
'एक देश, एक चुनाव' के लिए जनता से मांगे गए सुझाव, 15 जनवरी तक दें राय
क्या है खबर?
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नेतृत्व में 'एक देश, एक चुनाव' के लिए बनी समिति ने देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए मौजूदा कानूनी प्रशासनिक ढांचे में उचित बदलाव करने के लिए जनता से सुझाव मांगे हैं।
एक सार्वजनिक नोटिस में समिति ने कहा कि 15 जनवरी तक प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा। नोटिस में आगे कहा गया है कि सुझाव समिति की आधिकारिक वेबसाइट या फिर ई-मेल पर भेजे जा सकते हैं।
विचार
समिति ने सभी राजनीतिक पार्टियों से भी मांगें थे सुझाव
सितंबर, 2023 में गठन के बाद से समिति की 2 बैठक हो चुकी है। समिति ने हाल में सभी राजनीतिक पार्टियों को पत्र लिखकर देश में एक साथ चुनाव कराने पर उनके विचार मांगे थे।
ये पत्र 6 राष्ट्रीय पार्टियों, 33 क्षेत्र पार्टियों और 7 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों को भेजा गया था। समिति ने एक साथ चुनाव कराने पर विधि आयोग के विचार भी सुने हैं।
इस मुद्दे पर विधि आयोग को दोबारा बुलाया जा सकता है।
जानकारी
जनता इस वेबसाइट और ई-मेल पर भेज सकती है सुझाव
नोटिस में कहा गया है कि 15 जनवरी तक सभी लोग अपने सुझाव समिति की आधिकारिक वेबसाइट onoe.gov.in या फिर sc-hlc@gov.in पर ई-मेल के जरिए भेज सकते हैं।
सुझाव
क्या है समिति का कार्य?
समिति का उद्देश्य संविधान के तहत मौजूदा ढांचे को ध्यान में रखते हुए लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों के लिए एक साथ चुनाव कराने के लिए सभी से चर्चा और सिफारिशें करना है।
इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए समिति संविधान, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और अन्य कानूनों और नियमों में आवश्यक बदलावों का आकलन करेगी।
लिहाजा, इसके लिए सभी राजनीतिक पार्टियों, विधि विशेषज्ञों और जनता से सुझाव लिए जा रहे हैं।
फायदा
देश में एक साथ चुनाव से क्या होगा फायदा?
केंद्र सरकार का एक साथ लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव कराने के पीछे तर्क है कि इससे चुनाव में जनता का पैसा बचेगा। साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षाबलों पर बार-बार चुनाव में पड़ने वाला बोझ कम पड़ेगा।
इसके अलावा, सरकारी नीतियों का समय पर कार्यान्वयन हो सकेगा और प्रशासनिक मशीनरी चुनावी कार्यक्रम के बजाय विकास कार्यों में ज्यादा समय दे पाएगी।
विधि आयोग ने कहा है कि देश में 2029 में एक साथ चुनाव हो सकते हैं।
प्लस
न्यूजबाइट्स प्लस
'एक देश, एक चुनाव' से आशय विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ कराए जाने से है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक साथ चुनाव 2 चरणों में करवाए जा सकते हैं। पहले चरण में लोकसभा और कुछ राज्यों की विधानसभा के लिए मतदान हो सकता है। दूसरे चरण में बाकी राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ हो सकते हैं।
अगर राज्य सरकार बीच में गिर जाती है तो दूसरी बार में अन्य राज्यों के साथ उस राज्य के दोबारा चुनाव हो सकेंगे।