
यूक्रेन: खारकीव में हुई गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की मौत, विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि
क्या है खबर?
युद्धग्रस्त यूक्रेन से एक भारतीय छात्र की मौत की खबर आ रही है। मृत छात्र की पहचान कर्नाटक के रहने वाले नवीन के तौर पर हुई है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने उसकी मौत की पुष्टि की है। मंत्रालय ने आज सुबह खारकीव में हुई गोलाबारी में नवीन की मौत की बात कही है।
मंत्रालय नवीन के परिवार के संपर्क में है और उसने परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
रिपोर्ट्स
गवर्नर हाउस पर रूस के मिसाइल हमले में हुई नवीन की मौत- रिपोर्ट्स
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में खारकीव के गवर्नर हाउस पर रूस के मिसाइल हमले में नवीन के मारे जाने की बात कही गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, नवीन यहां खाना लेने के लिए गया था। वह MBBS की चौथी साल का छात्र था।
खारकीव में अभी भी 3,000-4,000 भारतीय छात्रों के फंसे होने की बात कही जा रही है और भीषण युद्ध के बीच उन्हें बाहर निकालना भारत सरकार की प्राथमिकता होगी।
ट्विटर पोस्ट
गवर्नर हाउस पर रूसी हमले का वीडियो
Terrible news from Kharkiv, Ukraine. One Indian medical student from Karnataka killed in Russian Missle attack on Kharkiv Governor House/City Hall when he had gone to get food. Indian Student Coordinator Dr.Pooja tells me from Kharkiv. 3000-4000 Indians still stranded in Kharkiv. pic.twitter.com/sqcxJxvy9H
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) March 1, 2022
बयान
विदेश सचिव ने रूस और यूक्रेन के राजदूतों को बुलाया
सरकार की तरफ से विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट कर नवीन की मौत का दुखद समाचार दिया है।
अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'खारकीव और संघर्ष क्षेत्र के अन्य शहरों में फंसे भारतीय नागरिकों को तत्काल सुरक्षित रास्ता देने की हमारी मांग को दोहराने के लिए विदेश सचिव ने रूस और यूक्रेन के राजदूतों को बुलाया है। रूस और यूक्रेन के हमारे राजदूत भी यही काम करने जा रहे हैं।'
खारकीव
खारकीव में नागरिक इलाकों को भी निशाना बना रहा रूस
बता दें कि खारकीव यूक्रेन का दूसरे सबसे बड़ा शहर है और ये रूसी सीमा के बेहद नजदीक है। शहर पर कब्जा करने की अपनी पहली कोशिश में नाकाम रहने के बाद रूस ने यहां हमले तेज कर दिए हैं और आज सुबह से ही यहां भारी गोलाबारी की जा रही है।
यूक्रेन ने रूस पर नागरिक इलाकों पर गोलाबारी करने का आरोप लगाया है और उसके हमले में 11 आम नागरिकों की मौत की बात कही है।
सवाल
छात्रों को बाहर निकालने के लिए सरकार के सुस्त अभियान पर उठ रहे हैं सवाल
गौरतलब है कि यूक्रेन में अभी भी लगभग 16,000 भारतीय छात्र फंसे हुए हैं और नवीन की मौत के बाद सरकार पर उन्हें जल्द सुरक्षित बाहर निकालने का दबाव और बढ़ सकता है।
भारत का अभी तक का अभियान (ऑपरेशन गंगा) सुस्त रहा है और इसके कारण सरकार पर सवाल उठ रहे हैं।
कई जगहों से भारतीय छात्रों के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार की खबरें भी आई हैं और इसकी पुष्टि करने वाले कुछ वीडियो भी हैं।
तेजी लाने की कोशिश
वायुसेना भी होगी 'ऑपरेशन गंगा' में शामिल, प्रधानमंत्री ने दिया निर्देश
अभियान में तेजी लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वायुसेना को इसमें शामिल करने का निर्देेश दिया है। वायुसेना के पास C-17 ग्लोबमास्टर विमान हैं जिन पर राइफल और छोटे हथियारों की फायरिंग का कोई असर नहीं होता है।
प्रधानमंत्री ने चार मंत्रियों कोे भी अभियान की निगरानी के लिए यूरोप भेजा है।
अभी तक कुल 1,922 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। छात्रों को हंगरी, रोमानिया, स्लोवाकिया और पोलैंड के रास्ते निकाला जा रहा है।