
कांग्रेस की शीर्ष समिति के लिए नहीं होगा चुनाव, अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे सदस्यों को नामित
क्या है खबर?
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार को कांग्रेस का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन शुरू हो गया।
अधिवेशन के दौरान हुई पार्टी की संचालन समिति की बैठक में निर्णय लिया गया कि कांग्रेस कार्यकारिणी समिति (CWC) के सदस्यों के लिए चुनाव आयोजित नहीं किया जाएगा।
बतौर रिपोर्ट्स, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे CWC के सभी सदस्यों को नामांकित करेंगे।
गौरतलब है कि इस अहम बैठक में सोनिया गांधी और राहुल गांधी नहीं शमिल हुए।
बयान
सर्वसम्मति से लिया गया यह फैसला- जयराम रमेश
कांग्रेस महासचिव और पार्टी के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बताया कि कांग्रेस की संचालन समिति ने सर्वसम्मति से अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को CWC के सभी सदस्यों को नामित करने के लिए अधिकृत करने का फैसला लिया है।
हालांकि, सूत्रों ने NDTV को बताया कि यह फैसला सर्वसम्मति से नहीं लिया गया और अभिषेक मनु सिंघवी, अजय माकन और दिग्विजय सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता CWC के सदस्यों के लिए चुनाव करवाने के पक्ष में थे।
बयान
कांग्रेस में कोई मतभेद नहीं- दिनेश गुंडू राव
कांग्रेस नेता दिनेश गुंडू राव ने कहा, "कांग्रेस में कोई मतभेद नहीं है। हमें मल्लिकार्जुन खड़गे पर पूरा भरोसा है और हम उनके हाथों को मजबूत करना चाहते हैं, ताकि वह कांग्रेस को और मजबूत कर सकें।"
गौरतलब है कि गांधी परिवार का कोई भी सदस्य इस बैठक में नहीं शामिल हुआ था। बतौर रिपोर्ट्स, सोनिया गांधी और राहुल गांधी खड़गे को पूरी आजादी देना चाहते हैं और पार्टी के फैसलों को प्रभावित करने से बचना चाहते हैं।
बैठक
संचालन समिति की बैठक में और क्या हुआ?
जयराम रमेश ने बताया कि संचालन समिति की बैठक में कांग्रेस के संविधान में संशोधन का भी फैसला लिया गया। उन्होंने बताया कि संविधान के 16 प्रावधानों में संशोधन किया गया है। इसके अलावा 32 प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव भी रखा जाएगा।
अधिवेशन में कांग्रेस के बड़े नेताओं समेत देशभर से 15,000 प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं। इसमें राजनीतिक, आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा के बाद प्रस्ताव लाए जाएंगे।
अहमियत
लोकसभा चुनाव के नजरिए से अहम है अधिवेशन
कांग्रेस के तीन दिवसीय अधिवेशन को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के नजरिए से अहम माना जा रहा है। इसमें बाकी दलों के साथ गठबंधन और लोकसभा चुनाव के रोडमैप पर बड़े निर्णय लिए जा सकते हैं।
अधिवेशन में पार्टी के संगठन में कार्यकाल को लेकर भी जरूरी फैसले लिए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल ही में कहा था कि कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियां 2024 में केंद्र में सरकार बनाएंगी।