
महाराष्ट्र: शिंदे गुट वाली शिवसेना के साथ गठबंधन में लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ेगी भाजपा- प्रदेशाध्यक्ष
क्या है खबर?
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना के साथ सरकार में शामिल भाजपा ने 2024 के लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा निर्णय किया है।
भाजपा दोनों चुनाव शिंदे गुट वाली शिवसेना के साथ गठबंधन में ही लड़ेगी और उसने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी है।
महाराष्ट्र भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को यह ऐलान किया है। उन्होंने इस गठबंधन के लोकसभा में 45 सीटें जीतने का दावा भी किया है।
ऐलान
बावनकुले ने क्या दिया बयान?
बावनकुले ने कहा, "2024 का लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। भाजपा और शिंदे गुट का गठबंधन लोकसभा चुनाव में 45 सीटें और विधानसभा की 200 से अधिक सीटों पर जीत हासिल करेगा।"
इससे पहले भाजपा ने शिंदे गुट के साथ मिलकर मुंबई निकाय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। पार्टी ने कहा कि वह मुंबई में अपना खुद का मेयर बनाने की योजना बना रही है और गंठबंधन में चुनाव लड़ेगी।
मुकाबला
पंचायत चुनाव में भी शिंदे गुट के साथ उतर रही है भाजपा
भाजपा ने पंचायत चुनाव भी शिंदे गुट के साथ गठबंधन में लड़ने का फैसला किया है। राज्य में 7,751 ग्राम पंचायतों और उनके सरपंचों का अगले महीने सीधा चुनाव होने वाला है।
चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 18 दिसंबर को मतदान होगा और 20 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे।
शिंदे गुट के भाजपा के साथ सरकार बनाने के बाद उद्धव गुट वाली शिवसेना के साथ उसकी यह पहली बड़ी परीक्षा होगी।
तंज
बावनकुले ने उद्धव ठाकरे पर कसा तंज
बावनकुले ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर रविवार को तंज कसा था कि अगर उन्हें उनकी ही पार्टी के विधायक छोड़ सकते हैं तो औद्योगिक परियोजनाएं राज्य से बाहर क्यों नहीं जा सकतीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे ने मुख्यमंत्री के रूप में अपना पूरा कार्यकाल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस का प्रबंधन करने में बिताया। उन्हें इस बात की चिंता नहीं थी कि महाराष्ट्र में कोई उद्योग आ रहा है या नहीं।
पृष्ठभूमि
शिंदे गुट के विधायकों की बगावत से गिर गई थी ठाकरे सरकार
शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे ने जून में 40 विधायकों के साथ तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी और इससे शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार गिर गई थी।
इसके बाद शिंदे ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना ली और अभी वह मुख्यमंत्री हैं।
वह शिवसेना पार्टी पर कब्जा करने की कोशिश भी कर रहे हैं और चुनाव आयोग से शिवसेना का चुनाव चिन्ह उन्हें देने की मांग की है।
पृष्ठभूमि
शिंदे और ठाकरे गुट में चल रही है शिवसेना पर कब्जे की लड़ाई
बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बीच शिवसेना पर कब्जे को लेकर लड़ाई चल रही है।
दोनों ही गुट पार्टी और इसके चुनाव चिन्ह पर अपना दावा ठोक रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने विवाद का फैसला चुनाव आयोग पर छोड़ दिया था।
इस पर आयोग ने 8 अक्टूबर को उद्धव गुट को 'शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)' और एकनाथ शिंदे के गुट को 'बालासाहेबबांची शिवसेना' नाम आवंटित किया था।