
किसानों का अल्टीमेटम, कहा- चौथी बैठक में भी समाधान नहीं निकला तो होगा दिल्ली कूच
क्या है खबर?
केंद्र सरकार के खिलाफ पिछले 6 दिनों से किसानों ने मोर्चा खोल रखा है। अपनी मांगों को लेकर हजारों की संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ पंजाब और हरियाणा की शंभू बॉर्डर पर डटे हुए हैं।
चंडीगढ़ में रविवार शाम को किसान नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बीच चौथे दौर की बातचीत होनी है। इससे पहले किसानों ने ऐलान किया है कि अगर आज की बैठक में भी कोई समाधान नहीं निकाला तो वे दिल्ली कूच करेंगे।
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किसानों के ऐलान के बाद शंभू बॉर्डर पर बढ़ी हलचल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, किसानों ने शंभू बॉर्डर पर निशान साहिब लगा दिया है।
उन्होंने मंच से ऐलान किया कि ये शांति का प्रतीक है और आज बैठक बेनतीजा रही तो कल दिल्ली कूच होगा। इसके बाद शंभू बॉर्डर पर हलचल बढ़ गई है।
दूसरी तरफ पुलिस-प्रशासन ने कैथल में पंजाब और हरियाणा की सीमा से लगी सड़कों पर कंटीली तारें बिछा दी हैं। यहां करनाल डिवीजन के पुलिस महानिदेशक और कैथल पुलिस अधीक्षक ने मोर्चा संभाला हुआ है।
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शाम 5:30 बजे केंद्रीय मंत्रियों और किसानों के बीच होगी बैठक
किसान नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के बीच चंडीगढ़ में शाम 5:30 बजे चौथे दौर की बैठक निर्धारित है।
इससे पहले 8, 12 और 15 फरवरी को पिछली तीनों बैठक में किसानों की मांगों को लेकर कोई सहमति नहीं बनी।
बैठक से पहले किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि सरकार कोई समाधान चाहती है तो वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी देना वाला अध्यादेश ला सकती है और उसे अध्यादेश लाना चाहिए।
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हरियाणा के कुरुक्षेत्र में हुई महापंचायत
इस बीच रविवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) और खाप प्रतिनिधियों की एक महापंचायत हुई। इसमें निर्णय लिया गया है कि सभी किसान संगठन एकजुट होकर किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे।
किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा किसानों की मांगों को लेकर सरकार के फैसले का आज शाम तक इंतजार किया जाएगा और अगर कोई बात नहीं बनी तो सभी मिलकर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।
रोक
पंजाब के 7 जिलों में 24 फरवरी तक इंटरनेट पर पाबंदी
गृह मंत्रालय ने किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पंजाब में 7 जिलों में 24 फरवरी तक मोबाइल इंटरनेट सेवा निलंबित रखने का आदेश दिया है।
यहां पटियाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, बठिंडा, मानसा और मुक्तसर में इंटरनेट पर पाबंदी रहेगी।
इससे पहले हरियाणा सरकार ने राज्य अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जैसे 7 जिलों में 19 फरवरी तक इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई है और यहां धारा 144 भी लागू है।
मांग
प्रदर्शनकारी किसानों की क्या है मांग?
किसान अपनी कुछ प्रमुख मांगों लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और उनकी सबसे बड़ी मांग MSP को लेकर कानून बनाने की है।
इसके अलावा किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों और कृषि मजदूरों के लिए पेंशन, कृषि ऋण माफ करने, पुलिस में दर्ज मामलों को वापस लेने, लखीमपुरी खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय और किसान आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों के लिए मुआवजे की मांग भी कर रहे हैं।