
#NewsBytesExplainer: पश्चिम बंगाल में कैसा होगा INDIA का स्वरूप, कांग्रेस को कितनी सीटें मिल सकती हैं?
क्या है खबर?
विपक्षी गठबंधन INDIA ने दिसंबर के अंत तक सीट बंटवारे को लेकर बातचीत पूरी करने के संकेत दिए हैं।
सीटों को लेकर पश्चिम बंगाल में बड़ा पेंच फंस सकता है क्योंकि यहां की तीनों बड़ी पार्टियां, तृणमूल कांग्रेस (TMC), कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) CPI(M) गठबंधन का हिस्सा है।
यहां कांग्रेस और TMC हाथ मिला सकते हैं, लेकिन सीटों की संख्या अभी निश्चित नहीं है।
आइए समझते हैं कि बंगाल में INDIA का स्वरूप कैसा हो सकता है।
TMC
साथ आ सकते हैं कांग्रेस और TMC
20 दिसंबर को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने पश्चिम बंगाल के नेताओं संग बैठक की थी। सूत्रों के हवाले से जानकारी है कि इसमें राहुल गांधी ने पूछा कि कितने नेता TMC से गठबंधन के पक्ष में हैं। इसके जवाब में ज्यादातर नेताओं ने हां कहा।
बंगाल के कांग्रेस नेताओं का मानना है कि TMC से गठबंधन पार्टी के हित में होगा। TMC नेता ममता बनर्जी ने भी कांग्रेस से गठबंधन के विरोध में अब तक कुछ नहीं कहा है।
सीटें
कितनी सीटों पर लड़ेगी कांग्रेस?
कांग्रेस बंगाल की 6 से 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की इच्छुक है। पार्टी रायगंज, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसी सीटें TMC से मांग सकती है।
हालांकि, TMC का मानना है कि कांग्रेस वर्तमान में इतनी मजबूत नहीं है कि 6 सीटों पर जीत सके। पिछले लोकसभा चुनाव में भी केवल 4 सीटों पर ही कांग्रेस मुख्य मुकाबले में थी। ऐसे में सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंस सकता है।
ममता
CPI(M) के साथ गठबंधन को तैयार नहीं ममता
TMC के साथ कड़वाहट को देखते हुए यहां गठबंधन में CPI(M) के शामिल होने की उम्मीदें बेहद कम हैं।
ममता खुद CPI(M) को गठबंधन में लेने को तैयार नहीं हैं। दूसरी ओर CPI(M) के नेता सुजान चक्रवर्ती ने भी ममता के साथ नहीं जाने की बात कही है।
बता दें कि 34 साल तक सरकार में रहे वामदलों को हटाकर ही 2011 में ममता ने राज्य में TMC की सरकार बनाई थी।
वाम
वाम दलों को लेकर कांग्रेस की क्या रणनीति?
कांग्रेस वाम दलों से गठबंधन को लेकर असमंजस की स्थिति में है। उसका मानना है कि वाम दल उसके वोट काटकर भाजपा को फायदा पहुंचा रहे हैं। पार्टी इस संबंध में केरल को भी ध्यान में रखकर रणनीति बना रही है।
दूसरी ओर कांग्रेस के कुछ नेताओं का मानना है कि उसे वाम दलों से गठबंधन करना चाहिए क्योंकि बीते कुछ सालों में वाम दलों का मतदाता भाजपा की ओर आकर्षित हुआ है।
चुनाव
पिछले चुनावों में कैसा रहा कांग्रेस का प्रदर्शन?
2014 लोकसभा चुनाव में TMC ने 34 सीटें जीती थीं, लेकिन 2019 में उसे 22 सीटों पर ही जीत मिली। 2019 में TMC का अधिकांश सीटों पर भाजपा से सीधा मुकाबला हुआ था।
राज्य में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। 2019 में उसके मात्र 2 सांसद जीते थे। 2021 के विधानसभा चुनाव में तो कांग्रेस के एक भी उम्मीदवार को जीत नहीं मिली। इस आधार पर कांग्रेस यहां ज्यादा मोलभाव की हैसियत में नहीं है।
फॉर्मूलों
किन फॉर्मूले के आधार पर हो सकता है सीट बंटवारा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीट बंटवारे को लेकर 3 फॉर्मूलों पर चर्चा चल रही है। पहला, 2014 और 2019 के चुनाव परिणामों का आधार बनाकर वोटों के हिसाब से सीटें बांटी जा सकती हैं।
दूसरा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में क्षेत्रीय पार्टियों के हिसाब से सीट बंटवारा हो सकता है।
तीसरा, एक संयुक्त समिति बनाई जा सकती है, जो किसी भी सीट पर ज्यादा जिताऊ उम्मीदवारों के नाम तय कर सकती है।