
क्या है राशन वितरण से संबंधित घोटाला, जिसमें गिरफ्तार हुए पश्चिम बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक?
क्या है खबर?
पश्चिम बंगाल के राशन वितरण घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता ज्योतिप्रिय मलिक को गिरफ्तार किया है।
ED ने ये कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के तहत की है।
मंत्री ने अपनी गिरफ्तारी पर कहा कि वो एक गंभीर साजिश का शिकार हुए हैं।
आइए जानते है कि ये पूरा मामला क्या है और मलिक किस घोटाले में गिरफ्तार हुए।
घोटाला
क्या है राशन घोटाला?
बंगाल की TMC सरकार पर आरोप है कि कोविड लॉकडाउन के दौरान राज्य में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में कई अनियमितताएं हुईं और खाद्यान्न वितरण में करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ। उस समय मलिक खाद्य मंत्री थे।
सबसे पहले बंगाल के तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने 2020 में ये मामला उठाया था और कहा था कि राज्य में PDS में घोटाला हुआ, जो कोरोना के समय और बढ़ गया।
मामले में कांग्रेस और भाजपा ने भी TMC को घेरा था।
सचिव
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी स्वीकारी थीं राशन वितरण में कमियां
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी राशन वितरण में गड़बड़ी की बात स्वीकार चुकी हैं।
पहली बार घोटाला सामने आने के बाद उन्होंने जरूरतमंदों तक राशन पहुंचाने में कमियों को स्वीकारा था, लेकिन साथ ही कहा था कि ऐसे केवल 10 प्रतिशत मामलों में है।
मामले में भाजपा मलिक का इस्तीफा मांग चुकी है।
गौरतलब है कि लॉकडाउन लागू होने के बाद बंगाल सरकार ने 7.5 करोड़ लोगों को 6 महीने तक मुफ्त राशन देने का वादा किया था।
आरोप
ED ने मामले में क्या आरोप लगाए हैं?
ED के अनुसार, चावल मिल मालिक बकीबुर रहमान ने राशन घोटाले के लिए विभाग में अपना रैकेट तैयार किया था, जिसके जरिए वो जनता को मिलने वाले राशन के समान की चोरी करता था।
आरोप है कि उसने 2-3 साल के अंदर 3 कंपनियां खोलीं, जिनके उसने जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया।
ED का दावा है कि रहमान ने TMC के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों की मदद से घोटाला किया और मलिक के साथ उसके करीबी संबंध थे।
गिरफ्तार
मामले में अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई?
मामले में ED ने 14 अक्टूबर को रहमान को कोलकाता स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया था।
इस दौरान छापेमारी में ED को उसके घर से सरकारी दफ्तरों की मोहर लगे 100 से ज्यादा दस्तावेज बरामद हुए थे। इन्हीं दस्तावेजों के जरिए वह घोटालों को अंजाम देता था।
इसके अलावा ED मामले में रहमान की 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को भी जब्त कर चुकी है।
गुरुवार को उसने मलिक के घर पर छापा मार तलाशी ली थी।