
कर्नाटक चुनाव: कांग्रेस की बड़ी जीत, 224 में से 130 से अधिक सीटों पर आगे
क्या है खबर?
कर्नाटक चुनाव के नतीजे लगभग स्पष्ट हो गए हैं। कांग्रेस ने यहां बड़ी जीत दर्ज की है और वह 224 में से 137 सीटों पर आगे चल रही है। बहुमत का आंकड़ा 113 सीट है।
भाजपा महज 63 सीटों पर आगे है। जनता दल सेक्युलर (JDS) 20 सीटों पर आगे है, वहीं चार सीटों पर अन्य पार्टियों के उम्मीदवार आगे हैं।
कांग्रेस को राज्य में कुल 43 प्रतिशत वोट मिले हैं, वहीं भाजपा को 36 प्रतिशत वोट मिले हैं।
रुझान
कर्नाटक की प्रमुख सीटों पर क्या हैं रुझान?
कर्नाटक की प्रमुख सीटों के रुझानों की बात करें तो भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के बेटे बीवाई विजयेंद्र शिकारीपुर सीट से आगे चल रहे हैं, जबकि कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार कनकपुरा सीट से बढ़त बनाए हुए हैं।
इसके अलावा भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए जगदीश शेट्टार हुबली-धारवाड़ सेंट्रल सीट से पीछे चल रहे हैं, जबकि वरुणा सीट से कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया आगे चल रहे हैं।
कांग्रेस
शुरुआती रुझानों से उत्साहित कांग्रेस
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के शुरुआती रुझानों के बाद कांग्रेस खासी उत्साहित है। उसने मतगणना के बीच ही अपने सभी विधायकों को आज बेंगलुरु पहुंचने के लिए कहा है। बेंगलुरु में कांग्रेस 25 सीटों पर आगे चल रही है।
इससे पहले कर्नाटक के एग्जिट पोल्स में त्रिशंकु विधानसभा रहने का अनुमान जताया गया था, लेकिन मतगणना के शुरुआती रुझाने आने के बाद कांग्रेस के दिल्ली मुख्यालय में जश्न का माहौल है और कार्यकर्ता यहां ढोल-नगाड़ों के साथ पहुंचे चुके हैं।
मुख्यमंत्री
कौन बन सकता है मुख्यमंत्री?
अभी तक के रुझानों के मुताबिक कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनती हुई नजर आ रही है। राज्य कांग्रेस की ओर से डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया मुख्यमंत्री पद के दो प्रबल दावेदार हैं।
कांग्रेस आलाकमान को इन दोनों नेताओं में से किसी एक को मुख्यमंत्री के लिए चुनना होगा और पार्टी में गुटबाजी की आशंका जताई जा रही है।
अभी दोनों पक्ष कह रहे हैं कि आलाकमान ही मुख्यमंत्री को लेकर अंतिम निर्णय लेगा।
नतीजे
क्या रहे थे पिछले विधानसभा चुनाव के नतीजे?
कर्नाटक में 2018 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 104 सीटों पर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने 80 सीटें हासिल की थीं, वहीं जनता दल सेक्युलर (JDS) के खाते में 37 सीटें आई थीं। अन्य पार्टियां 3 सीटें जीतने में कामयाब रही थीं।
अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो कांग्रेस को सर्वाधिक 38.14 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे, वहीं भाजपा ने 36.35 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। अधिक वोट मिलने के बावजूद कांग्रेस को कम सीटें मिली थीं।