
सिकंदराबाद में तीन ट्रेनों में लगी आग के बीच 40 यात्रियों को कैसे सुरक्षित निकाला?
क्या है खबर?
सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए लाई गई अग्निपथ योजना का शुक्रवार को तेलंगाना में कड़ा विरोध हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन पर तीन ट्रेनों में आग लगा दी। पुलिस को भीड़ पर काबू पाने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इसमें एक युवक की मौत हो गई और 15 से अधिक लोग घायल हो गये।
हालांकि, इस दौरान रेलवे कर्मचारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए ट्रेनों में फंसे 40 यात्रियों को सुरक्षित निकाल लिया।
हमला
5,000 से अधिक युवाओं ने किया रेलवे स्टेशन पर हमला
रेलवे में एसी पावर कार मैकेनिक सुमन कुमार शर्मा ने NDTV को बताया कि सुबह 5,000 से अधिक प्रदर्शनकारी अचानक रेलवे स्टेशन में घुस आए थे।
इसके बाद उग्र प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन में हमला बोल दिया और जमकर तोड़फोड़ की।
उस दौरान उन्होंने एक यात्री ट्रेन की 40 यात्रियों से भरी एक एसी बोगी में आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन उसी दौरान उन्होंने रेलवे कर्मचारियों के सहयोग से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
ट्विटर पोस्ट
प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन को आग के हवाले किया
Anti-Agnipath protests held in Hyderabad. Train vandalised and set on fire at Secunderabad Railway Station. @TheQuint pic.twitter.com/iAQMGAlYq3
— Nikhila Henry (@NikhilaHenry) June 17, 2022
सफलता
यात्रियों को सुरक्षित निकालने में कैसे मिली सफलता?
शर्मा ने बताया कि A-1 बोगी में 40 यात्री सवार थे और उसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने बोगी पर लाठी और पत्थरों से हमला शुरू कर दिया और फिर आग लगाने का भी प्रयास किया।
उन्होंने बताया कि स्थिति को समझते हुए रेलवे कर्मचारियों ने उनके आग लगाने से पहले ही सभी यात्रियों को कोच के पीछे के दोनों दरवाजों से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने सभी यात्रियों को सुरक्षित जगह पहुंचा दिया।
भयभीत
रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ देखकर भयभीत हो गए थे यात्री
शर्मा ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर अचानक हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों को देखकर ट्रेनों में सवार यात्री भयभीत हो गए।
प्रदर्शनकारियों के स्टेशन पर तोड़फोड़ शुरू करने के बाद यात्रियों ने चिल्लाना शुरू कर दिया, लेकिन बाद में RPF जवानों ने उन्हें सुरक्षित निकालने का आश्वासन देकर शांत किया।
उन्होंने बताया कि यात्रियों को बाहर निकालने के तुरंत बाद ही प्रदर्शनकारियों ने तीन ट्रेनों की बोगियों में आग लगा दी।
पृष्ठभूमि
अग्निपथ योजना को लेकर कई राज्यों में हो रहे हैं हिंसक प्रदर्शन
बता दें कि सरकार की इस योजना के विरोध में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और तेलंगाना आदि राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं।
विरोध की शुरुआत बुधवार को बिहार और उत्तर प्रदेश से हुई थी। उसके बाद यह अन्य राज्यों में पहुंच गई।
प्रदर्शनकारियों ने बिहार में कई ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया, जबकि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश में सार्वजनिक संपत्तियों में तोड़फोड़ और अगजनी कर दी।
कारण
क्यों योजना का विरोध कर रहे हैं युवा?
योजना में भर्ती युवा स्थायी नहीं होंगे और न ही उन्हें पेंशन मिलेगी, हालांकि उन्हें चार साल बाद 10-11 लाख की एकमुश्त राशि दी जाएगी। युवाओं में इसी को लेकर सबसे अधिक आक्रोश है।
हालांकि, सरकार ने युवाओं की गलफहममियों को दूर करने के लिए गुरुवार को 'झूठ बनाम सच्चाई' दस्तावेज जारी किया था।
इसी तरह शुक्रवार को सरकार ने योजना में भर्ती के लिए उम्र को दो साल बढ़ाकर 21 से 23 करने का भी ऐलान किया है।