
राष्ट्रपति ने न्यायाधीश एसए बोबड़े को किया अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त, 18 नवंबर को लेंगे शपथ
क्या है खबर?
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को न्यायाधीश शरद अरविंद बोबड़े की देश के अगले मुख्य न्यायाधीश (CJI) के तौर पर नियुक्ति की।
बोबड़े 18 नवंबर को शपथ लेंगे। इसी दिन वर्तमान CJI रंजन गोगोई रिटायर हो रहे हैं।
बता दें कि न्यायाधीश बोबड़े अयोध्या भूमि विवाद की सुनवाई कर रही CJI गोगोई के नेतृत्व वाली सुप्रीम कोर्ट बेंच का हिस्सा हैं।
मामले में सुनवाई पूरी हो चुकी है और CJI गोगोई के रिटायरमेंट से पहले फैसला आना है।
सिफारिश
CJI गोगोई ने की थी न्यायाधीश बोबड़े के नाम की सिफारिश
बीते दिनों CJI गोगोई ने केंद्र सरकार को अगले CJI के लिए अपने बाद सबसे वरिष्ठ जज बोबड़े के नाम की सिफारिश की थी।
सुप्रीम कोर्ट की परंपरा के अनुसार, रिटायर हो रहे CJI अपने उत्तराधिकारी के लिए उनके बाद सबसे वरिष्ठ जज का नाम सुझाते हैं।
कुछ मौकों पर सबसे वरिष्ठ जज को नजरअंदाज कर दूसरे जजों को भी CJI बनाया गया है।
हालांकि मोदी सरकार ने तय परंपरा के अनुसार CJI गोगोई की सिफारिश को स्वीकार किया है।
परिचय
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं बोबड़े
न्यायाधीश एसए बोबड़े का जन्म नागपुर में हुआ था और उन्होंने नागपुर यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है।
न्यायाधीश बोबड़े ने 1978 में वकालत में अपने करियर की शुरुआत की थी।
साल 2000 में न्यायाधीश बोबड़े को बॉम्बे हाई कोर्ट में एडिशनल जज नियुक्त किया गया था।
अप्रैल, 2012 में सुप्रीम कोर्ट के जज बनने से पहले न्यायाधीश बोबड़े मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं।
CJI गोगोई
CJI गोगोई ने की इन अहम मुद्दों पर सुनवाई
न्यायाधीश बोबड़े 23 अप्रैल 2021 तक सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहेंगे।
वहीं उनके पूर्ववर्ती CJI गोगोई 3 अक्टूबर 2018 को CJI बने थे। CJI के तौर पर उनका कार्यकाल 13 महीने और 15 दिनों का रहेगा।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर पर याचिकाएं, अयोध्या केस और NRC जैसे मामलों की सुनवाई की।
अयोध्या केस में अभी फैसला आना बाकी है और न्यायाधीश बोबड़े इस मामले में उनकी बेंच में शामिल हैं।