
हेमंत सोरेन ने ली झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ, तीसरी बार संभाली राज्य की कमान
क्या है खबर?
हेमंत सोरेन तीसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बन गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के इस्तीफे के बाद सोरेन ने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है।
राजधानी रांची में राजभवन में राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने सोरेन को शपथ दिलाई।
पहले खबरें थीं कि सोरेन 7 जुलाई को शपथ लेंगे, लेकिन उन्होंने आज ही राज्यापाल से मुलाकात की थी, जिसके बाद राज्यपाल ने सोरेन को सरकार बनाने का न्योता दिया था।
इस्तीफा
एक दिन पहले चंपई सोरेन ने दिया था इस्तीफा
3 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास पर गठबंधन के नेताओं और विधायकों ने बैठक की थी। इसमें सर्वसम्मति से सोरेन को विधायक दल का नेता चुना गया था, जिसके बाद शाम में राजभवन जाकर चंपई ने इस्तीफा सौंप दिया था।
बता दें कि चंपई 2 फरवरी को झारखंड के मुख्यमंत्री बने थे और उनका कार्यकाल मात्र 152 दिन का रहा। खबरें हैं कि चंपई को पार्टी में कोई बड़ा पद दिया जा सकता है।
जमानत
जमानत पर बाहर हैं हेमंत
सोरेन कथित भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में 5 महीने से जेल में बंद थे। उन्हें 28 जून को जमानत मिली है।
इसी साल 31 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लंबी पूछताछ के बाद सोरेन को गिरफ्तार कर लिया था।
उन पर रांची के बारगैन इलाके में 8.86 एकड़ जमीन पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा करने के आरोप हैं। ED ने इस मामले में सोरेन को कई समन जारी किए थे।
चुनाव
राज्य में इसी साल होने हैं चुनाव
झारखंड में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। इस वजह से अटकलें लगाई जा रही थीं कि सोरेन फिर मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
राज्य की 81 सदस्यीय विधानसभा में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के 28, कांग्रेस के 16, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और CPI(ML) का एक-एक विधायक है।
विपक्ष में भाजपा के 25, ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन (AJSU) के 3 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) का एक विधायक हैं। राज्य में 2 निर्दलीय विधायक भी हैं।
प्लस
न्यूजबाइट्स प्लस
10 अगस्त, 1975 को जन्में हेमंत झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के बेटे हैं। इंजीनियरिंग की शुरुआती पढ़ाई छोड़ने के बाद पिता की विरासत को आगे बढ़ाते हुए 2009 में वे पहली बार राज्यसभा सदस्य बने और इसी साल पहली बार विधायक भी चुने गए।
वे 2010 से 2013 तक झारखंड के उपमुख्यमंत्री रहे और 2013 में पहली बार मुख्यमंत्री बने। वे झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रहे हैं।