
युवाओं को कार्डियक अरेस्ट के खतरे से बचा सकते हैं ये योगासन, ऐसे करें अभ्यास
क्या है खबर?
खराब जीवनशैली, काम के भार और आर्थिक असुरक्षा आदि कई कारणों से आजकल कई युवा तनाव जैसी कई मानसिक समस्याओं से घिरते जा रहे हैं और इस कारण उनमें कार्डियक अरेस्ट का खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
योग युवाओं को इस गंभीर बीमारी से बचाकर रखने में मदद कर सकता है।
आइए आज कुछ ऐसे योगासनों के अभ्यास का तरीका बताते हैं जो युवाओं में कार्डियक अरेस्ट के खतरे को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
#1
सुखासन
सुखासन के लिए पहले योगा मैट पर पैरों को सीधा करके बैठें।
अब बाएं पैर को घुटने से मोड़कर दाएं पैर की जांघ के नीचे रखें। इसके बाद दाएं पैर को मोड़कर बाएं पैर की जांघ के नीचे रखें।
फिर दोनों हाथों को ध्यान मुद्रा में घुटनों पर रखें और अपनी दोनों आंखों को बंद करें। इस दौरान अपने शरीर को आरामदायक स्थिति में रखें।
कुछ सेकेंड इसी स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे आंखें खोलकर आसन को छोड़ दें।
#2
वज्रासन
वज्रासन के अभ्यास के लिए घुटनों के बल योगा मैट पर बैठें। इसी स्थिति में अपने दोनों पैरों के अंगूठों को साथ में मिलाएं और एड़ियों को अलग रखें।
अब अपने नितंबों को एड़ियों पर टिकाकर अपनी हथेलियां को घुटनों पर रखें। इस दौरान अपनी पीठ और सिर को सीधा रखें।
इसके बाद आंखें बंद करके सामान्य रूप से सांस लेते रहें। इस अवस्था में कम से कम 5-10 मिनट तक बैठने की कोशिश करें और फिर सामान्य हो जाएं।
#3
वृक्षासन
वृक्षासन का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर दोनों पैरों को आपस में जोड़ें और सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएं।
फिर शरीर का संतुलन बनाते हुए हाथों की मदद से बायां तलवा दायीं जांघ पर रख लें।
अब अपने हाथों को सिर के ऊपर ले जाते हुए नमस्कार की अवस्था में आ जाएं।
थोड़ी देर इसी अवस्था में रहकर धीरे-धीरे प्रारंभिक अवस्था में आएं और शरीर को आराम देकर आसन को दोहराएं।
#4
गोरक्षासन
गोरक्षासन के अभ्यास के लिए पहले योगा मैट पर दंडासन की अवस्था में बैठ जाएं। फिर अपनों दोनों पैरों को घुटनों से मोड़ें और अपनी एड़ियों को आपस में मिला लें।
इसके बाद अपने शरीर को थोड़ा ऊपर उठाकर अपनी एड़ियों पर बैठें और इस दौरान अपनी पीठ को एकदम सीधा रखें।
अब अपने तलवों को दोनों हाथों से पकड़ लें। जब तक संभव हो, इसी मुद्रा में रहें और इसके बाद धीरे-धीरे आरंभिक अवस्था में लौट आएं।