
परिस्थितियों के हिसाब से टी-20 विश्वकप का आयोजन नहीं हो पाएगा- डेविड वॉर्नर
क्या है खबर?
कोरोना वायरस के कारण इस साल होने वाला ओलंपिक 2020 एक साल के लिए स्थगित हो गया है तो वहीं अन्य खेलों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।
क्रिकेट की बात करें तो इस साल टी-20 विश्वकप के रूप में एक बड़े टूर्नामेंट का आयोजन किया जाना है, लेकिन यह भी खतरे में है।
ऑस्ट्रेलियाई ओपनर डेविड वॉर्नर का मानना है कि परिस्थितियों के हिसाब से टी-20 विश्वकप का आयोजन नहीं हो पाएगा।
बयान
सभी 16 टीमों को ला पाना होगा मुश्किल- वॉर्नर
भारतीय ओपनर रोहित शर्मा के साथ इंस्टाग्राम लाइव के दौरान वॉर्नर ने कहा कि कोरोना के कारण अक्टूबर-नवंबर में टी-20 विश्वकप का आयोजन संभव नहीं लग रहा है।
उन्होंने कहा, "जिस प्रकार चीजें दिख रही हैं उनसे नहीं लगता कि टी-20 विश्वकप का आयोजन हो पाएगा। सभी 16 टीमों को यहां ला पाना बेहद मुश्किल होगा।"
हालांकि, इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अब तक टूर्नामेंट को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है।
खाली स्टेडियम
दर्शकों के बिना खेलना, अभ्यास मैच खेलने जैसा- वॉर्नर
ऑस्ट्रेलिया ने मार्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ खाली स्टेडियम में एक वनडे मैच खेला था, लेकिन वॉर्नर दर्शकों के बिना मैच खेलने के पक्ष में नहीं हैं।
उन्होंने कहा, "यह अजीब अनुभव था। आपको केवल क्रिकेट बॉल की आवाज सुनाई देती है। यह अजीब था। यह एकदम अभ्यास मैच खेलने जैसा था। मुझे नहीं पता कि और कितने लंबे समय तक आप इसे संभाल सकते हैं। होम क्राउड से ही आपको मोमेंटम मिलता है।"
टेस्ट सीरीज़
टी-20 विश्वकप के अलावा भारत के साथ सीरीज़ पर भी है ऑस्ट्रेलिया की नजर
टी-20 विश्वकप के बाद भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलिया में चार टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेलनी है।
हालांकि, क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एक अतिरिक्त टेस्ट मैच खेलने का प्रस्ताव दे रही है जिससे वे आर्थिक क्षति की कुछ भरपाई कर सकें।
हाल ही में BCCI ने भी संकेत दिए हैं कि वे इस दौरे को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और दौरे पर अतिरिक्त मैच भी खेले जा सकते हैं।
टी-20 विश्वकप
तमाम लोगों को लगता है कि नहीं हो सकता टी-20 विश्वकप
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर साइमन कैटिच को लगता है कि इस साल टी-20 विश्वकप नहीं हो सकता, तो वहीं वर्तमान लिमिटेड ओवर्स कप्तान आरोन फिंच को लगता है कि इसे थोड़े समय के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है।
हाल ही में एक BCCI ऑफिशियल ने सवाल उठाए थे कि क्या ऑस्ट्रेलिया इतना बड़ा खतरा लेने के लिए तैयार है और क्या हर देश की सरकार यात्रा के लिए अनुमति दे देगी।