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#NewsBytesExplainer: मनोज झा के 'ठाकुर का कुआं' कविता पढ़ने को लेकर बिहार में क्या विवाद?
मनोज झा द्वारा राज्यसभा में पढ़ी गई एक कविता को लेकर विवाद हो रहा है

#NewsBytesExplainer: मनोज झा के 'ठाकुर का कुआं' कविता पढ़ने को लेकर बिहार में क्या विवाद?

लेखन आबिद खान
Sep 29, 2023
07:47 pm

क्या है खबर?

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज झा की राज्यसभा में एक टिप्पणी को लेकर बिहार में विवाद छिड़ा हुआ है। पूर्व सांसद आनंद मोहन ने कहा कि वे अगर राज्यसभा में होते तो मनोज की जीभ काटकर सभापति की ओर उछाल देते। इसके अलावा जनता दल यूनाइटेड (JDU) से लेकर भाजपा तक मनोज के विरोध में खड़ी हो गई हैं। अब इस मामले में लालू प्रसाद यादव का भी बयान आया है। आइए जानते हैं मामला क्या है।

मामला

क्या है मामला?

संसद के विशेष सत्र के दौरान 21 सितंबर को राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान मनोज ने अपने संबोधन में ओमप्रकाश वाल्मीकि की एक कविता पढ़ी, जिसका शीर्ष था- ठाकुर का कुआं। मनोज ने अपने भाषण में कहा था कि हमें अंदर बैठे हुए ठाकुर को मारने की जरूरत है। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। बिहार के ठाकुर नेता कह रहे हैं कि मनोज ने ठाकुरों का अपमान किया है।

शुरुआत

कैसे हुई विवाद की शुरुआत?

मनोज की टिप्पणी पर सबसे पहले RJD विधायक और हाल ही में जेल से रिहा हुए आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद का बयान आया। उन्होंने कहा, "समाजवाद में किसी एक जाति को टारगेट करना समाजवाद के नाम पर दोगलापन के अलावा कुछ नहीं है। हम ठाकुर हैं साहब, सबको साथ लेकर चलते हैं। जब हम दूसरों के बारे में गलत नहीं सुन सकते तो अपने पर अभद्र टिप्पणी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।"

बयान

आनंद मोहन बोले- अगर सदन में होता तो जीभ खींचकर उछाल देता

मामले पर आनंद मोहन ने कहा, "अगर मैं सदन में होता तो जीभ खींचकर आसन की तरफ उछाल देता, सभापति की ओर। आप इतने बड़े समाजवादी हो तो झा क्यों लगाते हो। आप पहले अपने अंदर के ब्राह्मण को मारो।" इसके बाद आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "ये समुदाय विशेष को एक व्यक्ति विशेष ने गाली दी है। 1857 से 1942 तक शानदार इतिहास है ठाकुरों का, अगर उसकी राष्ट्र भक्ति पर सवाल उठाइएगा तो आनंद मोहन बोलेगा।"

RJD

विवाद पर RJD का क्या रुख है?

विवाद पर RJD मनोज के समर्थन में खड़ी है। RJD अध्यक्ष लालू यादव ने कहा, "मनोज ने ठीक कहा है। किसी जाति का अपमान नहीं किया। जो लोग मनोज के बयान पर शोर मचा रहे हैं, वे अपनी जाति का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।" लालू ने चेतन और आनंद की टिप्पणियों पर कहा, "जब उनके पास इतनी कम बुद्धि है तो क्या कर सकते हैं।" JDU अध्यक्ष ललन सिंह ने भी मनोज का बचाव किया है।

धमकी

भाजपा और JDU नेताओं ने दी मनोज को धमकी

विवाद पर भाजपा के कई नेताओं ने मनोज का मुंह तोड़ने और ईंट का जवाब पत्थर से देने की बात कही है। भाजपा विधायक नीरज कुमार बब्लू बोले, "अगर मैं राज्यसभा में मौजूद होता तो वहीं मनोज झा का मुंह तोड़ देता।" JDU के विधान परिषद सदस्य संजय सिंह ने झा को धमकी देते हुए कहा, "क्षत्रिय गर्दन कटवा भी सकता है और काट भी सकता है, इसलिए सोच समझकर बयानबाजी की जाए।"

सुरक्षा

RJD ने की मनोज को सुरक्षा देने की मांग

मनोज को धमकी मिलने के बाद RJD ने केंद्र सरकार से उनके लिए सुरक्षा की मांग की है। RJD के प्रदेश प्रवक्ता ऋषि मिश्रा ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिख मनोज के लिए Y श्रेणी की सुरक्षा मांगी है। उन्होंने लिखा कि मनोज शांत शख्सियत हैं और सर्वश्रेष्ठ सासंद के पुरस्कार से सम्मानित हैं। मिश्रा ने पत्र में नेताओं के उन बयानों का भी उल्लेख किया, जिनमें मनोज को धमकी दी गई थी।