
#NewsBytesExplainer: मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बिना मुख्यमंत्री चेहरे के क्यों उतर रही भाजपा?
क्या है खबर?
मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में इसी साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। इन तीनों ही राज्यों में भाजपा ने मुख्यमंत्री के चेहरे का ऐलान नहीं किया है।
पार्टी का कहना है कि वो सामूहिक नेतृत्व की रणनीति के तहत चुनाव लड़ेगी। भाजपा के इस कदम को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं।
आइए समझते हैं कि पार्टी इन राज्यों में क्यों किसी को मुख्यमंत्री चेहरा नहीं बना रही है।
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री के सभी विकल्प खुले
मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान लंबे समय से मुख्यमंत्री हैं। इस बार पार्टी ने मुख्यमंत्री के लिए न सिर्फ उनके नाम का ऐलान नहीं किया, बल्कि 3 केंद्रीय मंत्रियों को चुनाव में उतारकर सभी विकल्प खुले रखे हैं।
नरेंद्र सिंह तोमर, फग्गन सिंह कुलस्ते, प्रह्लाद सिंह पटेल और कैलाश विजयवर्गीय जैसे दिग्गज नेता विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं।
इनमें से ज्यादातर मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जाते हैं। विजयवर्गीय तो कई बार ये बात कह चुके हैं।
छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़: रमन सिंह का उत्तराधिकारी तलाश रही भाजपा
रमन सिंह 3 बार छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इस बार मुख्यमंत्री के लिए उनका नाम तो दूर, बल्कि चर्चाएं हैं कि उनका विधानसभा टिकट भी कट सकता है।
रमन सिंह के आलोचकों का कहना है कि वे जमीन पर सक्रिय नहीं हैं और उनके कार्यकाल में पार्टी में गुटबाजी बढ़ी है। पार्टी अब छत्तीसगढ़ में रमन सिंह का उत्तराधिकारी तलाश रही है, लेकिन कोई बड़ा चेहरा नजर नहीं आ रहा है।
राजस्थान
राजस्थान में भी कई बड़े चेहरे उतार सकती है भाजपा
मध्य प्रदेश की तरह राजस्थान में भी पार्टी कई बड़े चेहरों को चुनावी मैदान में उतार सकती है। इनमें केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौर और वसुंधरा राजे जैसे नाम शामिल हैं।
पार्टी यहां गुटबाजी से जूझ रही है और इसी वजह से किसी भी नाम को मुख्यमंत्री पद के लिए आगे नहीं किया जा रहा है।
मोदी
पार्टी को मिलेगा मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ने का फायदा?
इन तीनों राज्यों में भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी। इससे पहले गुजरात, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के कई चुनाव भाजपा ने मोदी के चेहरे पर लड़े हैं। इन सभी में पार्टी को सफलता मिली।
पार्टी प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता को इन चुनावों में भी भुनाना चाहती है। अगर पार्टी विधानसभा चुनावों में हार भी गई तो मोदी के चेहरे का फायदा अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में मिलेगा।
प्लस
न्यूजबाइट्स प्लस
तीनों राज्यों में 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी।
राजस्थान में भाजपा ने 73 और कांग्रेस ने 100 सीटें जीती थीं। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को 68 और भाजपा को केवल 15 सीटों पर ही जीत मिली थी।
मध्य प्रदेश की 230 में से 114 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी और भाजपा के खाते में 109 सीटें आई थीं। हालांकि, बाद में ज्योतिरादित्य सिंधिया की बगावत के बाद कांग्रेस सरकार गिर गई थी।