
विश्व गठिया दिवस: जोड़ों के दर्द से राहत पाने के लिए उठाएं ये कदम
क्या है खबर?
बिगड़ती जीवनशैली और गलत खान-पान की वजह से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगी है, जिसके कारण बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं को भी हड्डियों से जुड़ी समस्या गठिया (आर्थराइटिस) का सामना करना पड़ रहा है।
इसमें जोड़ों में असहनीय दर्द, अकड़न और सूजन आ जाती है। ये रीढ़ की हड्डी को भी प्रभावित करती है।
आज विश्व गठिया दिवस के मौके पर हम आपको कुछ ऐसी आसान टिप्स बताएंगे जिनसे आप इस समस्या से राहत पा सकते हैं।
#1
घर पर ही एक्सरसाइज करके वजन को करें नियंत्रित
वजन कम या नियंत्रित रखने से गठिया के दर्द से बचा जा सकता है। कम वजन से जोड़ों पर दबाव कम होता है और दर्द और जकड़न से आराम मिलता है।
लेकिन सिर्फ जिम जाने और जुम्बा क्लास जॉइन करने से आप गठिया के दर्द से बच नहीं पाएंगे, इसके लिए आपको घर पर एक्सरसाइज और योगासन करना होगा।
रोजाना ध्यान लगाकर 40-60 मिनट तक एक्सरसाइज करें।
#2
मेडिटेशन करना है जरूरी
आर्थराइटिस फाउंडेशन के मुताबिक, मेडिटेशन करने से गठिया के दर्द से आपको आराम मिलेगा।
ये सूजन और जोड़ों के दर्द को कम करने में मददगार है और इससे तनाव कम होता है।
डॉक्टर्स भी मेडिटेशन करने की सलाह हर किसी को देते हैं।
मेडिटेशन करते समय सांस लेने की तकनीक, जप करने और सीधे बैठे रहने से चिंता और तनाव को कम करने में मदद मिलती है।
#3
गर्म और ठंडी सिकाई
जोड़ों के दर्द से आराम पाने के लिए गर्म और ठंडी सिकाई एक बेहतरीन घरेलू उपाय है।
बदलते मौसम में अक्सर शरीर के जोड़ सख्त और कठोर हो जाते हैं और मांसपेशियों में दर्द होने लगता है। इससे बचाव के लिए गर्म सिकाई करनी चाहिए जो ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाती है।
वहीं ठंडी सिकाई करने से सूजन और दर्द को कम किया जा सकता है।
बेहतर आराम के लिए रोजाना 10 से 20 मिनट तक सिकाई करें।
#4
स्वस्थ खाना खाएं
स्वस्थ खाना खाने से आपका शरीर भी स्वस्थ रहेगा और उर्जा का स्तर भी बढ़ेगा। इससे आप हमेशा अच्छा और फिट महसूस करेंगे।
एंटी-ऑक्सीडेंट, हरी सब्जियां और पोषण से भरपूर आहार यूरिक एसिड के स्तर, सूजन और दर्द को कम करने में मददगार है।
इसके अलावा दिन में कम से कम आठ ग्लास पानी पीएं और खुद को हाइड्रेट रखें। आप ग्रीन टी और नींबू का पानी भी पी सकते हैं।
#5
मुलायम मालिश करने से भी मिलेगा फायदा
मालिश से आप अपने जोड़ों के दर्द से राहत पा सकते हैं, लेकिन गठिया के मरीजों को तेजी से मालिश की जगह हमेशा नरम, मुलायम और कोमल मालिश करवानी चाहिए।
इससे तनाव, सूजन और दर्द से आराम मिलेगा। हालांकि मरीजों को जरूरत के अनुसार ही मालिश करवानी चाहिए और ज्यादा मालिश करवाने से नुकसान हो सकता है।
छोटे बच्चों की भी तेल से मालिश इसलिए ही की जाती है ताकि उनके जोड़ों और शरीर को मजबूत बनाया जा सके।