
गुजरात: मोरबी में टूटा 140 साल पुराना केबल ब्रिज, नदी में गिरने से 60 की मौत
क्या है खबर?
गुजरात के मोरबी में बड़ा हादसा घटित हुआ है। वहां मच्छू नदी पर बना 140 साल पुराना केबल सस्पेंशन ब्रिज टूट गया। इससे सैकड़ों लोग नदी में गिर गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस और राज्य आपदा राहत बल (SDRF) की टीमों ने बचाव एवं राहत कार्य शुरू किया।
हादसे में अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। इस संख्या के और बढ़ने की संभावना है।
प्रशासन के साथ स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में जुटे हैं।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें वीडियो
#WATCH | Several people feared to be injured after a cable bridge collapsed in the Machchhu river in Gujarat's Morbi area today. Further details awaited. pic.twitter.com/hHZnnHm47L
— ANI (@ANI) October 30, 2022
हादसा
शाम करीब 7 बजे हुआ हादसा
पुलिस ने बताया कि शाम करीब 7 बजे सैकड़ों की संख्या में लोग ब्रिज पर मौजूद थे, उसी दौरान ब्रिज पर लगे केबल एक-एक टूटने लगी और ब्रिज नदी में चला गया। इसके साथ ही सैकड़ों की संख्या में लोग नदी में गिर गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने SDRF और स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य शुरू किया।
पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद दर्जनों लोगों को नदी से निकालकर अस्पताल पहुंचाया जा चुका है।
मौत
हादसे में अब तक हुई 60 लोगों की मौत
मोरबी विधायक और राज्य मंत्री बृजेश मेरजा ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि ब्रिज गिरने से कई लोग नदी में गिर गए। बचाव अभियान जारी है। अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है।
इधर, मोरबी के पूर्व भाजपा विधायक कांति अमृतिया ने दावा किया है कि अब तक 60 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। इनमें 20 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।
हेल्पलाइन
सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
पुलिस महानिदेशक (DGP) आशीष भाटिया ने बताता कि पुलिस के साथ भारतीय वायुसेना, नौसेना, SDRF और NDRF की टीमें बचाव कार्य में जुटी है। इसके अलावा कच्छ और राजकोट से तैराकों और सात दमकल की टीमें रवाना की गई हैं।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। लोग 02822243300 लंबरों पर कॉल कर मदद मांग सकते हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल खुद मोरबी के लिए रवाना हो गए हैं।
स्थिति
पांच दिन पहले ही आम जनता के लिए खोला गया था ब्रिज
पुलिस ने बताया कि 765 फीट लंबा यह ब्रिज मरम्मत कार्य के चलते पिछले पिछले छह महीने से बंद था। इसी महीने दिवाली के एक दिन बाद यानी 25 अक्टूबर को इसे आम जनता के लिए खोला गया था।
पुलिस ने बताया कि ब्रिज पर जाने के लिए 15 रुपये का टिकट लगता है। इसके बाद भी शाम को इस पर लोगों की भारी भीड़ थी। घटना के समय ब्रिज पर 400 से अधिक लोगों के होने की आशंका है।
जानकारी
140 साल पुराना है ब्रिज
यह ब्रिज 140 साल से ज्यादा पुराना है। यह पूरे देश के लिए ऐतिहासिक धरोहर है।
इसका उद्घाटन 20 फरवरी, 1879 को मुंबई के गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने किया था। यह ब्रिज उस समय लगभग 3.5 लाख की लागत से 1880 में बनकर तैयार हुआ था। इसके निर्माण के लिए पूरा सामान इंग्लैंड से मंगवाया गया था। उसके बाद कई बार इसका रेनोवेशन किया जा चुका है।
दिवाली से पहले इसकी मरम्मत पर 2 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।
मुआवजा
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से बचाव अभियान की जानकारी ली और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50,000, 50,000 का मुआजवा देने का ऐलान किया है।
इसी तरह मुख्यमंत्री पटेल ने मृतक आश्रितों को 4-4 लाख रुपये और घायलों को 50,000, 50,000 रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है।
दुख
राष्ट्रपति और केंद्रीय गृह मंत्री ने जताया हादसे पर दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ट्वीट किया, 'मोरबी में हुई त्रासदी ने मुझे चिंतित कर दिया है। मेरी संवेदनाएं और प्राथनाएं प्रभावित लोगों के साथ हैं। राहत और बचाव के प्रयासों से पीड़ितों को राहत मिलेगी।'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, 'मोरबी हादसे से अत्यंत दुखी हूं। मैंने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से बात की है। NDRF भी घटनास्थल पर पहुंच रही है। प्रशासन को घायलों को तुरंत उपचार मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।'
जानकारी
इन नेताओं ने भी जताया दुख
कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल, बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव सहित अन्य नेताओं ने भी हादसे पर दुख जताया है। इन्होंने मृतकों के परिजनों ने प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए घायलों की जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।