
G-20 शिखर सम्मेलन: यूक्रेन युद्ध और जलवायु परिवर्तन समेत संयुक्त घोषणा में क्या-क्या है?
क्या है खबर?
G-20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन संयुक्त बयान 'दिल्ली घोषणा' पर सभी देशों के बीच सहमति बन गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस बात की घोषणा करते हुए इसे अच्छी खबर बताया है।
पहले माना जा रहा था कि घोषणा के मुद्दों पर देशों के बीच आम सहमति नहीं बनेगी, लेकिन अब घोषणा को बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
आइए जानते हैं कि संयुक्त बयान में किन-किन बातों का जिक्र है।
युद्ध
यूक्रेन युद्ध को लेकर संयुक्य बयान में क्या है?
दिल्ली घोषणा में यूक्रेन युद्ध ही एक ऐसा मुद्दा था, जिस पर विवाद हो रहा था। चीन और रूस की ओर से इस पर असहमति जताई जा रही थी।
हालांकि, इस मुद्दे पर भी सहमति बन गई और शब्दों के चयन पर कथित समझौते के बाद इसे भी संयुक्त बयान में शामिल कर लिया गया।
सदस्य देशों ने यूक्रेन में व्यापक, न्यायसंगत और स्थायी शांति अपनाने का आह्वान किया है।
रूस
यूक्रेन युद्ध के संबंध में रूस का जिक्र नहीं
संयुक्त बयान में सीधे तौर पर रूस का नाम नहीं लिया गया, बल्कि यूक्रेन युद्ध लिखा गया है।
इसमें कहा गया है, "सभी राज्यों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करना चाहिए। किसी इलाके पर कब्जा करने के लिए ताकत के इस्तेमाल या किसी भी देश की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ कार्य करने से बचना चाहिए।"
घोषणा में कहा गया है कि परमाणु हथियारों का उपयोग या उपयोग करने की धमकी देना 'अस्वीकार्य' होगा।
जलवायु
जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर कही गई ये बात
घोषणा में जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर कई बातें कही गई हैं। इसमें देशों से आग्रह किया गया है कि वे वैश्विक औसत तापमान को पूर्व-औद्योगिक स्तर से 2 डिग्री सेल्सियस नीचे रखें क्योंकि ये पेरिस समझौते के तापमान लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपर्याप्त है।
इसके अलावा सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को प्राप्त करने की दिशा में तेजी लाने के लिए प्रयास बढ़ाने का भी आह्वान किया गया है।
मुद्दे
घोषणा में इन मुद्दों का भी जिक्र
37 पन्नों के दस्तावेज में इंटरनेशनल टैक्सेशन, वित्तीय क्षेत्र के मुद्दे, आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग का मुकाबला करना, अधिक समावेशी विश्व का निर्माण, वित्तीय समावेशन, भ्रष्टाचार से लड़ाई, भूख और कुपोषण को खत्म करना, वैश्विक स्वास्थ्य को मजबूत करना और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इसके अलावा क्रिप्टोकरेंसी को लेकर नीति और विनियमन, केंद्रीय डिजिटल मुद्रा, डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पर भी बात की गई है।
भारत
9 बार भारत का जिक्र, चंद्रयान-3 की सफलता पर बधाई
घोषणा में कुल 9 बार भारत का जिक्र किया गया है।
इसमें भारत की G-20 अध्यक्षता के दौरान 2030 एजेंडा के कार्यान्वयन में तेजी लाने, संसाधन दक्षता और परिपत्र अर्थव्यवस्था उद्योग गठबंधन (RECEIC), जीरो कचरा पहल, ग्लोबल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर रिपॉजिटरी (GDPIR) के निर्माण, वन फ्यूचर एलायंस (OFA) और अफ्रीकी संघ (AU) को स्थायी सदस्य बनाने को लेकर भारत की प्रशंसा की गई है।
देशों ने चंद्रयान-3 की सफलता पर भी भारत को बधाई दी है।
G-20
न्यूजबाइट्स प्लस
G-20 विश्व की 20 सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का एक संगठन है। इसकी शुरुआत 1999 के एशियाई वित्तीय संकट के बाद हुई थी।
इस साल भारत G-20 समूह की पहली बार अध्यक्षता कर रहा है। पिछले साल दिसंबर से देश में G-20 से संबंधित बैठकें हो रही हैं।
शिखर सम्मेलन 2 दिन चलना है और कल रविवार को इसका आखिरी दिन है। आमतौर पर संयुक्त बयान दूसरे दिन जारी होता है, लेकिन इस बार पहले दिन ही जारी कर दिया गया।