
#NewsBytesExplainer: प्रधानमंत्री मोदी का ग्रीस दौरा क्यों अहम और किन समझौतों पर लग सकती है मुहर?
क्या है खबर?
दक्षिण अफ्रीका दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिवसीय ग्रीस दौरे पर पहुंच चुके हैं। राजधानी एथेंस पहुंचने पर प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और राष्ट्रपति कैटरीना सकेलारोपोउलो ने प्रतीक चिन्ह देकर उनका सम्मान किया।
ये बीते 40 साल में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला ग्रीस दौरा है। इससे पहले सितंबर, 1983 में इंदिरा गांधी ग्रीस गई थीं।
आइए समझते हैं कि इस दौरे की क्या अहमियत है।
शेड्यूल
प्रधानमंत्री के दौरे का कार्यक्रम क्या रहेगा?
प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह करीब 9 बजे ग्रीस की राजधानी एथेंस पहुंचे थे। यहां उनकी अगुवाई ग्रीस के विदेश मंत्री जॉर्ज जेरापेट्रिटिस ने की।
एयरपोर्ट के बाहर भारतीय समुदाय ने भी उनका स्वागत किया।
इसके बाद उन्होंने 'टॉम्ब ऑफ अननोन सोल्जर' पर जाकर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।
वे ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस से मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री की तरफ से आयोजित लंच में मोदी स्थानीय कारोबारियों से भी मुलाकात करेंगे।
समझौते
दोनों देशों के बीच क्या समझौते हो सकते हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेता व्यापार और निवेश, शिपिंग, आव्रजन, संस्कृति और रक्षा सहयोग सहित विभिन्न मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
नई दिल्ली स्थित ग्रीस दूतावास के प्रभारी अधिकारी एलेक्जेंड्रोस बौडोरिस ने कहा, "हम यूरोप में भारत के लिए प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करना चाहते हैं और इसके लिए तैयार हैं।"
ग्रीक सिटी टाइम्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री के साथ 12 भारतीय कारोबारी भी हैं, जो ग्रीस के कारोबारियों से मिलेंगे।
मिसाइल
ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर हो सकता है समझौता
भारत और ग्रीस के बीच रक्षा संबंध पहले से काफी मजबूत रहे हैं। 2021 में ग्रीस और भारत ने भूमध्य सागर के दक्षिण-पश्चिम में युद्ध अभ्यास किया था। भारत और ग्रीस के बीच युद्धाभ्यास तरंग भी होने वाला है।
ग्रीस काफी वक्त से भारत से ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल खरीदने में दिलचस्पी दिखाता रहा है। इस वजह से उम्मीद है कि ब्रह्मोस को लेकर दोनों देशों के बीच समझौता हो सकता है।
तुर्की
तुर्की-पाकिस्तान के गठजोड़ को लेकर भी अहम है दौरा
ग्रीस कश्मीर के मुद्दे पर भारत का समर्थन करता है, वहीं उसका पड़ोसी देश तुर्की कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन करता है। इस वजह से तुर्की और भारत के रिश्तों में कड़वाहट आई है।
दूसरी ओर पाकिस्तान और तुर्की के बीच नजदीकियां बढ़ रही हैं। हाल ही में तुर्की ने पाकिस्तान को बायरकतार टीबी 2 ड्रोन दिए हैं। इस वजह से पाकिस्तान और तुर्की के गठजोड़ के लिहाज से भी दौरा अहम है।
यूरोप
यूरोप में भारत का प्रवेश द्वार बनेगा ग्रीस?
अभी तक भारत ईरान में स्थित चाबहार बंदरगाह के जरिए यूरोपीय बाजार में पैर जमाने की तैयारी कर रहा था।
ग्रीस के विदेश मंत्री जॉर्ज गेरापेट्रिटिस ने कहा था कि ग्रीस और भारत कनेक्टिविटी में निवेश करके एक पारस्परिक रूप से लाभप्रद रणनीतिक साझेदारी शुरू कर सकते हैं।
इसके लिए पीरियस बंदरगाह पर निवेश को लेकर चर्चा हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो पीरियस बंदरगाह यूरोप में भारत का प्रवेश द्वार बन सकता है।
रिश्ते
दोनों देशों के बीच कैसे रहे हैं रिश्ते?
भारत की आजादी के बाद मई, 1950 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। 1950 में ग्रीस ने दिल्ली में और 1978 में भारत ने एथेंस में अपना दूतावास खोला था।
मई, 1998 में भारत के परमाणु परीक्षण के बाद जब ज्यादातर देशों ने भारत पर प्रतिबंध लगा दिए थे, तब ग्रीस के रक्षा मंत्री ने भारत का दौरा किया था। वे ऐसा करने वाले उत्तर अटालांटिक संधि संगठन (NATO) देश के पहले रक्षा मंत्री थे।
व्यापार
भारत-ग्रीस के बीच कैसा है व्यापार?
पिछले कुछ सालों में भारत और ग्रीस के बीच समुद्री परिवहन, रक्षा, व्यापार, तकनीक और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है।
भारत ग्रीस को खनिज, जैविक रसायन, प्लास्टिक, फल, सूखे मेवे, सब्जी, मसाले, कॉफी और विद्युत उपकरण निर्यात करता है, वहीं ग्रीस से कपास, संगमरमर और ग्रेनाइट जैसी चीजों का आयात करता है।
2020-21 के दौरान दोनों देशों के बीच 61.572 करोड़ डॉलर का व्यापार हुआ था। 2019-20 में यह आंकड़ा 56.924 करोड़ डॉलर था।