
वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की दिल्ली सरकार को फटकार, कहा- ऑड-ईवन मात्र दिखावा
क्या है खबर?
दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई है।
कोर्ट ने दिल्ली सरकार के ऑड-ईवन फॉर्मूले को महज दिखावा करार देते हुए इसे अवैज्ञानिक बताया है। कोर्ट ने कहा, "आप (दिल्ली सरकार) पहले भी ऑड-ईवन योजना ला चुके हैं, क्या ये सफल हुई? यह सब सिर्फ दिखावे के लिए है।"
कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा कि बंद स्मॉग टावर कब चालू होंगे।
सवाल
कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछे ये सवाल
कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा, "आपने अब तक कितना पर्यावरण क्षतिपूर्ति शुल्क वसूल किया है? उसका किस तरह इस्तेमाल किया है? इसका हिसाब दें। हमने अलग-अलग किस्म की गाड़ियों की पहचान के लिए अलग रंग के स्टिकर लगाने का आदेश दिया था। उस पर किसी राज्य ने जानकारी नहीं दी। डीजल गाड़ियों की पहचान कर उन्हें रोकना चाहिए। हम चाहते हैं कि दिवाली की छुट्टियों से पहले सभी पक्ष मिलकर एक बैठक करें।"
टिप्पणी
कोर्ट बोला- दिल्ली में हर साल ऐसा नहीं हो सकता
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने कहा, "दिल्ली में हर साल ये नहीं हो सकता। सब कागजों पर हो रहा है। हमने पहले से आदेश जारी कर रखा है, इसलिए ये नहीं कह सकते कि आदेश नहीं है। दिल्ली में कूड़ा जलाना बंद होना चाहिए। दिल्ली सरकार इस पर निगरानी करे। कल कैबिनेट सचिव सभी राज्यों के अधिकारियों के साथ बैठक करें। शुक्रवार तक हमें स्पष्ट तस्वीर मिले।"
इस मामले पर अगली सुनवाई अब 10 नवंबर को होगी।
प्लस
क्या है दिल्ली की ऑड-ईवन व्यवस्था?
ऑड-ईवन व्यवस्था में ऑड (विषम) तारीख को ऑड नंबर की गाड़ियां और ईवन (सम) तारीख को ईवन नंबर की गाड़ियां सड़कों पर चलती हैं।
ये गाड़ियों की नंबर प्लेट के आखिरी अंक से निर्धारित होता है। अगर आपकी गाड़ी की नंबर प्लेट का आखिरी अंक ईवन है तो आप ईवन तारीख वाले दिन गाड़ी चला सकते हैं।
इसी तरह आपकी गाड़ी का आखिरी नंबर ऑड है तो आप ऑड तारीख को गाड़ी चला सकते हैं।
ऑड ईवन
दिल्ली सरकार ने कल किया था ऑड-ईवन लागू करने का ऐलान
बता दें कि दिल्ली सरकार ने कल सोमवार को दिल्ली में 13 से 20 नवंबर तक ऑड-ईवन नियम लागू करने का ऐलान किया था।
इसके तहत 13, 15, 17 और 19 नवंबर को केवल ऑड नंबर की गाड़ियां चलेंगी और 14, 16, 18 और 20 नवंबर को केवल ईवन नंबर की गाड़ियां चलेंगी। जरूरत पड़ने पर इस व्यवस्था को 20 नवंबर से आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली में अन्य प्रतिबंध भी लागू हैं।
पुरानी टिप्पणी
कोर्ट ने पहले भी उठाए थे ऑड-ईवन पर सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 2019 में ऑड-ईवन नियम पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा था कि ऑड-ईवन प्रदूषण से निपटने में प्रभावी साबित नहीं हुआ है और इसे लागू किए जाने के बावजूद प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।
कोर्ट ने कहा था, "ऑड-ईवन एक स्थाई समाधान नहीं हो सकता, खासकर तब जब केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) का कहना है कि कारों से केवल 3 प्रतिशत प्रदूषण होता है।"
प्रदूषण
दिल्ली की हवा में हुआ मामूली सुधार
कल के मुकाबले दिल्ली में हवा की गुणवत्ता आज थोड़ी सुधरी है। राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता 6 नवंबर को 'खतरनाक' श्रेणी में थी, जो आज 'बेहद खराब' श्रेणी में लौट आई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) आज सुबह 7ः00 बजे 396 अंक दर्ज किया गया, जो कल 437 था।
आज आनंद विहार में 438, ओखला फेज-2 में 422 और रोहिणी में AQI 444 दर्ज किया गया।