
कोरोना वायरस के चलते एक साल के लिए स्थगित हुआ ओलंपिक 2020
क्या है खबर?
कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते दुनियाभर में खेलों के आयोजन को स्थगित या रद्द किया जा रहा है।
इस जानलेवा वायरस से प्रभावित होने वाले ताजा खेलों का इवेंट ओलंपिक बना है।
पिछले 1-2 दिनों में लगातार ओलंपिक के स्थगित होने की आशंका व्यक्त की जा रही थी और अब इसे एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबो और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के प्रेसीडेंट ने मिलकर यह निर्णय लिया है।
बयान
IOC ने दिया स्थगित करने के निर्णय को समर्थन- आबे
जापान के प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा, "मैंने खेलों के आयोजन को एक साल के लिए स्थगित करने का सुझाव दिया और उस पर IOC प्रेसीडेंट थॉमस बाच ने अपनी 100 प्रतिशत सहमति व्यक्त की है।"
स्थगित करने का कारण
एथलीट्स को मिलेगा अच्छी परिस्थितियों में खेलने का मौका- आबे
ओलंपिक को एक साल आगे बढ़ाने के साथ ही पैरालंपिक को भी एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया गया है।
आबे ने आगे कहा, "ऐसा करने के बाद एथलीट्स को बढ़िया परिस्थितियों में खेलने का मौका मिलेगा। इसके अलावा इसे दर्शकों के लिए भी सुरक्षित बनाया जा सकेगा।"
ब्रिटिश ओलंपिक एसोसिएशन (BOA) ने मंगलवार को इस मुद्दे पर बात करने के लिए मीटिंग की थी और उसके बाद ही यह निर्णय लिया गया है।
समर 2021
समर 2021 से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है ओलंपिक
टोक्यो 2020 के आयोजकों और IOC ने ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा, "वर्तमान परिस्थितियों और WHO द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर IOC प्रेसीडेंट और जापान के प्रधानमंत्री ने टोक्यो ओलंपिक 2020 को स्थगित करने का निर्णय लिया है, लेकिन इसे समर 2021 तक ही बढ़ाया जा सकता है।"
इस स्टेटमेंट में यह भी कहा गया कि वर्तमान समय में कोरोना ने दुनिया को बुरी तरह प्रभावित किया है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
जानकारी
पहली बार देर से होगा ओलंपिक का आयोजन
124 साल के माडर्न इतिहास में ओलंपिक के आयोजन में कभी देरी नहीं हुई है। हालांकि, 1916, 1940 और 1944 में विश्वयुद्धों के दौरान इसे निरस्त किया गया था।
कनाडा और ऑस्ट्रेलिया
कनाडा और ऑस्ट्रेलिया ने किया था अपनी टीमों को भेजने से इंकार
बीते सोमवार को कनाडा ओलंपिक 2020 में अपने एथलीट्स को नहीं भेजने का निर्णय लेने वाला पहला देश बना था।
कनाडा की ओलंपिक कमेटी ने कहा था कि वह तब तक अपने एथलीट्स को ओलंपिक में नहीं भेजेगा जब तक कि इसे एक साल के लिए स्थगित नहीं कर दिया जाता है।
इसके बाद ऑस्ट्रेलिया ने भी कनाडा के निर्णय से सहमति जताई थी और अपने एथलीट्स को ओलंपिक में नहीं भेजने का निर्णय लिया था।
कोरोना का प्रभाव
कोरोना के कारण रुक गए हैं लगभग हर तरह के खेल
कोरोना का प्रभाव इस कदर पड़ा है कि दुनियाभर के लगभग हर तरह के खेलों को रोका जा चुका है।
क्रिकेट के सभी इंटरनेशनल और घरेलू मैचों को स्थगित कर दिया गया है।
फुटबॉल की बात करें तो यूरो और कोपा अमेरिका को एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया है तो वहीं यूरोप की टॉप-5 लीग्स निलंबित चल रही हैं।
टेनिस, बैडमिंटन, रग्बी, बास्केटबॉल, फॉर्मूला वन समेत तमाम खेल रद्द या स्थगित हो चुके हैं।