
एंग्जायटी से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास
क्या है खबर?
एंग्जायटी एक मानसिक विकार है, जिससे ग्रस्त व्यक्ति पर नकारात्मक भावनाएं इस कदर हावी होने लगती हैं कि उसे कई तरह के मानसिक और शारीरिक रोगों का सामना करना पड़ सकता है।
अमूमन लोग एंग्जायटी से राहत पाने के लिए कई दवाईयों का सहारा लेते हैं, लेकिन कभी-कभी उनका असर भी नकारात्मक हो सकता है।
आइए आज हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के अभ्यास का तरीका बताते हैं, जो एंग्जायटी से छुटकारा दिलाने में कारगर हैं।
#1
बद्धकोणासन
बद्धकोणासन के लिए सबसे पहले योगा मैट पर अपने दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाकर बैठ जाएं, फिर पैरों को मोड़कर अपने दोनों तलवों को आपस में मिला लें।
इसके बाद दोनों हाथों से तलवों को पकड़ लें और अपने दोनों घुटनों को आराम-आराम से तितली के पंखों की तरह ऊपर-नीचे करें। इस दौरान सामान्य गति से सांस लेते रहें।
कुछ सेकंड के बाद इस आसन को धीरे-धीरे छोड़ दें।
#2
बालासन
बालासन के लिए सबसे पहले योगा मैट पर वज्रासन की मुद्रा में बैठें और गहरी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं, फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुककर माथे को जमीन से सटाएं। इस अवस्था में दोनों हाथ सामने, माथा जमीन से टिका हुआ और छाती जांघों पर रहेगी।
कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहकर सामान्य रूप से सांस लेते रहें। इसके बाद सांस लेते हुए वापस वज्रासन की मुद्रा में आ जाएं और सामान्य हो जाएं।
#3
मार्जरी आसन
मार्जरी आसन के अभ्यास के लिए पहले योगा मैट पर वज्रासन की स्थिति में बैठें, फिर हाथों को आगे की ओर फैलाकर घुटनों के बल आ जाएं।
अब सांस लेते हुए कमर को नीचे की ओर करें और गर्दन को ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड इसी अवस्था में बने रहें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए रीढ़ को ऊपर करें और गर्दन को नीचे की ओर झुकाएं।
कुछ सेकंड इसी अवस्था में बने रहें, फिर धीरे-धीरे सामान्य हो जाएं।
#4
सेतुबंधासन
इस योगासन के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं। अब अपने पैरों को घुटनों से मोड़ें और अपने दोनों हाथों से एड़ियों को पकड़ लें।
इसके बाद अपने कूल्हे और पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठाएं। कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
कुछ देर विश्राम के बाद इस योगासन का दोबारा अभ्यास करें।