभा भंग करने के 9 महीने बाद राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया। तबसे राज्य की बागडोर राज्यपाल संभाल रहे।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अगले साल 114 सीटों वाले जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव हो सकते हैं।
2014 के विधानसभा चुनावों में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने 28 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा ने 25 सीटें जीती थीं। PDP और भाजपा ने गठबंधन की सरकार बनाई थी।
हरियाणा
हरियाणा
हरियाणा का विधानसभा कार्यकाल नवंबर 2024 में समाप्त होगा। 90 विधानसभा सीटों के इस राज्य में जीत के लिए बहुमत का आंकड़ा 46 है।
2019 के विधानसभा चुनावों में भाजपा केवल 40 सीटें ही जीत सकी थी। कांग्रेस 31 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर थी और जननायक जनता पार्टी (JJP) को 10 सीटें और अन्य को 9 सीटें मिली थीं।
भाजपा ने JJP के साथ गठबंधन कर सरकार बनाई थी और मनोहर लाल खट्टर दूसरी बार मुख्यमंत्री बने थे।
झारखंड
झारखंड
झारखंड का विधानसभा कार्यकाल जनवरी 2025 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में यहां 2024 में ही चुनाव कराए जाएंगे। 81 विधानसभा सीटों वाले इस राज्य का बहुमत का आंकड़ा 41 है।
2019 के विधानसभा चुनावों में संयुक्त प्रगतशील गठबंधन (UPA) को कुल 47 सीटों पर जीत मिली थी जिसमें से 30 झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), 16 कांग्रेस और 1 सीट राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने जीती थी।
NDA से भाजपा ने अकेले 25 सीटों ओर जीत दर्ज की थी।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र
288 विधानसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में बहुमत का आंकड़ा 145 का है।
2019 के चुनावों में भाजपा को 105, शिवसेना को 56, NCP को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं। शिवसेना ने कांग्रेस और NCP के साथ मिलकर महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन बनाया था।
साल 2022 में शिवसेना में बड़ी बगावत के बाद पार्टी में 2 फाड़ हो गई और सरकार गिर गई। इसके बाद भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) ने मिलकर सरकार बनाई।
महाराष्ट्र मुकाबला
महाराष्ट्र में 2024 का मुकाबला क्यों होगा सबसे दिलचस्प?
नई सरकार के बाद NCP में भी बगावत हुई और यह भी भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के साथ मिलकर गठबंधन की सरकार में शामिल हो गए।
अब 2024 में नए समीकरणों के साथ पहला चुनाव होगा। शिवसेना और NCP के 2 गुट आमने-सामने होंगे। भाजपा भी मैदान में है और कांग्रेस-NCP (शरद पवार गुट) का गठबंधन अभी भी बरकरार है।
ऐसे में 2024 में जनता किसके पक्ष में वोट करती है यह देखना दिलचस्प होगा।