
ओडिशा ट्रेन हादसा: रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ खत्म, कैसे मिनटों में आपस में भिड़ गईं 3 ट्रेनें?
क्या है खबर?
ओडिशा के बालासोर में ट्रेन हादसे में अब तक 261 लोगों की मौत हो गई है और 900 से भी ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों और मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
घटनास्थल पर चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन खत्म हो चुका है। बता दें कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज सुबह घटनास्थल का दौरा किया था।
आइये जानते हैं कि कैसे कुछ ही मिनटों में यह भयानक हादसा हुआ।
हादसा
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा बालासोर स्टेशन के पास बहानगा बाजार स्टेशन से करीब 300 मीटर दूर शाम करीब 6.55 बजे हुआ।
यहां आउटर लाइन पर एक मालगाड़ी पहले से खड़ी थी। तभी हावड़ा से आ रही ट्रेन संख्या 12841 कोरोमंडल एक्सप्रेस बहानगा बाजार स्टेशन से करीब 300 मीटर पहले पटरी से उतर गई।
इसका इंजन दूसरे ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी पर चढ़ गया और कुछ बोगियां खाली पड़े तीसरे ट्रैक पर चली गईं।
टकराई
पटरी पर पड़े डिब्बों से जा टकराई दूसरी ट्रेन
तीसरे ट्रैक पर ट्रेन संख्या 12864 बेंगलुरू-हावड़ा एक्सप्रेस आ रही थी। तेज रफ्तार से यह ट्रेन ट्रैक पर पड़ी कोरोमंडल एक्सप्रेस की बोगियों से जा टकराई।
अधिकारियों के मुताबिक, 5 मिनट के भीतर यह पूरा घटनाक्रम हुआ। हादसे में सबसे ज्यादा नुकसान कोरोमंडल एक्सप्रेस को हुआ है। सबसे ज्यादा कोच इसी ट्रेन के पलटे हैं।
ऐसे में आशंका है कि इस ट्रेन में सवार यात्रियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।
ट्विटर पोस्ट
रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
Helpline Numbers to address issues related to train-derailment at Bahanaga near #Balasore,#Odisha.@RailMinIndia @AshwiniVaishnaw @PIB_India @EastCoastRail @DRMKhurdaRoad @drmkgp pic.twitter.com/0hfl0CIyS2
— PIB in Odisha (@PIBBhubaneswar) June 2, 2023
नुकसान
किस ट्रेन के कितने कोच क्षतिग्रस्त?
कोरोमंडल एक्सप्रेस के B2 से B9 तक के कोच ट्रैक के साइड में पलट गए और A1, A2 कोच ट्रैक पर ही क्षतिग्रस्त हो गए। कोच B1 और इंजन पटरी से उतर गया।
बताया जा रहा है कि इस ट्रेन के मात्र 3 कोच ही ट्रैक पर सही-सलामत बचे।
दूसरी ओर बेंगलुरू-हावड़ा एक्सप्रेस अगला और पिछला जनरल कोच पलट गया। पीछे की 2 बोगियां भी पलटने की खबर है। कोच A1 से लेकर इंजन पटरी पर ही रहा।
जानकारी
रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ खत्म
भारतीय रेलवे के प्रवक्ता अमिताच शर्मा ने कहा कि घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है और अब रिस्टोरेशन काम शुरू होगा। उन्होंने ये भी जानकारी दी कि इस ट्रैक पर रेलवे की कवच प्रणाली उपलब्ध नहीं थी।
आंकड़ा
बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा
ट्रेन की बोगियों में अभी भी कई शव फंसे हुए हैं, जिन्हें निकाले जाने का काम चल रहा है। इससे आशंका जताई जा रही है कि मृतकों और घायलों का आंकड़ा बढ़ सकता है।
ओडिशा के मुख्य सचिव प्रदीप जेना ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 7, ओडिशा आपदा रैपिड एक्शन फोर्स की 5 टीम मौके पर है। 24 अग्निशमन दल, 30 डॉक्टर, 200 पुलिसकर्मी और 60 एंबुलेंस घटनास्थल पर भेजी गई हैं।