
पुतिन के साथ बातचीत में मोदी ने की यूक्रेन में हिंसा रोकने की अपील
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की थी। दोनों नेताओं के बीच बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया है।
टेलीफोन पर करीब 25 मिनट तक चली बातचीत में पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन के संबंध में हालिया घटनाक्रमों से अवगत कराया।
वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रूस और NATO गठबंध के बीच मतभेदों को केवल बातचीत के जरिये ही सुलझाया जा सकता है।
पृष्ठभूमि
पुतिन ने किया सैन्य अभियान चलाने का ऐलान
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरूवार को यूक्रेन में सैन्य अभियान चलाने का ऐलान किया था।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन का विसैन्यीकरण और नागरिकों की सुरक्षा करना इस अभियान का मकसद होगा। पूर्वी यूक्रेन में सरकारी बलों से लड़ रहे विद्रोहियों के उससे मदद मांगने के बाद रूस ने ये कदम उठाया है।
जानकारों का कहना है कि यह सैन्य अभियान कुछ और नहीं बल्कि यूक्रेन पर रूस का हमला है और रूस ने युद्ध छेड़ दिया है।
बातचीत
मोदी ने की हिंसा रोकने की अपील
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से यूक्रेन में जारी हिंसा को रोकने की अपील करते हुए सभी पक्षों से वार्ता की मेज पर लौटने के लिए ठोस प्रयास करने का आह्वान किया।
मोदी ने पुतिन को यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों, खासकर छात्रों की सुरक्षा के संबंध में भारतीय चिंताओं से अवगत कराया और कहा कि भारत के लिए उनका सुरक्षित निकास और वापस देश लौटना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जानकारी
संपर्क में रहेंगे दोनों देशों के अधिकारी
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि इस बातचीत के दौरान दोनों नेता इस बात पर भी सहमत हुए कि दोनों देशों के अधिकारी और राजनयिक दल सामयिक मुद्दों पर नियमित संपर्क में रहेंगे।
जानकारी
बातचीत से पहले मोदी ने की थी उच्च स्तरीय बैठक
इस बातचीत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की थी।
इसमें उन्होंने कहा कि यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उन्हें सुरक्षित रूप से वापस लाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने विदेश मंत्रालय को यूक्रेन में रह रहे भारतीय नागरिकों की हरसंभव मदद करने का भी आदेश दिया है।
गौरतलब है कि एयरस्पेस बंद होने के कारण हजारों भारतीय यूक्रेन में फंसे हुए हैं।
बातचीत
जयशंकर ने की अमेरिकी विदेश मंत्री से बातचीत
यूक्रेन संकट के बीच भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर लगातार अपने समकक्षों से संपर्क बनाए हुए हैं।
गुरुवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने यूक्रेन के घटनाक्रमों और इनके असर को लेकर जयशंकर से बातचीत की थी।
जयशंकर ने स्लोवाकिया के विदेश मंत्री ईवान कोरकोक से भी बातचीत की। इस दौरान स्लोवाकिया ने भारतीय नागरिकों को यूक्रेन से निकालने में मदद करने की पेशकश की थी।
जयशंकर आज यूक्रेन के विदेश मंत्री से बातचीत कर सकते हैं।
बयान
यूक्रेन संकट पर भारत से सलाह लेगा अमेरिका- बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वो यूक्रेन के मसले पर भारत से सलाह लेंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या रूस के आक्रमण पर भारत पूरी तरह से अमेरिका के साथ है तो उन्होंने कहा, "हम भारत के साथ सलाह-मशविरा करेंगे। हमने इसे अभी तक पूरा सुलझाया नहीं है।"
ऐसा माना जाता है कि भारत इस मामले में पूरी तरह अमेरिका के साथ नहीं है। इसकी वजह रूस के साथ भारत के पुराने और मजबूत संबंध हैं।