
भारत टेस्ला को प्रोत्साहन देने के लिए तैयार, देश में चीन से कम होगी उत्पादन लागत
क्या है खबर?
दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी टेस्ला भारत में धमाल मचाने की तैयारी कर रही है।
हाल ही में आई खबरों के अनुसार भारत सरकार टेस्ला को प्रोत्साहन देने के लिए तैयार है ताकि उसकी उत्पादन लागत को देश में कम किया जा सके।
बता दें कि कंपनी भारत में अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट देश के कर्नाटक राज्य में खोलेगी। इसकी पुष्टि पिछले महीने राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने की थी।
बयान
उत्पादन लागत कम करने के लिए दिया जाएगा प्रोत्साहन- गडकरी
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि भारत अमेरिकी दिग्गज इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी टेस्ला को प्रोत्साहन देने के लिए तैयार है ताकि देश में इसकी उत्पादन लागत चीन की तुलना में कम हो सके।
बता दें कि टेस्ला ने जनवरी की शुरुआत में ही कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में अपनी नई कंपनी टेस्ला इंडिया मोटर्स और एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की थी। इसके तीन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर हैं।
प्रस्ताव
इस शर्त पर मिलेगी छूट
गडकरी का कहना है कि टेस्ला अगर भारत में कारों को असेंबल करने के बजाय स्थानीय वेंडर्स को काम पर रखकर कारों को देश में ही बनाएगी तो उसे छूट दी जा सकती है।
गडकरी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि टेस्ला द्वारा भारत में कारों का निर्माण शुरू करने पर उनकी उत्पादन लागत अन्य देशों यहां तक कि चीन के मुकाबले भारत में सबसे कम हो।
बयान
एक्सपोर्ट हब भी हो सकता है भारत- गडकरी
इसके अलावा गडकरी ने कहा कि भारत ऑटो सेक्टर के लिए एक बड़ा बाजार होने के साथ साथ एक्सपोर्ट हब भी हो सकता है। खासतौर पर तब, जब 80 प्रतिशत लीथियम आयन बैटरियां घरेलू स्तर पर तैयार हो रही हैं।
हालांकि, टेस्ला की ओर से फिलहाल लोकल मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।
गडकरी द्वारा दिए गए इसे प्रस्ताव पर टेस्ला की प्रतिक्रिया आने के बाद भी इस पर कुछ कहा जा सकता है।
योजना
इस साल भारत आ सकती है मॉडल 3
येदियुरप्पा ने पिछले महीने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के अलावा इसकी भी पुष्टि की थी कि कंपनी ने बेंगलुरु में एक रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) यूनिट भी स्थापित की है।
कुछ समय पहले आई खबरों के अनुसार टेस्ला 2021 के मध्य में भारतीय बाजार में इलेक्ट्रिक कार मॉडल 3 लाने की योजना बना रही है। चीन में इसकी शुरुआती कीमत लगभग 32 लाख रुपये है।
कंपनी की देश में आयात करने और सीधी बिक्री करने की भी योजना भी है।
जानकारी
भारत में अभी कम है इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री
दरअसल, भारत में अभी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री काफी कम है। पिछले साल देश में लगभग 24 लाख गाड़ियां बिकी, जिसमें से लगभग 5,000 गाड़िया ही इलेक्ट्रिक थीं।
इसका कारण भारत में इलेक्ट्रिक कारों के दाम अधिक होना, चार्जिंग स्टेशन कम होना और कम इलेक्ट्रिक कारें उपलब्ध होना भी है। इसलिए देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार कई अहम कदम उठा रही है।
टेस्ला के आने से भी इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा मिलने में मदद मिलेगी।