
गलवान हिंसा के बाद लगातार बढ़ रहा चीन के साथ भारत का व्यापार, देखें आंकड़े
क्या है खबर?
अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प के बाद चीन को सबक सिखाने के लिए उसके आर्थिक बहिष्कार की मांग की जा रही है।
2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद भी ऐसी ही मांग की गई थी और सरकार ने भी चीन पर आर्थिक निर्भरता कम करने की बात कही थी, लेकिन आंकड़े ठीक इसके विपरीत तस्वीर पेश करते हैं।
आंकड़े
क्या कहते हैं आंकड़े?
कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच गलवान हिंसा के बाद जून, 2020 में भारत का चीन से आयात 3.32 अरब डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन इसके बाद से इसमें लगातार इजाफा हो रहा है।
हिंसा के बाद अगले ही महीने जुलाई, 2020 में चीन से आयात बढ़कर 5.58 अरब डॉलर पर पहुंच गया और इस साल जुलाई में यह 10.24 अरब डॉलर के अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर रहा।
वृद्धि
पिछले दो सालों में चीन से औसत मासिक आयात भी बढ़ा
गलवान हिंसा के बाद पिछले दो साल में चीन से औसत मासिक आयात भी बढ़ा है।
जहां 2020-2021 वित्तीय वर्ष में भारत ने चीन से हर महीने औसतन 5.43 अरब डॉलर का आयात किया, वहीं 2021-22 में यह आंकड़ा बढ़कर 7.88 अरब डॉलर हो गया।
इस साल के पहले सात महीनों (अप्रैल से अक्टूबर तक) में चीन से औसत मासिक आयात 8.61 अरब डॉलर रहा है जो 2021-22 से भी अधिक है।
व्यापारिक घाटा
व्यापारिक घाटे भी हो रहा लगातार इजाफा
चीन से बढ़ते इस आयात का ही नतीजा है कि भारत का चीन के साथ व्यापारिक घाटा भी बढ़ा है। यहां 2020-21 में चीन के साथ भारत का व्यापारिक घाटा 44.02 अरब डॉलर था, वहीं 2021-22 में यह लगभग 67 प्रतिशत बढ़कर 73.31 अरब डॉलर हो गया।
इस साल के पहले सात महीनों में चीन के साथ भारत का व्यापारिक घाटा 51 अरब डॉलर पर है जो पिछले साल के पहले सात महीनों के मुकाबले 39 प्रतिशत अधिक है।
कुल व्यापार
भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है चीन, 2021-22 में कुल व्यापार भी बढ़ा
कुल व्यापार की बात करें तो चीन अमेरिका के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है।
2021-22 में दोनों देशों के बीच 115.83 अरब डॉलर का व्यापार हुआ, जो 2020-21 में 86.4 अरब डॉलर ही था।
2021-22 में भारत ने लगभग 21 अरब डॉलर का सामान चीन निर्यात किया, वहीं चीन ने लगभग 94 अरब डॉलर का सामान भारत निर्यात किया। 2020-21 में ये आंकड़ा 65.21 अरब डॉलर ही था।
सामान
भारत चीन से क्या आयात करता है?
लैपटॉप और पामटॉप जैसे चीनी इलेक्ट्रॉनिक सामान भारत में सबसे ज्यादा आयात किए जाते हैं। 2021-22 में इस श्रेणी में कुल 5.34 अरब डॉलर का आयात हुआ।
मोनोलिथिक इंटीग्रेटेड सर्किट-डिजिटल यानि चिप और सेमीकंडक्टर्स 4 अरब डॉलर के साथ इस सूची में दूसरे नंबर पर रहे।
लिथियम आयन यानि बैट्री (1.1 अरब डॉलर), सोलर सेल्स (3 अरब डॉलर) और यूरिया (1.4 अरब डॉलर) अन्य ऐसी चीजें रहीं जिनका चीन से बड़े पैमाने पर आयात किया गया।
अरुणाचल झड़प
न्यूजबाइट्स प्लस
अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में 9 दिसंबर को भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई थी।
लगभग 200 चीनी सैनिकों ने 17,000 फुट ऊंची एक चोटी से भारतीय पोस्ट को हटाने की कोशिश की थी, जिसके बाद ये झड़प हुई। ये चीनी सैनिक कंटीले क्लब और लाठियां लेकर आए थे।
भारतीय सैनिकों ने उनके मंसूबों को नाकामयाब करते हुए उन्हें पीछे धकेल दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मामले में संसद में बयान दे चुके हैं।