
राज्यसभा: गतिरोध को तोड़ने के लिए बुलाई गई सरकार की बैठक में शामिल नहीं हुआ विपक्ष
क्या है खबर?
विपक्ष राज्यसभा में गतिरोध को तोड़ने के लिए आज बुलाई गई सरकार की बैठक में शामिल नहीं हुआ। सरकार ने इस बैठक के लिए पांच विपक्षी पार्टियों को न्यौता दिया था, लेकिन इनमें से कोई भी पार्टी बैठक में शामिल नहीं हुई।
विपक्ष ने केवल पांच पार्टियों को बुलाने पर सवाल उठाए और कहा कि यह सरकार की उन्हें बांटने की साजिश है। विपक्ष ने सरकार से सभी पार्टियों की बैठक बुलाने को कहा है।
गतिरोध
राज्यसभा में क्यों बना हुआ है गतिरोध?
राज्यसभा में विपक्ष के 12 सांसदों को निलंबित करने पर गतिरोध बना हुआ है। इन सांसदों को मानसून सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में जबरदस्त हंगामा करने के कारण निलंबित किया गया है।
विपक्ष इन सांसदों का निलंबन वापस लेने की मांग कर रहा है, वहीं सरकार कहती आई है कि जब तक सांसद माफी नहीं मांगेंगे, उनका निलंबन वापस नहीं लिया जाएगा।
इसी कारण सदन में गतिरोध बनाया हुआ है और विपक्ष सदन को चलने नहीं दे रहा।
निर्देश
सभापति वेंकैया नायडू ने दिया गतिरोध तोड़ने का निर्देश
NDTV के सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा सभापति वेंकैया नायडू ने सरकार और विपक्ष को आपस में मिलकर सदन में बने गतिरोध को तोड़ने के लिए एक सहमति पर पहुंचने का निर्देश दिया था।
इस निर्देश के बाद संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पत्र लिखते हुए कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस (TMC), माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) और शिवसेना के सदन नेताओं को सोमवार सुबह 10 बजे संसद में बैठक में शामिल होने का न्यौता दिया।
फैसला
पार्टियों का बैठक में शामिल होने से इनकार, खड़गे बोले- विपक्ष को बांटने की साजिश
हालांकि पांचों पार्टियों ने सरकार की इस बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया और केवल उन्हें बुलाने के सरकार के फैसले का विरोध किया।
इस संबंध में आज सुबह राज्यसभा के नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के ऑफिस में विपक्षी नेताओं की बैठक हुई।
बैठक के बाद खड़गे ने कहा, "ये विपक्ष को बांटने की साजिश है। सभी विपक्षी पार्टियां मुद्दे पर एकजुट हैें। हमें सरकार को सभी पार्टियों की बैठक बुलाने को कहा है।"
बयान
हम संसद को नहीं चलने देंगे- संजय राउत
शिवसेना सांसद संजय राउत ने मामले पर समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा, "हम सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं होंगे। हम गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के इस्तीफे और राज्यसभा के 12 विपक्षी सांसदों के निलंबन को वापस लेने की मांग करते हैं।"
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने ऐसा नहीं किया तो विपक्ष संसद के दोनों सदनों को नहीं चलने देगा।