
केंद्र सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए डिसइंफेक्शन टनल के इस्तेमाल को बताया हानिकारक
क्या है खबर?
कोरोना महामारी की शुरुआत में उससे बचाव के लिए जारी की गई गाइडलाइंस में डिसइंफेक्शन टनल के इस्तेमाल की सलाह देने वाली केंद्र सरकार ने अब इसे हानिकारक करार दिया है।
डिसइंफेक्शन टनल से होने वाले नुकसान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि इस टनल का उपयोग करना चिकित्सकीय और मनोवैज्ञानिक रूप से हानिकारक है। अब इसका उपयोग को बंद करने के लिए कहा गया है।
डिसइंफेक्शन टनल
क्या होती है डिसइंफेक्शन टनल?
डिसइंफेक्शन टनल कुछ फीट लंबी एक सुरंग की तरह होती है। इसमें सैनिटाइजर सहित अन्य कैमिकलों का स्प्रे होता है।
शुरुआत में इसको सरकारी कार्यालय और सार्वजनिक स्थानों पर लगाया गया था।
लोग इसमें से होकर निकलते हैं। कहा गया था कि इससे गुजरते समय लोग सैनिटाइजर और अन्य कैमिकल के संपर्क में आते हैं। इससे 60 सैंकंड में वायरस खत्म हो जाता है। महामारी की शुरुआत में पूरे चीन में इसका उपयोग किया गया था।
याचिका
LLB के छात्र ने दाखिल की थी याचिका
NDTV के अनुसार मामले में LLB के छात्र गुरसिमरन सिंह नरूला ने याचिका दाखिल की थी। इसमें उसने कहा था कि टनल से गुजरने से बीमारी से बचाव नहीं होता है। इससे निकलने वाले केमिकल का स्प्रे हानिकारक होता है।
याचिकाकर्ता ने इस बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) समेत दूसरी संस्थाओं की रिपोर्ट का भी हवाला दिया था।
10 अगस्त को जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले पर सरकार से जवाब मांगा था।
सुनवाई
बंद किया जा रहा है डिसइंफेक्शन टनल का इस्तेमाल
याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से कहा गया कि डिसइंफेक्शन टनल का इस्तेमाल पहले ही लगभग बंद कर दिया गया है। विशेषज्ञों ने इसके उपयोग को नुकसानदायक माना है।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि यदि यह खराब है तो सरकार इस पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगा रही है?
जवाब में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मंगलवार तक उचित निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। अब मामले में सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।
राय
चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी टनल को बताया हानिकारक
चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी इस टनल को हानिकारक बताया था। विशेषज्ञों का कहना था कि इस टनल के जरिए संक्रमित व्यक्ति के शरीर के अंदर मौजूद वायरस को खत्म नहीं किया जा सकता है।
इसके उलट, वह टनल में से निकलने के बाद भी अन्य लोगों को संक्रमित कर सकता है।
उन्होंने यह भी कहा था कि इस तरह की सुरंगे लोगों को लापरवाह बनाती है, जो संक्रमण के तेजी से प्रसार का प्रमुख कारण बन सकता है।
चेतावनी
विशेषज्ञों ने दी थी त्वचा संबंधी बीमारी होने की चेतावनी
डिसइंफेक्शन टनल को लेकर विशेषज्ञों ने त्वचा संबंधी रोक होने की भी चेतावनी दी थी।
डॉक्टरों का कहना था कि टनल में से गुजरने के दौरान कैमिकल सांस के साथ शरीर में जाते हैं और इससे अन्य बीमारियां भी हो सकती है।
इसी तरह विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी कोरोना से बचने के लिए शरीर पर कैमिकल स्प्रे नहीं करने की सलाह जारी की थी। उसके अनुसार स्प्रे का उपयोग बचाव की जगह खतरा बढ़ा सकता है।